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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 148578 (ALL)

NEELAM v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER

A483/514/2025 · 2025-07-07

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:38271 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 483 No. - 514 of 2025 Applicant :- Neelam Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Raj Bahadur Singh Rawat,Durgesh Kumar Rawat,Nishant,Suman Kanoujia Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारररनन कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शन रप्राज बहप्राददर रससिंह रप्रावित , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा शन वदविप्राकर रससिंह एविसिं उच्च न्यप्रायप्रालय कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शन वविजय दनवक्षित, जजो न्यप्रायप्रालय कके अनदरजोधि पर उपससरत आए हह, कजो सदनप्रा तरप्रा पतप्राविलन कप्रा अविलजोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 दण्ड पवक्रियप्रा ससिंवहतप्रा कके अन्तररत पसतदत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारररनन नके मदकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 40 सन 2016, अन्तररत धिप्रारप्रा 498-A, 323, 504 भप्रा०दसिं०ससिं० एविसिं 3/4 दहकेज पवतषकेधि अरधिवनयम, रप्रानप्रा- ठप्राकद ररसिंज, जनपद लखनऊ, कके शनघ्र वनसतप्रारण हकेतद अपर रसवविल जज (अविर खसिंड), लखनऊ कजो वनदरश दकेनके कप्रा अनदरजोधि वकयप्रा हहै। 3. चचचूँवक उपरजोक आपरप्रारधिक पकरण विषर 2016 मम असिंवकत परम सचचनप्रा ररपजोरर कके आधिप्रार पर विषर 2017 सके लसिंवबत हहै, इस न्यप्रायप्रालय नके उच्च न्यप्रायप्रालय कके अरधिविकप्रा शन वविजय दनवक्षित सके पकरण मम ससिंरत अनददकेश पप्राप कर न्यप्रायप्रालय कजो विसतदससरवत सके अविरत करप्रानके कप्रा अनदरजोधि वकयप्रा रप्रा। 4. शन दनवक्षित नके उनकजो पप्राप अनददकेशशों तरप्रा पतप्राविलन कके सप्रार ससिंलग वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके आदकेश पत कके आधिप्रार पर बतप्रायप्रा वक इस पकरण मम वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके वदनप्रासिंक 21.01.2019 कजो आरजोप वविरवचत वकए रके तरप्रा अवभयजोजन सप्राक्षिन ससिंख्यप्रा-1 (यप्रावचकप्राकतप्रार) कजो सप्राक्ष्य असिंवकत करविप्रानके हकेतद समन जप्रारन वकयप्रा रप्रा। अनकेकशों बप्रार समन वकए जप्रानके कके बप्राद भन यप्रावचकप्राकतर्ती नके सम्यक तत्पतप्रार सके अपनप्रा सप्राक्ष्य असिंवकत नहहीं करविप्रायप्रा तरप्रा उसकप्रा सप्राक्ष्य वदनप्रासिंक 13.02.2023 सके 20.11.2023 तक असिंवकत हहआ। इसकके बप्राद पदननः अवभयजोजन सप्राक्षिन न्यप्रायप्रालय ककेकेके समक्षि उपससरत नहहीं हहए एविसिं वदनप्रासिंक 06.07.2024 कजो अवभयजोजन सप्राक्षिन ससिंख्यप्रा 2 तरप्रा 3 कजो समन भकेजके रए, जब अवभयजोजन सप्राक्षिन समन कके अनदपप्रालन मम उपससरत नहहीं हहए तजो वदनप्रासिंक 28.01.2025 कजो अवभयजोजन सप्राक्षिन ससिंख्यप्रा 3, 4, 5 तरप्रा 6 कजो उनकप्रा सप्राक्ष्य असिंवकत करप्रानके हकेतद जमप्रानतन विप्रारसिंर वनररत वकए रए , वकन्तद अभन तक अवभयजोजन सप्राक्षिन ससिंख्यप्रा 2,3,4 तरप्रा 5 अपनप्रा बयप्रान असिंवकत करप्रानके कके रलए वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक्षि उपससरवत नहहीं हहए हह। 5. शन वविजय दनवक्षित नके यह भन सचवचत वकयप्रा वक इसकके पचविर यप्रावचकप्राकतर्ती नके धिप्रारप्रा 483 दसिं०प०ससिं० कके अन्तररत पप्राररनप्रा पत ससिंख्यप्रा 414 सनन् 2023 पसतदत वकयप्रा रप्रा , रजसमम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 24.07.2023 सके इस न्यप्रायप्रालय नके आपरप्रारधिक वविचप्रारण ककी कप्रायरविप्राहन त्विररत रूप सके वनसतप्राररत करनके कप्रा वनदरश वदयप्रा रप्रा। 6. यद्यवप उपरजोक आदकेश ककी पवत इस पप्राररनप्रा पत कके सप्रार ससिंलग हहै , न तजो इस तथ्य कप्रा कजोई उलकेख यप्रावचकप्रा मम वकयप्रा रयप्रा हहै और न हन उपरजोक आदकेश पर कजोई सलसिंगक ससिंख्यप्रा हहै। शन दनवक्षित नके कहप्रा वक यप्रावचकप्राकतर्ती पचविर पप्राररत यप्रावचकप्रा कके करन कजो यप्रावचकप्रा मम असिंवकत करकके नहहीं आई हहै तरप्रा इस पकप्रार उसनके पप्राससिंवरत तथ्यशों कजो यप्रावचकप्रा मम नहहीं वदखप्रायप्रा हहै। 7. उपरजोक तथ्यशों कके दृवष्टिरत, जबवक इस न्यप्रायप्रालय सके आपरप्रारधिक विप्राद ककी कप्रायरविप्राहन कजो त्विररत रूप सके वनसतप्राररत करनके कके रलए पचविर मम हन वदनप्रासिंक 24.07.2023 कजो आदकेश पप्राररत हजो चदकप्रा हहै एविसिं आदकेश -पत सके ऐसप्रा पतनत हजोतप्रा हहै वक यप्रावचकप्राकतर्ती सवियसिं हन आपरप्रारधिक विप्राद कके शनघ्र वनसतप्रारण मके रूवच नहहीं लके रहन हहै , इस दचसरन यप्रावचकप्रा मम वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कजो पदननः कजोई वनदरश दकेनके कप्रा कजोई औवचत्य पतनत नहहीं हजोतप्रा हहै। 8. उपरजोक समनक्षिप्रा कके आलजोक मम यह यप्रावचकप्रा बलहनन हहै एविसिं वनरसत ककी जप्रातन हहै। 9. वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय सके यह अपकेक्षिप्रा ककी जप्रातन हहै वक विह धिप्रारप्रा 483 दसिं०प०ससिं० कके अन्तररत पसतदत पप्राररनप्रा पत ससिंख्यप्रा 414/2023 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 24.07.2023 कप्रा अनदपप्रालन करनप्रा सदवनसशचत करमरके एविसिं यवद यप्रावचकप्राकतर्ती अरविप्रा उसकके सप्राक्षिनरण वविचप्रारण मम सहयजोर नहहीं करतके हह तजो ऐसन पररससरवत कप्रा ससिंजप्रान लकेतके हहए भन वविरधिनदसप्रार सम्यक तत्परतप्रा सके कप्रायरविप्राहन ककी जप्राएरन। Order Date :- 7.7.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench