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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 147028 (ALL)

AJAY RAJ v. STATE OF U.P. THRU. ITS PRIN. SECY. DEPTT. OF HOME U.P. LKO. AND 2 OTHERS

A482/5128/2025 · 2025-07-02

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:37322 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5128 of 2025 Applicant :- Ajay Raj Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Its Prin. Secy. Deptt. Of Home U.P. Lko. And 2 Others Counsel for Applicant :- Shivendra S Singh Rathore,Atul Sharma,Bhavesh Chandel,Mohammad Sufiyan,Sachin Upadhyay Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वशिविकेन्द्र वशिविम धससिंह रप्राठठौर तरप्रा वविदप्रान अपर शिप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धससिंह चठौहप्रान कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रयप्रा ससिंवहतप्रा कके अन्तररत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर ससिंख्यप्रा 0164 सन 2022 अन्तररत धिप्रारप्रा 419, 420 भप्रा०दसिं०ससिं० रप्रानप्रा हधलयप्रापसुर जनपद ससुल्तप्रानपसुर कके अनसुक्रम मम पप्राररत आदकेशि वदनप्रासिंक 03.02.2023 धजसकके दप्रारप्रा उपरकोक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा तरप्रा पप्रारर्थी कको वविचप्रारण हकेतसु तलब वकयप्रा, ककी विवैधितप्रा कको चसुनठौतश्री दश्री रयश्री हवै। 3. वविदप्रान अपर शिप्रासककीय अधधिविकप्रा नके उपरकोक पप्राररनप्रा-पत कप्रा वविरकोधि इस आधिप्रार पर वकयप्रा हवै वक धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत ककेतप्राधधिकप्रार कप्रा उपयकोर करतके हहए न्यप्रायप्रालय पप्रारर्थी पर लरप्रायके रयके आरकोपपों ककी सत्यतप्रा कको नहहीं दकेख सकतश्री हवै। न्यप्रायप्रालय कको कके विल यह दकेखनप्रा हवै वक पतप्राविलश्री पर उपलब्धि पपतपों तरप्रा जप्रासिंच मम ससिंकधलत सप्राक्ष्यपों कके आधिप्रार पर पप्रारर्थी कके वविरुद्ध परम दृष्टयप्रा अपरप्राधि बनतप्रा हवै यप्रा नहहीं। 4. उपरकोक आदकेशि ककी विवैधितप्रा कको चसुनठौतश्री इस आधिप्रार पर दश्री रयश्री हवै वक पप्रारर्थी कके वविरुद्ध लरप्रायके रयके आरकोप असत्य हह। मप्राननश्रीय सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय कके वनणरय कम द्रश्रीय जप्रासिंच ब्यसूरको बनप्राम आयरन धससिंह आवद, 2023 एससश्रीसश्री ऑनलप्राइन एससश्री 379 मम अविधिप्राररत हवै वक धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत शिवकयपों कप्रा उपयकोर करतके हहए न्यप्रायप्रालय कको लघसु वविचप्रारण (वमनश्री रटप्रायल) करनके ककी आविश्यकतप्रा नहहीं हवै। इसमम अवभयकोजन / जप्रासिंच एजमसश्री कको आरकोपपों कको सप्रावबत करनके ककी आविश्यकतप्रा नहहीं हवै। दसिं०प०ससिं० ककी धिप्रारप्रा 482 कके असिंतररत शिवकयपों कप्रा उपयकोर करतके समय न्यप्रायप्रालय कके पप्रास बहहत सश्रीवमत अधधिकप्रार ककेत हवै और मप्रात यह वविचप्रार करनके ककी आविश्यकतप्रा हवै वक "क्यप्रा आरकोपश्री कके वविरुद्ध आरके बढ़नके कके धलए ककोई पयप्रारप्त सप्रामगश्री उपलब्धि हवै , धजसकके धलए आरकोपश्री पर मसुकदमप्रा चलप्रानके ककी आविश्यकतप्रा हवै यप्रा नहहीं"। 5. यह पप्राररनप्रा-पत इस वनदरशि कके सप्रार वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हवै वक यवद पप्रारर्थी वविचप्रारण न्यप्रायलय कके समक उपसस्रत हकोकर जमप्रानत पर ररहप्राई हकेतसु पप्राररनप्रा पत दकेतप्रा हवै तको उसके मप्राननश्रीय उच्चतम न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा सतमदर कसु मप्रार असिंवतल बनप्राम सश्री.बश्री.आई., (2021) 10 एससश्रीसश्री 773 मम अविधिप्राररत वविधधिक धसद्धप्रासिंतपों कके आलकोक मम शिश्रीघ्रतप्रापसूविरक वनणर्थीत वकयप्रा जप्रायकेरप्रा। 6. पप्राररनप्रा-पत तद्नसुसप्रार वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हवै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 2.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench