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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 148256 (ALL)

ATUL CHAUDHARY v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER

A482/5283/2025 · 2025-07-08

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:38616 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5283 of 2025 Applicant :- Atul Chaudhary Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Shyam Mohan Upadhyay Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री श्यप्राम ममोहन उपप्राध्यप्राय तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा कमो ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलमोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससंवहतप्रा कके असंतररत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके अपर सत न्यप्रायप्राधिश्रीश / वविशकेष न्यप्रायप्राधिश्रीश अनन्य रूप सके पपॉक्समो, शप्राविस्तश्री दप्रारप्रा वविशकेष विप्राद ससंख्यप्रा 05 सन 2019 मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 03 सन 2019 धिप्रारप्रा 3(1) उ०प० वररमोहबन्द एविसं समप्राज वविरमोधिश्री वक्रियप्राकलप्राप अधधिवनयम रप्रानप्रा इककौनप्रा जनपद शप्राविस्तश्री मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासंक 12.08.2024 ककी विवैधितप्रा कमो चसुनकौतश्री दश्री हवै, धजसकके दप्रारप्रा पप्रारर्थी कके वविरुद्ध रवैर जमप्रानतश्रीय अधधिपत वनररत हहआ तरप्रा धिप्रारप्रा 82 दसं०प०ससं० ककी कप्रायरविप्राहश्री आरसंभ ककी रयश्री। 3. इसकके पपूविर पप्रारर्थी नके उक पकरण मम पस्तसुत आरमोप -पत वदनप्रासंक 05.11.2019 तरप्रा अपरप्राधि कप्रा ससंजप्रान एविसं तलब वकयके जप्रानके कप्रा आदकेश वदनप्रासंक 22.11.2019 ककी विवैधितप्रा कमो धिप्रारप्रा 482 दसं०प०ससं० कके असंतररत पस्तसुत पप्राररनप्रा -पत ससंख्यप्रा 4863 सन 2021 दप्रारप्रा चसुनकौतश्री दश्री रश्री। उक यप्रावचकप्रा मम पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके एक सह -अवभयसुक दप्रारप्रा धिप्रारप्रा 482 दसं०प०ससं० कके असंतररत पस्तसुत पप्राररनप्रा-पत ससंख्यप्रा 3184 सन 2020 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासंक 07.01.2021 कप्रा आशय धलयप्रा, धजसकके दप्रारप्रा उक सह-अवभयसुक कमो उन्ममोचन हकेतसु पप्राररनप्रा-पत पस्तसुत करनके ककी छपू ट दश्री रयश्री। इसश्री आधिप्रार पर पप्रारर्थी कमो भश्री आदकेश वदनप्रासंक 27.11.2024 दप्रारप्रा 4 सपप्राह कके असंदर उन्ममोचन पप्राररनप्रा-पत पस्तसुत करनके ककी छपू ट दश्री रयश्री। 4. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके तकर वदयप्रा वक पप्रारर्थी कमो उक आदकेश ककी जप्रानकप्रारश्री नहह हमो पप्रायश्री इसधलए विह उन्ममोचन पप्राररनप्रा-पत पस्तसुत नहह कर सकप्रा और इसश्री कप्रारण पप्रारर्थी नके यह वदतश्रीय पप्राररनप्रा-पत पस्तसुत वकयप्रा हवै। 5. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके तकर वदयप्रा वक वविनमोद कसु मप्रार बनप्राम भप्रारत ससंघ 2021 SCC ऑनलप्राइन ससुपश्रीम कमोटर 559 मम मप्राननश्रीय उच्चतम न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा यह अविधिप्राररत वकयप्रा रयप्रा हवै वक धिप्रारप्रा 482 दसं०प०ससं० कके असंतररत वदतश्रीय पप्राररनप्रा-पत भश्री पमोषणश्रीय हमोरप्रा। वविनमोद कसु मप्रार कके पकरण मम पप्रारर्थी दप्रारप्रा धिप्रारप्रा 482 दसं०प०ससं० कके असंतररत पस्तसुत परम पप्राररनप्रा-पत विप्रापस लके धलयप्रा रयप्रा रप्रा। पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके ससुपररसंटमडमट एण्ड ररममबरमस ऑफ लश्रीरल अफके यसर पशश्चम बसंरप्राल बनप्राम ममोहन धससंह (1975) 3 SCC 706 कके वनणरय कप्रा आशय धलयप्रा, धजसमम यह अविधिप्राररत वकयप्रा हवै वक यवद पकरण कके तथ्ययों कके आधिप्रार पर धिप्रारप्रा 482 दसं०प०ससं० कके असंतररत दपूसरश्री यप्रावचकप्रा पस्तसुत करनप्रा बप्राधधित न हमो तमो दपूसरश्री यप्रावचकप्रा पमोषणश्रीय हमोरश्री। वविनमोद कसु मप्रार कके पकरण मम चपूसंवक परम यप्रावचकप्रा विप्रापस लके लश्री रयश्री रश्री तमो ऐसश्री पररशस्रवत मम मप्राननश्रीय उच्चतम न्यप्रायप्रालय नके अविधिप्राररत वकयप्रा वक दपूसरश्री यप्रावचकप्रा पमोषणश्रीय हमोरश्री। पस्तसुत पकरण मम पहलश्री यप्रावचकप्रा यप्रावचकप्राकतप्रार दप्रारप्रा विप्रापस नहह लश्री रयश्री रश्री अवपतसु यप्रावचकप्राकतप्रार कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके एक सह-अवभयसुक दप्रारप्रा पस्तसुत यप्रावचकप्रा 3184 सन 2020 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासंक 07.01.2021 कप्रा लप्राभ पप्रारर्थी कमो वदयके जप्रानके कप्रा अनसुरमोधि वकयप्रा रप्रा , जमो अनसुरमोधि इस न्यप्रायप्रालय नके स्विश्रीकप्रार कर धलयप्रा रप्रा। 6. जबवक पप्रारर्थी कके अनसुरमोधि पर उसकमो 4 सपप्राह मम वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक उपशस्रत हमोकर उन्ममोचन पप्राररनप्रा-पत पस्तसुत करनके ककी छपू ट आदकेश वदनप्रासंक 27.11.2021 कमो दश्री रयश्री रश्री , धजस छपू ट कप्रा पप्रारर्थी नके लप्राभ नहह उठप्रायप्रा तमो ऐसश्री पररशस्रवत मम वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध रवैर जमप्रानतश्री अधधिपत वनररत वकयप्रा, जमो वक ससंजप्रान तरप्रा समन कके आदकेश कके हश्री अनसुक्रिम मम पप्राररत हहआ हवै। 7. उपरमोक पररशस्रवतययों मम वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके पप्रारर्थी ककी अनसुपशस्रवत कके कप्रारण रवैर जमप्रानतश्री अधधिपत एविसं धिप्रारप्रा 82 दसं०प०ससं ककी कप्रायरविप्राहश्री ससंशस्रत करनके मम कमोई अविवैधिप्रावनकतप्रा कप्राररत नहह ककी। वविशकेषकर जबवक पप्रारर्थी नके आदकेश वदनप्रासंक 27.11.2021 कके अनसुपप्रालन मम वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक उपशस्रत हमोकर उन्ममोचन पप्राररनप्रा -पत पस्तसुत नहह वकयप्रा हवै, न्यप्रायप्रालय धिप्रारप्रा 482 दसं०प०ससं० कके असंतररत पस्तसुत इस दपूसरश्री यप्रावचकप्रा मम हस्तककेप करनके कप्रा कमोई औवचत्य नहह पप्रातश्री हवै। 8. उपरमोक समश्रीकप्रा कके आलमोक मम यह पप्राररनप्रा-पत वनरस्त वकयप्रा जप्रातप्रा हवै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 8.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench