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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 148597 (ALL)
RANJEET SINGH AND 2 OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER
A482/5320/2025 · 2025-07-07
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 148597 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:38219 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5320 of 2025 Applicant :- Ranjeet Singh And 2 Others Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Alok Kumar Tripathi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री आललोक कक मप्रार वत्रिपप्राठश्री तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अभय कक मप्रार धससिंह कलो सकनप्रा तरप्रा पत्रिप्राविलश्री कप्रा अविललोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससिंवहतप्रा कके अन्तगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा पत्रि दप्रारप्रा मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 0691 सन 2000 अन्तगरत धिप्रारप्रा- 352, 504, 506 भप्रा०दसिं०ससिं०, रप्रानप्रा-गलोमतश्री नगर ,जनपद-लखनऊ कके अनकक्रिम मम पस्तकत आरलोप पत्रि वदनप्रासिंवकत 21.01.2021, धजसकके दप्रारप्रा उपरलोक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा तरप्रा पप्रारर्थीगण कलो वविचप्रारण हकेतक तलब वकयप्रा, ककी विवैधितप्रा कलो चकननौतश्री दश्री गयश्री हवै।
3. वविदप्रान अवतररक शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके उपरलोक पप्राररनप्रा-पत्रि कप्रा वविरलोधि इस आधिप्रार पर वकयप्रा हवै वक धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत ककेत्रिप्राधधिकप्रार कप्रा उपयलोग करतके हहए न्यप्रायप्रालय पप्रारर्थीगण पर लगप्रायके गयके आरलोपपों ककी सत्यतप्रा कलो नहहीं दकेख सकतश्री हवै। न्यप्रायप्रालय कलो कके विल यह दकेखनप्रा हवै वक पत्रिप्राविलश्री पर उपलब्धि पपत्रिपों तरप्रा जप्रासिंच मम ससिंकधलत सप्राक्ष्यपों कके आधिप्रार पर पप्रारर्थीगण कके वविरुद्ध परम दृष्टयप्रा अपरप्राधि बनतप्रा हवै यप्रा नहहीं।
4. उपरलोक आदकेश ककी विवैधितप्रा कलो चकननौतश्री इस आधिप्रार पर दश्री गयश्री हवै वक पप्रारर्थीगण कके वविरुद्ध लगप्रायके गयके आरलोप असत्य हह। मप्राननश्रीय सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय कके वनणरय कम दश्रीय जप्रासिंच ब्ययरलो बनप्राम आयरन धससिंह आवद, 2023 एससश्रीसश्री ऑनलप्राइन एससश्री 379 मम अविधिप्राररत हवै वक धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतगरत शवकयपों कप्रा उपयलोग करतके हहए न्यप्रायप्रालय कलो लघक वविचप्रारण (वमनश्री टटप्रायल) करनके ककी आविश्यकतप्रा नहहीं हवै। इसमम अवभयलोजन / जप्रासिंच
एजमसश्री कलो आरलोपपों कलो सप्रावबत करनके ककी आविश्यकतप्रा नहहीं हवै। दसिं०प०ससिं० ककी धिप्रारप्रा 482 कके असिंतगरत शवकयपों कप्रा उपयलोग करतके समय न्यप्रायप्रालय कके पप्रास बहहत सश्रीवमत अधधिकप्रार ककेत्रि हवै और मप्रात्रि यह वविचप्रार करनके ककी आविश्यकतप्रा हवै वक "क्यप्रा आरलोपश्री कके वविरुद्ध आगके बढ़नके कके धलए कलोई पयप्रारप सप्रामगश्री उपलब्धि हवै , धजसकके धलए आरलोपश्री पर मककदमप्रा चलप्रानके ककी आविश्यकतप्रा हवै यप्रा नहहीं"।
5. यह पप्राररनप्रा-पत्रि इस वनदरश कके सप्रार वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हवै वक यवद पप्रारर्थीगण वविचप्रारण न्यप्रायलय कके समक उपसस्रत हलोकर जमप्रानत पर ररहप्राई हकेतक पप्राररनप्रा पत्रि दकेतप्रा हवै तलो उसके मप्राननश्रीय उच्चतम न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा सतमदर कक मप्रार असिंवतल बनप्राम सश्री.बश्री.आई., (2021) 10 एससश्रीसश्री 773 मम अविधिप्राररत वविधधिक धसद्धप्रासिंतपों कके आललोक मम शश्रीघ्रतप्रापयविरक वनणर्थीत वकयप्रा जप्रायकेगप्रा।
6.
तदनकसप्रार, पप्राररनप्रा-पत्रि वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हवै। Order Date :- 7.7.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench