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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 146989 (ALL)
ANGIRA PRASAD AND 3 OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER
A482/5125/2025 · 2025-07-02
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 146989 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:37280 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5125 of 2025 Applicant :- Angira Prasad And 3 Others Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Vinod Kumar Pandey Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वविननोद कक मप्रार पप्राण्डकेय तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धससिंह चचौहप्रान कनो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलनोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रयप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थीगण नके परम ससूचनप्रा ररपनोरर ससिंख्यप्रा 358 सन 2016 असिंतगरत धिप्रारप्रा 2/3 सप्राविरजवनक ससिंपधत नककसप्रान वनविप्रारण अधधिवनयम रप्रानप्रा कसू रकेभप्रार धजलप्रा सकल्तप्रानपकर कके अनकक्रम मम पस्तकत आरनोप पत वदनप्रासिंवकत 25.11.2018 तरप्रा उसकके आधिप्रार पर वविदप्रान अपर मकख्य न्यप्रावयक मधजस्रटकेर कक्ष ससिंख्यप्रा 20, सकल्तप्रानपकर दप्रारप्रा विप्राद ससिंख्यप्रा 6974 सन 2023 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 08.02.2017 धजसकके दप्रारप्रा उपरनोक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा तरप्रा पप्रारर्थीगण कनो वविचप्रारण हकेतक तलब वकयप्रा गयप्रा, ककी विवैधितप्रा कनो चकनचौतश्री दश्री हवै।
3. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारसिंवभक आपधत करतके हहए करन वकयप्रा वक पप्रारर्थीगण नके इसश्री अनकतनोष हकेतक पसूविर मम यप्रावचकप्रा ससिंख्यप्रा 2025 सन 2017 पस्तकत ककी रश्री जनो वदनप्रासिंक 30.03.2017 कनो वनस्तप्राररत हनो गयश्री रश्री। समप्रान अनकतनोष हकेतक पप्रारर्थी नके यह वदतश्रीय यप्रावचकप्रा पस्तकत ककी तरप्रा इसमम परम यप्रावचकप्रा पस्तकत करनके कके तथ्य कनो न्यप्रायप्रालय सके वछिपप्रायप्रा गयप्रा।
4. इस आपधत कके उतर मम पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक समप्रान अनकतनोष हकेतक वदतश्रीय यप्रावचकप्रा पस्तकत करनके कके वविरुद्ध वविधधि मम कनोई पप्राबन्दश्री नहहीं हवै। उन्हहोंनके कहप्रा वक इस वबन्दक पर उनकके पप्रास न्यप्रावयक वनणरय भश्री उपलब्धि हवै। यद्यवप उन्हहोंनके न्यप्रायप्रालय कनो न्यप्रावयक वनणरय ककी पवत नहहीं उपलब्धि करप्रायश्री।
5. पस्तकत यप्रावचकप्रा मम समप्रान उदकेश्य हकेतक पसूविर यप्रावचकप्रा पस्तकत वकयके जप्रानके कके ससिंगत तथ्य कनो वछिपप्रायके जप्रानके कके ससिंबसिंधि मम पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा कनोई उतर नहहीं दके सकके ।
6.
धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० न्यप्रायवहत मम उवचत पप्राररत करनके कके धलए इस न्यप्रायप्रालय ककी असिंतवनरवहत शवकयहों कनो सकरवक्षत करतप्रा हवै। न्यप्रायवहत मम न्यप्रायप्रालय ककी असिंतवनरवहत शवकयहों कके असिंतगरत आदकेश पप्राप्त करनके हकेतक कनोई भश्री पप्राररनप्रा-पत पस्तकत करतके समय पप्रारर्थी कनो न्यप्रायप्रालय कके समक्ष स्विच्छि हप्रारहों तरप्रा समस्त ससिंगत तथ्यहों कनो पकर (disclose) करतके हहए आनप्रा चप्रावहए। समप्रान उदकेश्य सके पसूविर मम यप्रावचकप्रा पस्तकत करकके वनस्तप्राररत हनो जप्रानके कप्रा तथ्य वनश्चय हश्री एक ससिंगत तथ्य हवै तरप्रा ऐसके तथ्य कप्रा वविलनोपन करनके विप्रालके व्यवक कनो न्यप्रायप्रालय ककी वविविकेकप्राधिश्रीन असिंतवनरवहत शवकयहों कके असिंतगरत कनोई आदकेश पप्रानके कप्रा अधधिकप्रार नहहीं हवै।
7. पसूविर यप्रावचकप्रा कके पस्तकतश्रीकरण एविसिं वनस्तप्रारण कके ससिंगत तथ्य कनो वछिपप्रानके कके कप्रारण यह वनरस्त वकयके जप्रानके यनोग्य हवै।
8. तदनकसप्रार, यह यप्रावचकप्रा वनरस्त ककी जप्रातश्री हवै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 2.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench