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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 147002 (ALL)

DEVMATI @ DEV MATI DEVI AND 3 OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. HOME LKO AND ANOTHER

A482/5157/2025 · 2025-07-03

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:37571 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5157 of 2025 Applicant :- Devmati @ Dev Mati Devi And 3 Others Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Home Lko And Another Counsel for Applicant :- Onkar Nath Tiwari,Akhand Pratap Verma Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ओमकप्रार नप्रार वतिविप्रारश्री तिरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अभय कक मप्रार धससिंह कको सकनप्रा तिरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससिंवहतिप्रा कके अन्तिगरति पस्तिकति इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थीगण नके विप्राद ससिंख्यप्रा 357 सनन् 2024,एऩसश्रीआर ससिंख्यप्रा 66 सन 2019 अन्तिगरति धिप्रारप्रा 323, 504 भप्रा०दसिं०ससिं०, रप्रानप्रा-भश्रीटश्री, जनपद-अम्बकेडकर नगर कके अनकक्रिम मम पस्तिकति आरकोप पत वदनप्रासिंक 20.12.2020 तिरप्रा उक कके आधिप्रार पर उतिपन्न आपरप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 1103/2023 कके अनकक्रिम मम अपर मकख्य न्यप्रावयक मधजस्टटकेट, अम्बकेडकर नगर दप्रारप्रा पप्राररति आदकेश वदनप्रासिंक 18.01.2024 धजससके उक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा एविसिं पप्रारर्थीगण कको वविचप्रारण हकेतिक आहहति वकयप्रा गयप्रा, ककी विवैधितिप्रा कको चकननौतिश्री दश्री गई हवै। 3. वदनप्रासिंक 10.04.2019 कको धलखप्राई गई अससिंजकेय अपरप्राधि ककी ररपकोटर मम वशकप्रायतिकतिर्थी नके कहप्रा वक पकरप्रानके जमश्रीनश्री वविविप्राद कको लकेकर अवभयककगण नके वशकप्रायतिकतिर्थी वि उसककी बहन कको लप्राठश्री -डसिंडके वि लप्राति-घघसिंसके सके बकरश्री तिरह मप्रारप्रा-पश्रीटप्रा, धजससके वशकप्रायतिकतिर्थी वि उसककी बहन कको गलके और शऱश्रीर पर कप्राफकी चकोटम आई तिरप्रा अवभयककगण नके वशकप्रायतिकतिर्थी कको कको भदश्री -भदश्री गप्राधलयप्रासिं ददीं। 4. वचवकत्सककीय परश्रीक्षण मम वशकप्रायतिकतिर्थी नके शरश्रीर मम ददर ककी वशकप्रायति ककी वकसिं तिक ककोई चकोट वदखप्राई नहदीं दश्री। 5. वविविकेचनप्रा कके उपरप्रासिंति वविविकेचक नके धिप्रारप्रा 323 एविसिं 504 कके आरकोपपों कके ससिंबसिंधि मम आरकोप पत वदनप्रासिंक 20.12.2020 कको पस्तिकति वकयप्रा तिरप्रा वदनप्रासिंक 18.01.2024 कको वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा। 6. आरकोप पत तिरप्रा ससिंजप्रान आदकेश ककी विवैधितिप्रा कको चकननौतिश्री दकेतिके हहए पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके तिकर वकयप्रा वक इसकके पघविर वदनप्रासिंक 01.06.2019 कको पप्राधररनश्री ससिंख्यप्रा 1 नके रप्रानप्रा भश्रीटश्री, जनपद अम्बकेडकर नगर मम परम सघचनप्रा रवपकोटर ससिंख्यप्रा 84 सनन् 2019 असिंतिगरति धिप्रारप्रा 452, 308, 323, 504, 506 वि 427 भप्रा०दसिं०ससिं० वशकप्रायतिकतिर्थी तिरप्रा उसकके पररविप्रार कके अन्य सदस्यपों कके वविरुद्ध धलखप्राई रश्री तिरप्रा इसश्री कप्रारण सके असत्य करनपों कके आधिप्रार पर अससिंजकेय अपरप्राधि ककी सघचनप्रा दजर करप्राई गई हवै। पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके यह भश्री तिकर वदयप्रा वक वचवकत्सककीय परश्रीक्षण मम ककोई चकोट वदखप्राई नहदीं दश्री हवै तिरप्रा मप्रात ददर ककी वशकप्रायति बतिप्राई गई हवै , धजससके यह पतिश्रीति हकोतिप्रा हवै वक धिप्रारप्रा 323 कके अव्यवि उपसस्रति नहदीं हवै। 7. अससिंजकेय अपरप्राधि ककी सघचनप्रा मम वशकप्रायतिकतिर्थी नके स्पष्ट रूप सके अवभयककगण दप्रारप्रा उसकको तिरप्रा उसककी बहन कको मप्रारके-पश्रीटके जप्रानके एविसिं गप्राधलयप्रासिं वदए जप्रानके कप्रा करन वकयप्रा हवै। 8. धिप्रारप्रा 323 भप्रा०दसिं०ससिं० उपहवति कप्राररति करनके कके ससिंबसिंधि मम दसिंड कप्रा पप्राविधिप्रान दकेतिश्री हवै। 9. धिप्रारप्रा 319 भप्रा०दसिं०ससिं० कके अन्तिगरति शप्रारश्रीररक ददर ककी पररभप्राषप्रा मम आएगप्रा। इससके स्पष्ट हवै वक अससिंजकेय अपरप्राधि ककी सघचनप्रा मम धिप्रारप्रा 323 मम दसिंडनश्रीय अपरप्राधि कप्राररति हकोनप्रा पतिश्रीति हको रहप्रा हवै। 10. पप्राधररनश्री, जको वक एक मवहलप्रा हवै , नके उसके तिरप्रा उसककी बहन कको एक सप्राविरजवनक स्रप्रान पर अवभयककगण दप्रारप्रा गप्राधलयप्रासिं वदए जप्रानके कप्रा भश्री करन वकयप्रा हवै। 11. उपरकोक पररसस्रवतियपों मम न्यप्रायप्रालय कप्रा मति हवै वक पररविप्राद तिरप्रा धिप्रारप्रा 200 एविसिं 202 दसिं०प०ससिं० कके बयप्रान सके धिप्रारप्रा 323 एविसिं 504 कके वविचप्रारण कप्रा मप्रामलप्रा बन रहप्रा हवै। वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान लकेनके एविसिं अवभयककगण कको वविचप्रारण हकेतिक आहहति करनके मम ककोई तकवट अरविप्रा अविवैधिप्रावनकतिप्रा कप्राररति नहदीं ककी हवै ऐसश्री सस्रवति मम धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके अन्तिगरति पस्तिकति पप्राररनप्रा पत बलहश्रीन हवै एविसिं तिदनकसप्रार वनरस्ति वकयप्रा जप्रातिप्रा हवै। Order Date :- 3.7.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench