Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 147586 (ALL)

AMIT KUMAR AND 2 OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. ITS PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER

NA528/632/2025 · 2025-07-08

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:38641 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 632 of 2025 Applicant :- Amit Kumar And 2 Others Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Its Prin. Secy. Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Prince Verma,Surya Deo Sharma Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री पपुतत्तू लप्राल वमिशप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अभय धससिंह कको सपुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससिंवहतप्रा कके अन्तगरत पस्तपुत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थीगण नके परमि सत्तूचनप्रा ररपकोरर ससिंख्यप्रा 0374 सन 2024 अन्तगरत धिप्रारप्रा 498 , 323, 506 A भप्रा०दसिं०ससिं० वि धिप्रारप्रा 3/4 दहकेज पवतषकेधि अधधिवनयमि रप्रानप्रा सतररख जनपद बप्रारप्राबसिंककी कके अनपुक्रिमि मिम पस्तपुत आरकोप पत वदनप्रासिंक 19.10.2024 तरप्रा उसकके आधिप्रार पर वविदप्रान अपर मिपुख्य न्यप्रावयक मिधजस्रटकेर कक्ष ससिंख्यप्रा 16, बप्रारप्राबसिंककी दप्रारप्रा आपरप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 1400 सन 2025 मिम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 02.04.2025 धजसकके दप्रारप्रा उपरकोक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा तरप्रा पप्रारर्थीगण कको वविचप्रारण हकेतपु तलब वकयप्रा , ककी विवैधितप्रा कको चपुननौतश्री दश्री गयश्री हवै। 3. वविदप्रान अवतररक शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके उपरकोक पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरकोधि इस आधिप्रार पर वकयप्रा हवै वक धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतगरत क्षकेतप्राधधिकप्रार कप्रा उपयकोग करतके हहए न्यप्रायप्रालय पप्रारर्थीगण पर लगप्रायके गयके आरकोपपों ककी सत्यतप्रा कको नहहीं दकेख सकतश्री हवै। न्यप्रायप्रालय कको कके विल यह दकेखनप्रा हवै वक पतप्राविलश्री पर उपलब्धि पपतपों तरप्रा जप्रासिंच मिम ससिंकधलत सप्राक्ष्यपों कके आधिप्रार पर पप्रारर्थी कके वविरुद्ध परमि दृष्टयप्रा अपरप्राधि बनतप्रा हवै यप्रा नहहीं। 4. उपरकोक आदकेश ककी विवैधितप्रा कको चपुननौतश्री इस आधिप्रार पर दश्री गयश्री हवै वक पप्रारर्थीगण कके वविरुद्ध लगप्रायके गयके आरकोप असत्य हह। मिप्राननश्रीय सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय कके वनणरय कम दश्रीय जप्रासिंच ब्यत्तूरको बनप्रामि आयरन धससिंह आवद, 2023 एससश्रीसश्री ऑनलप्राइन एससश्री 379 मिम अविधिप्राररत हवै वक धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतगरत शवकयपों कप्रा उपयकोग करतके हहए न्यप्रायप्रालय कको लघपु वविचप्रारण (वमिनश्री रटप्रायल) करनके ककी आविश्यकतप्रा नहहीं हवै। इसमिम अवभयकोजन / जप्रासिंच एजमसश्री कको आरकोपपों कको सप्रावबत करनके ककी आविश्यकतप्रा नहहीं हवै। दसिं०प०ससिं० ककी धिप्रारप्रा 482 कके असिंतगरत शवकयपों कप्रा उपयकोग करतके समिय न्यप्रायप्रालय कके पप्रास बहहत सश्रीवमित अधधिकप्रार क्षकेत हवै और मिप्रात यह वविचप्रार करनके ककी आविश्यकतप्रा हवै वक "क्यप्रा आरकोपश्री कके वविरुद्ध आगके बढ़नके कके धलए ककोई पयप्रारप्त सप्रामिगश्री उपलब्धि हवै , धजसकके धलए आरकोपश्री पर मिपुकदमिप्रा चलप्रानके ककी आविश्यकतप्रा हवै यप्रा नहहीं"। 5. यह पप्राररनप्रा-पत इस वनदरश कके सप्रार वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हवै वक यवद पप्रारर्थी वविचप्रारण न्यप्रायलय कके समिक्ष उपसस्रत हकोकर जमिप्रानत पर ररहप्राई हकेतपु पप्राररनप्रा पत दकेतप्रा हवै तको उसके मिप्राननश्रीय उच्चतमि न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा सतमदर कपु मिप्रार असिंवतल बनप्रामि सश्री.बश्री.आई., (2021) 10 एससश्रीसश्री 773 मिम अविधिप्राररत वविधधिक धसद्धप्रासिंतपों कके आलकोक मिम शश्रीघ्रतप्रापत्तूविरक वनणर्थीत वकयप्रा जप्रायकेगप्रा। 6. पप्राररनप्रा-पत तद्नपुसप्रार वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हवै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 8.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench