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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 147959 (ALL)
BHUPENDRA SINGH @ ASHISH SINGH v. THE STATE OF U.P. THRU. THE PRIN. SECY. DEPTT. OF HOME LKO. AND ANOTHER
A482/5292/2025 · 2025-07-03
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 147959 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:37652 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5292 of 2025 Applicant :- Bhupendra Singh @ Ashish Singh Opposite Party :- The State Of U.P. Thru. The Prin. Secy. Deptt. Of Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Ranjeet Pratap Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ररंजश्रीत पतप्राप धसरंह , वविदप्रान अवतररक शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धसरंह चचौहप्रान कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रयप्रा सरंवहतप्रा कके अन्तगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थीगण नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर सरंख्यप्रा 176 सन 2021, अन्तगरत धिप्रारप्रा- 419, 420, 465, 467, 471 भप्रा०दरं०सरं० और ससूचनप्रा पचौदकोवगककी सरंशकोधिन अधधिवनयम, 2008 ककी धिप्रारप्रा 66-C तरप्रा 66-D, रप्रानप्रा बक्शश्री कप्रा तप्रालप्राब , जनपद लखनऊ कके अनसुक्रम मम पस्तसुत आरकोप पत वदनप्रारंक 25.07.2021 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर आपरप्राधधिक विप्राद सरंख्यप्रा 40422 सन 2021 मम वविदप्रान वविशकेष मसुख्य न्यप्रावयक मधजस्रटकेर, लखनऊ दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रारंक 09.07.2024 ककी विवैधितप्रा कको चसुनचौतश्री दश्री हवै , धजसकके दप्रारप्रा पप्रारर्थी ककी अनसुपसस्रवत कके कप्रारण उसकके वविरुद्ध गवैर जमप्रानतश्री विप्राररंर वनगरत वकयप्रा गयप्रा। इसकके बप्राद वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय मम अनकेक वतधरयप्रारं लगश्री हह , वकन्तसु पप्रारर्थी ककी अनसुपसस्रवत कके कप्रारण पसूविर आदकेश कके अनसुपप्रालन मम गवैर जमप्रानतश्री विप्राररंर वनगरत करनके कप्रा आदकेश बरप्राबर हकोतप्रा रहप्रा हवै।
3. पप्रारर्थी कको वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक्ष उपसस्रवत हकोनके कके उपरप्रारंत जमप्रानत पर ररहप्रा कर वदयप्रा गयप्रा रप्रा तरप्रा जब विह न्यप्रायप्रालय कके समक्ष वनयत वतधर पर उपसस्रवत नहहीं हहआ तको ऐसश्री पररसस्रवत मम वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके गवैर जमप्रानतश्री विप्राररंर वनगरत करनके मम ककोई अविवैधिप्रावनकतप्रा कप्राररत नहहीं ककी हवै।
4. पप्रारप्रारनप्रा पत सके सप्रार पस्तसुत शपर पत कके पस्तर 11 मम कहप्रा गयप्रा हवै वक
सह-अवभयसुक धिमरन्द्र यप्रादवि पकरण ककी पवैरविश्री कर रहप्रा रप्रा तरप्रा उसकके वविरुद्ध भश्री गवैर जमप्रानतश्री विप्राररंर वनगरत हहआ रप्रा। उक सह -अवभयसुक नके वबनप्रा पप्रारर्थी ककी जप्रानकप्रारश्री वदए हहए वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक्ष उपसस्रवत हकोकर अपनप्रा गवैर जमप्रानतश्री विप्राररंर कको विप्रापस धलए जप्रानके हकेतसु पप्राररनप्रा पत वदयप्रा , जको वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा स्विश्रीकप्रार कर धलयप्रा गयप्रा हवै।
5. ऐसश्री पररसस्रवत मम पप्रारर्थी कके धलए भश्री यहश्री उवचत हकोगप्रा वक विह वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक्ष उपसस्रत हकोकर गवैर जमप्रानतश्री विप्राररंर विप्रापस धलए जप्रानके हकेतसु पप्राररनप्रा पत दके तरप्रा इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा इस पकरण मम वकसश्री हस्तक्षकेप ककी आविश्यकतप्रा पतश्रीत नहहीं हकोतश्री हवै।
6.
यवद पप्रारर्थी वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक्ष उपसस्रत हकोकर गवैर जमप्रानतश्री विप्राररंर विप्रापसश्री हकेतसु पप्राररनप्रा पत पस्तसुत करतप्रा हवै तको न्यप्रायप्रालय सह -अवभयसुक धिमररंद्र यप्रादवि कके सरंबरंधि मम पप्राररत आदकेश कको ध्यप्रान मम रखतके हहए पप्रारर्थी कके पप्राररनप्रा पत कप्रा वनस्तप्रारण शश्रीघ्रतप्रापसूविरक वविधधिनसुसप्रार करकेगश्री।
7. उपरकोक वरप्पणश्री कके सप्रार यह यप्रावचकप्रा वनरस्त ककी जप्रातश्री हवै। Order Date :- 3.7.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench