Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 146878 (ALL)
MANJU DEVI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO AND ANOTHER
A482/5111/2025 · 2025-07-02
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 146878 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 146878 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:37198 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5111 of 2025 Applicant :- Manju Devi Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko And Another Counsel for Applicant :- Anil Kumar Sharma Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शनी अवनल कक मप्रार शमप्रार तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा शनी सतकेन्द्र कक मप्रार शनीविप्रास्तवि कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलनी कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससंवहितप्रा कके अन्तररत पस्तकत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर ससंख्यप्रा 0177 सन 2019 अन्तररत धिप्रारप्रा 135 भप्रारतनीय वविदकत अरधिवनयम (ससंशकोधिन) रप्रानप्रा ककोतविप्रालनी जनपद उनप्रावि कके अनकक्रिम मम पस्तकत आरकोप पत ससंख्यप्रा 0158 सन 2019 वदनप्रासंक 05.02.2019 तरप्रा उसकके आधिप्रार पर वविदप्रान वविशकेष न्यप्रायप्राधिनीश ई०सनी० एक्र कक्ष ससंख्यप्रा 4, उनप्रावि दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रासंक 11.03.2023 रजसकके दप्रारप्रा उपरकोक अपरप्राधि कप्रा ससंजप्रान रलयप्रा तरप्रा पप्रारररननी कको वविचप्रारण हिकेतक तलब वकयप्रा, ककी विवैधितप्रा कको चकननौतनी दनी रयनी हिवै।
3. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा नके उपरकोक पप्राररनप्रा-पत कप्रा वविरकोधि इस आधिप्रार पर वकयप्रा हिवै वक धिप्रारप्रा 482 दसं०प०ससं० कके असंतररत क्षकेतप्रारधिकप्रार कप्रा उपयकोर करतके हिहए न्यप्रायप्रालय पप्रारररननी पर लरप्रायके रयके आरकोपपों ककी सत्यतप्रा कको नहिहीं दकेख सकतनी हिवै। न्यप्रायप्रालय कको कके विल यहि दकेखनप्रा हिवै वक पतप्राविलनी पर उपलब्धि पपतपों तरप्रा जप्रासंच मम ससंकरलत सप्राक्ष्यपों कके आधिप्रार पर पप्रारर्थी कके वविरुद्ध परम दृष्टयप्रा अपरप्राधि बनतप्रा हिवै यप्रा नहिहीं।
4. उपरकोक आदकेश ककी विवैधितप्रा कको चकननौतनी इस आधिप्रार पर दनी रयनी हिवै वक पप्रारररननी कके वविरुद्ध लरप्रायके रयके आरकोप असत्य हिह। मप्रानननीय सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय कके वनणरय कम द्रनीय जप्रासंच ब्यसूरको बनप्राम आयरन रससंहि आवद, 2023 एससनीसनी ऑनलप्राइन एससनी 379 मम अविधिप्राररत हिवै वक धिप्रारप्रा 482 दसं०प०ससं० कके असंतररत शवकयपों कप्रा उपयकोर करतके हिहए न्यप्रायप्रालय कको लघक वविचप्रारण (वमननी रटप्रायल) करनके ककी आविश्यकतप्रा नहिहीं हिवै। इसमम अवभयकोजन / जप्रासंच एजमसनी कको आरकोपपों कको सप्रावबत करनके ककी आविश्यकतप्रा नहिहीं हिवै। दसं०प०ससं० ककी धिप्रारप्रा 482 कके असंतररत शवकयपों कप्रा उपयकोर करतके समय न्यप्रायप्रालय कके पप्रास बहिहत सनीवमत अरधिकप्रार क्षकेत हिवै और मप्रात यहि वविचप्रार करनके ककी आविश्यकतप्रा हिवै वक "क्यप्रा आरकोपनी कके वविरुद्ध आरके बढ़नके कके रलए ककोई पयप्रारप्त सप्रामगनी उपलब्धि हिवै , रजसकके रलए आरकोपनी पर मककदमप्रा चलप्रानके ककी
आविश्यकतप्रा हिवै यप्रा नहिहीं"।
5.
यहि पप्राररनप्रा-पत इस वनदरश कके सप्रार वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हिवै वक यवद पप्रारर्थी वविचप्रारण न्यप्रायलय कके समक्ष उपसस्रत हिकोकर जमप्रानत पर ररहिप्राई हिकेतक पप्राररनप्रा पत दकेतप्रा हिवै तको उसके मप्रानननीय उच्चतम न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा सतमदर कक मप्रार असंवतल बनप्राम सनी.बनी.आई., (2021) 10 एससनीसनी 773 मम अविधिप्राररत वविरधिक रसद्धप्रासंतपों कके आलकोक मम शनीघ्रतप्रापसूविरक वनणर्थीत वकयप्रा जप्रायकेरप्रा।
6. पप्राररनप्रा-पत तद्नकसप्रार वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हिवै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 2.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench