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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 147713 (ALL)

KANHAIYA LAL ALIAS KANHAIYALAL AND 3 OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 3 OTHERS

NA528/644/2025 · 2025-07-04

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:37996 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 644 of 2025 Applicant :- Kanhaiya Lal Alias Kanhaiyalal And 3 Others Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Home Deptt. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Anil Kumar Yadav,Devansh Singh Chauhan,Manoj Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री दकेविप्रावांश धसवांह चचौहप्रान तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री वदविप्राकर धसवांह कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 528 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा सवांवहतप्रा कके अवांतगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा -पत दप्रारप्रा पप्रारर्थीगण नके उप -धजिलप्रा मधजिस्टटकेट , वमधशख, सश्रीतप्रापसुर दप्रारप्रा धिप्रारप्रा 130 बश्री०एन०एस०एस० कके अवांतगरत जिप्रारश्री ककी गयश्री नकोवटस वदनप्रावांक 05.06.2025 ककी विवैधितप्रा कचौ चसुनचौतश्री दश्री हवै। 3. उपरकोक नकोवटस मम यह अवांवकत हवै वक पप्रारर्थीगण उप-धजिलप्रा मधजिस्टटकेट कके न्यप्रायप्रालय मम वदनप्रावांक 19.06.2025 कको उपसस्रत हकोकर कप्रारण दवशरत करम वक क्ययों न उनसके 6 मप्राह तक शप्रावांवत बनप्रायके रखनके हकेतसु 50-50 हजिप्रार रुपयके कप्रा वनजिश्री बवांधि-पत एविवां इतनश्री हश्री धिनरप्रावश ककी 2-2 जिमप्रानतम दप्राधखल करप्रा ललीं जिप्राय। 4.जिबवक पप्रारर्थीगण कको नकोवटस जिप्रारश्री करनके विप्रालके न्यप्रायप्रालय मम उपसस्रत हकोकर कप्रारण बतप्रानके कप्रा अविसर उपलब्धि हवै, ऐसश्री पररसस्रवत मम कप्रारण बतप्राओ नकोवटस मम हस्तककेप करनके ककी ककोई आविश्यकतप्रा पतश्रीत नहलीं हकोतश्री हवै। 5. एक पपूरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके यह कहप्रा गयप्रा हवै वक पप्रारर्थीगण नके वदनप्रावांक 19.06.2025 कके कको उपरकोक नकोवटस कप्रा उत्तर पवांजिश्रीकक त डप्राक कके मप्राध्यम सके भकेजि वदयप्रा हवै। 6. ऐसश्री पररसस्रवत मम , जिबवक आलकोच्य कप्रारण बतप्राओ नकोवटस वबनप्रा ककेतप्राधधिकप्रार कके वनगरत नहलीं ककी गयश्री हवै एविवां उक नकोवटस कके उत्तर मम पप्रारर्थीगण अपनप्रा कप्रारण दवशरत करतके हहए एक उत्तर भकेजि चसुकप्रा हवै। यह पप्राररनप्रा-पत इस वटप्पणश्री कके सप्रार वनस्तप्राररत वकयप्रा जिप्रातप्रा हवै वक पप्रारर्थीगण कके उत्तर कको दृवष्टिगत रखतके हहए उपधजिलप्रा मधजिस्टटकेट पकरण मम उवचत आदकेश पप्राररत करम। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 4.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench