Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 148560 (ALL)

DEEPAK @ DEEPAK KUMAR AND 2 OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. ITS SECY. DEPTT. OF HOME LKO. AND ANOTHER

A482/5311/2025 · 2025-07-03

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:37753 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5311 of 2025 Applicant :- Deepak @ Deepak Kumar And 2 Others Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Its Secy. Deptt. Of Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Ravindra Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. वविपकक्षी कके अधधिविकक्ता नके एक लघघु प्रवतिशपथ पत्र प्रस्तिघुति वकयक्ता , धजिसके अवभिलकेख पर धलयक्ता जिक्तातिक्ता हहै। 2. प्रक्ताथर्थीगण कके वविदक्तान अधधिविकक्ता शक्षी रविवींद्र शघुक्लक्ता , वविदक्तान अपर शक्तासककीय अधधिविकक्ता शक्षी एविवं वविपकक्षी सवंख्यक्ता 2 कके वविदक्तान अधधिविकक्ता शक्षी कके .कके . धसवंह कक सघुनक्ता तिथक्ता पत्रक्ताविलक्षी कक्ता अविलककन वकयक्ता। 3. धिक्तारक्ता 482 दण्ड प्रवक्रियक्ता सवंवहतिक्ता कके अन्तिगरति प्रस्तिघुति इस प्रक्ताथरनक्ता पत्र दक्तारक्ता प्रक्ताथर्थीगण नके प्रथम ससूचनक्ता ररपकरर सवंख्यक्ता 295 सन 2021 अन्तिगरति धिक्तारक्ता 376, 354, 323, 336, 504, 506 भिक्ता०दवं०सवं०, थक्तानक्ता दकस्तिपघुर, जिनपद सघुल्तिक्तानपघुर कके अनघुक्रिम मम प्रस्तिघुति आरकप पत्र वदनक्तावंक 13.03.2022 तिथक्ता उक कके आधिक्तार पर आपरक्ताधधिक विक्ताद सवंख्यक्ता 2402 सन 2022 मम वविदक्तान अवतिररक मघुख्य न्यक्तावयक मधजिस्रटकेर (वदतिक्षीय), कक सवंख्यक्ता 18, सघुल्तिक्तानपघुर दक्तारक्ता पक्ताररति आदकेश वदनक्तावंक 23.03.2022, धजिससके उक अपरक्ताधि कक्ता सवंजक्तान धलयक्ता एविवं प्रक्ताथर्थीगण कक वविचक्तारण कके धलए तिलब वकयक्ता गयक्ता , कके वनरस्तिक्षीकरण ककी प्रक्ताथरनक्ता इस आधिक्तार पर ककी गई हहै वक पकक्षों कके मध्य वदनक्तावंक 06.06.2025 कक समझझौतिक्ता हक गयक्ता हहै। 4. प्रक्ताथर्थी सवंख्यक्ता 1 सके 3 तिथक्ता वविपकक्षी सवंख्यक्ता 2 कके दक्तारक्ता वनष्पक्तावदति मसूल सघुलहनक्तामक्ता प्रक्ताथरनक्ता-पत्र कके सक्ताथ सवंलग्न हहै धजिसमम यह कहक्ता गयक्ता हहै वक प्रथम पक नके वदतिक्षीय पक सके शक्तादक्षी कर लक्षी हहै और वदतिक्षीय पक , प्रथम पक कक अपनक्ता पवति स्विक्षीकक्तार कर धलयक्ता तिथक्ता दकनक्षों पवति -पत्नक्षी ककी तिरह रह रहके हह और अब विह मघुकदमके ककी कक्तायरविक्ताहक्षी कक आगके नहवीं बढक्तानक्ता चक्ताहतिके हह। 5. वविपकक्षी सवंख्यक्ता 2 नके एक लघघु प्रवतिशपथ-पत्र प्रस्तिघुति करकके प्रक्ताथरनक्ता-पत्र कक्ता समथरन वकयक्ता हहै। 6. बहकरक्षी लक्ताल बनक्ताम उत्तर प्रदकेश रक्ताज्य और अन्य ; 2024 एससक्षीसक्षी ऑनलक्ताइन इलक्ताहक्ताबद 4596 मम इस न्यक्तायक्तालय नके धिक्तारक्ता 482 दण्ड प्रवक्रियक्ता सवंवहतिक्ता ककी व्यक्तापकतिक्ता ककी जिक्तावंच करतिके हहए मक्ताननक्षीय सविर्वोच्च न्यक्तायक्तालय दक्तारक्ता दक्सक्ताबकेन बनक्ताम गघुजिरक्ताति रक्ताज्य 2022 एससक्षीसक्षी ऑनलक्ताइन एससक्षी 936, पक्षी. रक्तामचवंद्र रक्तावि बनक्ताम कनक्ताररक रक्ताज्य, (2002) 4 एससक्षीसक्षी 578, नररवंदर धसवंह बनक्ताम पवंजिक्ताब रक्ताज्य, (2014) 6 एससक्षीसक्षी 466, परबतिभिक्ताई अहक्षीर बनक्ताम गघुजिरक्ताति रक्ताज्य, (2017) 9 एससक्षीसक्षी 641, पक्षी. धिमररक्ताजि बनक्ताम षणमघुगम, 2022 एससक्षीसक्षी ऑनलक्ताइन एससक्षी 1186, मध्य प्रदकेश रक्ताज्य बनक्ताम लक्ष्मक्षी नक्तारक्तायण, (2019) 5 एससक्षीसक्षी 688, रक्तामगकपक्ताल बनक्ताम मध्य प्रदकेश रक्ताज्य, (2022) 14 एससक्षीसक्षी 531, रक्तामक्तावितिक्तार बनक्ताम मध्य प्रदकेश रक्ताज्य, (2022) 13 एससक्षीसक्षी 635 और कवपल गघुपक्ता बनक्ताम रक्ताज्य (वदलक्षी एनसक्षीरक्षी ), 2022 एससक्षीसक्षी ऑनलक्ताइन एससक्षी 1030 कके वनणरयक्षों कक्ता अविलककन वकयक्ता हहै और उन वनणरयक्षों सके यह धसदक्तावंति वनकक्तालके हह वक धिक्तारक्ता 482 दवं०प्र०सवं० दक्तारक्ता मक्तान्यतिक्ता प्रक्ताप उच्च न्यक्तायक्तालयक्षों ककी अन्तिवनरवहति शवकयक्तावं व्यक्तापक हह तिथक्ता विके लगभिग सभिक्षी सस्थवतियक्षों कक्ता ध्यक्तान रख सकतिक्षी हह, जिहक्तावं वकसक्षी परक्षीकण, जिक्तावंच यक्ता कक्तायरविक्ताहक्षी मम उच्च न्यक्तायक्तालय दक्तारक्ता हस्तिककेप आविश्यक हक जिक्तातिक्ता हहै , वकन्तिघु इस शवक कक्ता प्रयकग वविविकेकपसूणर तिथक्ता सचकेति रूप सके वकयक्ता जिक्तानक्ता चक्तावहए। उच्च न्यक्तायक्तालय धिक्तारक्ता 482 दवं०प्र०सवं० कके अवंतिगरति अपनके अधधिकक्तार ककेत्र कक्ता प्रयकग कर प्रथम ससूचनक्ता ररपकरर और वविविकेचनक्ता कक रद कर सकतिके हह तिथक्ता यवद न्यक्तावयक प्रवक्रियक्ता कके दघुरुपयकग कक्ता मक्तामलक्ता स्पष्ट रूप सके बनतिक्ता हहै तिक आपरक्ताधधिक कक्तायरविक्ताहक्षी कक समक्ताप कर सकतिके हह। आपरक्ताधधिक कक्तायरविक्ताहक्षी कक रद करनके कके सवंदभिर मम ऐसक्षी शवकयक्षों कक्ता प्रयकग सक्ताविधिक्तानक्षी सके वकयक्ता जिक्तानक्ता चक्तावहए, धजिसमम समक्ताजि ककी अन्तिश्चकेतिनक्ता पर अपरक्ताधि ककी प्रकक वति और प्रभिक्तावि; चकर ककी गवंभिक्षीरतिक्ता, अवभियघुक और पक्षीवड़िति कके बक्षीच समझझौतिके ककी स्विहैसच्च्छिक प्रकक वति, अवभियघुक व्यवकयक्षों कक्ता आचरण और अन्य प्रक्तासवंवगक वविचक्तार शक्तावमल हक्षों। यद्यवप न्यक्तायक्तालयक्षों कक जिघन्य और गवंभिक्षीर अपरक्ताधिक्षों सके सवंबवंधधिति कक्तायरविक्ताहक्षी कक रद करनके कक्ता कक्तायर सक्ताविधिक्तानक्षी सके करनक्ता चक्तावहए , लकेवकन उच्च न्यक्तायक्तालय कक यह जिक्तावंच करनके सके नहवीं रककक्ता जिक्ता सकतिक्ता हहै वक क्यक्ता पयक्तारप सक्ताक्ष्य हह जिक आरकपक्षों कक धसद करनके मम सहक्तायक हक सकतिके हह। उच्च न्यक्तायक्तालय उन मक्तामलक्षों मम भिक्षी कक्तायरविक्ताहक्षी कक रद कर सकतिक्ता हहै जिहक्तावं पकक्षों नके आजिक्षीविन कक्तारक्ताविक्तास ककी अधधिकतिम सजिक्ता विक्तालके जिघन्य अपरक्ताधि कके धलए दकषधसद कके बक्ताद समझझौतिक्ता कर धलयक्ता हहै। धिक्तारक्ता 482 दवं०प्र०सवं० कके अवंतिगरति अन्तिवनरवहति शवकयक्षों कक्ता प्रयकग करनके ककी उदकेश्य न्यक्ताय कके उदश्यक्षों कक सघुरवकति करनक्ता हकगक्ता। उच्च न्यक्तायक्तालय ककी पयक्तारप न्यक्ताय करनके ककी शवकयक्षों कक प्रवतिबवंधधिति करनके विक्तालक्ता ककई प्रवतिबवंधिक वनयम नहवीं हक सकतिक्ता हहै, क्यक्षोंवक धिक्तारक्ता 482 दवं०प्र०सवं० कके तिहति वनवहति शवकयक्षों कक्ता प्रवतिबवंधिक्तात्मक वनविरचन गवंभिक्षीर अन्यक्ताय कक्ता कक्तारण बन सकतिक्ता हहै। 7. कके ० धिवंदक्तापक्तानक्षी बनक्ताम रक्ताज्य, 2022 एससक्षीसक्षी ऑनलक्ताइन एससक्षी 1056 मक्तामलके मम यझौन अपरक्ताधिक्षों सके बक्तालकक्षों कक्ता सवंरकण (POCSO) अधधिवनयम, 2012 ककी धिक्तारक्ता 5(j)(ii) कके सक्ताथ धिक्तारक्ता 6, 5(I) कके सक्ताथ धिक्तारक्ता 6 और 5(n) कके सक्ताथ धिक्तारक्ता 6 कके तिहति एक प्रथम ससूचनक्ता ररपकरर दजिर ककी गई थक्षी , धजिसमम आरकप लगक्तायक्ता गयक्ता थक्ता वक अपक्षीलकतिक्तार जिक पक्षीवड़ितिक्ता कक्ता मक्तामक्ता हहै , नके पक्षीवड़ितिक्ता सके शक्तादक्षी करनके कक्ता झसूठक्ता विक्तादक्ता करकके उसकके सक्ताथ शक्तारक्षीररक सवंबवंधि बनक्ताए , जिक बलक्तात्कक्तार कके बरक्ताबर थक्ता। उसके दकषधसद घकवषति करतिके हहए सत्र न्यक्तायक्तालय नके 10 विषर कके कठकर कक्तारक्ताविक्तास ककी सजिक्ता सघुनक्ताई। उच्च न्यक्तायक्तालय नके दकषधसवद और सजिक्ता कक बरकरक्तार रखक्ता। मक्ताननक्षीय सविर्वोच्च न्यक्तायक्तालय कके समक अपक्षील मम यह वनविकेवदति वकयक्ता गयक्ता वक अपक्षीलकतिक्तार कके धखलक्ताफ यह आरकप थक्ता वक उसनके पक्षीवड़ितिक्ता सके वविविक्ताह करनके कके विक्तादके पर उसकके सक्ताथ शक्तारक्षीररक सवंबवंधि बनक्ताए थके, जिबवक विक्तास्तिवि मम उसनके पक्षीवड़ितिक्ता सके वविविक्ताह वकयक्ता थक्ता , उनकके दक बच्चके थके, उनककी दकेखभिक्ताल अपक्षीलकतिक्तार दक्तारक्ता ककी जिक्ता रहक्षी थक्षी और विह एक खघुशहक्ताल वविविक्तावहति जिक्षीविन जिक्षी रहक्षी थक्षी। पक्षीवड़ितिक्ता अपरक्ताधि ककी वतिधथ पर 14 विषर ककी थक्षी और उसनके 15 विषर ककी आयघु मम पहलके बच्चके कक जिन्म वदयक्ता और दसूसरके बच्चके कक जिन्म 17 विषर ककी आयघु मम वदयक्ता। इन तिथ्यक्षों पर वविचक्तार करनके कके बक्ताद, मक्ताननक्षीय उच्चतिम न्यक्तायक्तालय नके बक्ताद ककी घरनक्ताओवं कके मदकेनजिर अपक्षीलकतिक्तार ककी सजिक्ता कक यह कहतिके हहए रद कर वदयक्ता वक न्यक्तायक्तालय विक्तास्तिवविक सस्थवतियक्षों सके अपनक्षी आआँखम नहवीं मसूवंद सकतिक्ता और अपक्षीलकतिक्तार और अवभियककक्ता कके खघुशहक्ताल पक्ताररविक्ताररक जिक्षीविन कक बक्ताधधिति नहवीं कर सकतिक्ता। तिथक्तावप, मक्ताननक्षीय सविर्वोच्च न्यक्तायक्तालय नके यह भिक्षी व्यक वकयक्ता थक्ता वक यह आदकेश पसूविर उदक्ताहरण नहवीं मक्तानक्ता जिक्ताएगक्ता। 8. अतितः उच्च न्यक्तायक्तालय पर वकसक्षी उवचति मक्तामलके मम पकक्षों कके बक्षीच हहए समझझौतिके कके आधिक्तार पर बलक्तात्कक्तार जिहैसके जिघन्य अपरक्ताधिक्षों मम भिक्षी आपरक्ताधधिक कक्तायरविक्ताहक्षी कक रद करनके पर ककई पसूणर प्रवतिबवंधि नहवीं हहै और प्रत्यकेक मक्तामलके ककी उसकके तिथ्यक्षों और पररसस्थवतियक्षों कके आधिक्तार पर जिक्तावंच ककी जिक्तानक्षी चक्तावहए। जिब हम उपरकक मक्तामलक्षों मम मक्ताननक्षीय सविर्वोच्च न्यक्तायक्तालय दक्तारक्ता वनधिक्तारररति कक्तानसून कके प्रकक्ताश मम वितिरमक्तान मक्तामलके कके तिथ्यक्षों ककी जिक्तावंच करतिके हह , तिक यह प्रतिक्षीति हकतिक्ता हहै वक पक्षीवड़ितिक्ता तिथक्ता प्रक्ताथर्थी आपस मम वविविक्ताह करकके सघुख शक्तासन्ति सके रह रहके हह। ऐसक्षी पररसस्थवति मम प्रक्ताथर्थी कके वविरुद आपरक्ताधधिक कक्तायरविक्ताहक्षी चलक्तानक्ता वकसक्षी भिक्षी प्रकक्तार सके न्यक्तायवहति मम नहवीं हकगक्ता। 9. तिदनघुसक्तार, प्रक्ताथरनक्ता पत्र स्विक्षीकक्तार वकयक्ता जिक्तातिक्ता हहै। प्रथम ससूचनक्ता ररपकरर सवंख्यक्ता 295 सन 2021 अन्तिगरति धिक्तारक्ता 376, 354, 323, 336, 504, 506 भिक्ता०दवं०सवं०, थक्तानक्ता दकस्तिपघुर, जिनपद सघुल्तिक्तानपघुर कके अनघुक्रिम मम प्रस्तिघुति आरकप पत्र वदनक्तावंक 13.03.2022 तिथक्ता उक कके आधिक्तार पर आपरक्ताधधिक विक्ताद सवंख्यक्ता 2402 सन 2022 मम वविदक्तान अवतिररक मघुख्य न्यक्तावयक मधजिस्रटकेर (वदतिक्षीय), कक सवंख्यक्ता 18, सघुल्तिक्तानपघुर दक्तारक्ता पक्ताररति आदकेश वदनक्तावंक 23.03.2022, धजिससके उक अपरक्ताधि कक्ता सवंजक्तान धलयक्ता एविवं प्रक्ताथर्थीगण कक वविचक्तारण कके धलए तिलब वकयक्ता गयक्ता, ककी सवंपसूणर कक्तायरविक्ताहक्षी प्रक्ताथर्थीगण कके वविरुद वनरस्ति ककी जिक्तातिक्षी हहै। Order Date :- 3.7.2025/Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench