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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 148627 (ALL)

KAMLESH KUMAR PATEL v. STATE OF U.P. THRU. ITS SECY. DEPTT. OF HOME AFFAIRS LKO. AND ANOTHER

A482/5336/2025 · 2025-07-16

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:40646 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5336 of 2025 Applicant :- Kamlesh Kumar Patel Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Its Secy. Deptt. Of Home Affairs Lko. And Another Counsel for Applicant :- Akhilesh Pratap Singh,Ashutosh Prakash Counsel for Opposite Party :- G.A.,Ramakar Shukla Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा दप्रारप्रा पस्ततुत पत्यतुत्तर शपर पत्र अवभिलकेख पर धलयप्रा जप्रातप्रा हहै। 2. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश अधखलकेश पतप्राप धससिंह चचौहप्रान, वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश रप्राजकेश कतु मप्रार धससिंह तरप्रा वविपकश ससिंख्यप्रा 2 कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश रमप्राकर शतुक्लप्रा कको सतुनप्रा तरप्रा पत्रप्राविलश कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 3. धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके अन्तररत पस्ततुत इस पप्राररनप्रा पत्र दप्रारप्रा मतुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 58 सन 2024, अन्तररत धिप्रारप्रा-506, 376(2)( ) n भिप्रा०दसिं०ससिं०, रप्रानप्रा-ककोहसिंडचौर,जनपद-पतप्रापरढ कके अनतुक्रम मम आरकोप पत्र वदनप्रासिंवकत 16.08.2024 कके आधिप्रार पर अवतररक धसवविल जज(अविर खसिंड)/न्यप्रावयक मधजस्टटकेट कक ससिंख्यप्रा 23, पतप्रापरढ दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 19.09.2024,धजसकके दप्रारप्रा उपरकोक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा तरप्रा पप्रारर्थी कको वविचप्रारण हकेततु तलब वकयप्रा , ककी विहैधितप्रा कको चतुनचौतश दश रयश हहै। 4. पप्राररनप्रा पत्र पर कतु छ तकर करनके कके उपरप्रासिंत पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक विह इस पप्राररनप्रा पत्र कके रतुणदकोष कके आधिप्रार पर बल नहहीं दकेनप्रा चप्राहतके हह तरप्रा पप्रारर्थी वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रत हकोकर जमप्रानत पप्राररनप्रा पत्र पस्ततुत करकेरप्रा एविसिं अपनके समस्त तकर ससिंरत स्तर पर वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक रखकेरप्रा। 5. वविदप्रान अवतररक शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके उपरकोक पप्राररनप्रा-पत्र कप्रा वविरकोधि इस आधिप्रार पर वकयप्रा हहै वक धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत ककेत्रप्राधधिकप्रार कप्रा उपयकोर करतके हहए न्यप्रायप्रालय पप्रारर्थी पर लरप्रायके रयके आरकोपपों ककी सत्यतप्रा कको नहहीं दकेख सकतश हहै। न्यप्रायप्रालय कको कके विल यह दकेखनप्रा हहै वक पत्रप्राविलश पर उपलब्धि पपत्रपों तरप्रा जप्रासिंच मम ससिंकधलत सप्राक्ष्यपों कके आधिप्रार पर पप्रारर्थी कके वविरुद्ध परम दृष्टयप्रा अपरप्राधि बनतप्रा हहै यप्रा नहहीं। 6. उपरकोक आदकेश ककी विहैधितप्रा कको चतुनचौतश इस आधिप्रार पर दश रयश हहै वक पप्रारर्थी कके वविरुद्ध लरप्रायके रयके आरकोप असत्य हह। मप्राननशय सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय कके वनणरय कम दशय जप्रासिंच ब्ययरको बनप्राम आयरन धससिंह आवद, 2023 एससशसश ऑनलप्राइन एससश 379 मम अविधिप्राररत हहै वक धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत शवकयपों कप्रा उपयकोर करतके हहए न्यप्रायप्रालय कको लघतु वविचप्रारण (वमनश टटप्रायल) करनके ककी आविश्यकतप्रा नहहीं हहै। इसमम अवभियकोजन / जप्रासिंच एजमसश कको आरकोपपों कको सप्रावबत करनके ककी आविश्यकतप्रा नहहीं हहै। दसिं०प०ससिं० ककी धिप्रारप्रा 482 कके असिंतररत शवकयपों कप्रा उपयकोर करतके समय न्यप्रायप्रालय कके पप्रास बहहत सशवमत अधधिकप्रार ककेत्र हहै और मप्रात्र यह वविचप्रार करनके ककी आविश्यकतप्रा हहै वक "क्यप्रा आरकोपश कके वविरुद्ध आरके बढनके कके धलए ककोई पयप्रारप्त सप्रामगश उपलब्धि हहै , धजसकके धलए आरकोपश पर मतुकदमप्रा चलप्रानके ककी आविश्यकतप्रा हहै यप्रा नहहीं"। 7. यह पप्राररनप्रा-पत्र इस वनदरश कके सप्रार वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हहै वक यवद पप्रारर्थी वविचप्रारण न्यप्रायलय कके समक उपसस्रत हकोकर जमप्रानत पर ररहप्राई हकेततु पप्राररनप्रा पत्र दकेतप्रा हहै तको उसके मप्राननशय उच्चतम न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा सतमदर कतु मप्रार असिंवतल बनप्राम सश.बश.आई., (2021) 10 एससशसश 773 मम अविधिप्राररत वविधधिक धसद्धप्रासिंतपों कके आलकोक मम शशघ्रतप्रापयविरक वनणर्थीत वकयप्रा जप्रायकेरप्रा। 8. तदनतुसप्रार, पप्राररनप्रा-पत्र वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। Order Date :- 16.7.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench