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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 146846 (ALL)
ANKIT KASAUDHAN v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME GOVT. LKO AND ANOTHER
A482/5124/2025 · 2025-07-02
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 146846 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:37238 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5124 of 2025 Applicant :- Ankit Kasaudhan Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Govt. Lko And Another Counsel for Applicant :- Anand Pal Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री आननंद पप्राल धसनंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धसनंह कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रयप्रा सनंवहतप्रा कके अनंतररत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर सनंख्यप्रा 272 सन 2024 अनंतररत धिप्रारप्रा 376, 387, 506, 509 भप्रा०दनं०सनं० रप्रानप्रा मनकप्रापसुर धजिलप्रा रकोण्डप्रा मम वविदप्रान परम अपर मसुख्य न्यप्रावयक मधजिस्रटकेर परम, रकोण्डप्रा दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रानंक 17.02.2025 ककी विवैधितप्रा कको चसुननौतश्री दश्री हवै, धजिसकके दप्रारप्रा वविपकश्री सनंख्यप्रा 2 कके वविरुद्ध जिप्रारश्री आदकेवशकप्राओनं कको विप्रापस लके धलयप्रा रयप्रा हवै।
3. आलकोच्य आदकेश वदनप्रानंक 17.02.2025 मम वविदप्रान परम अपर मसुख्य न्यप्रावयक मधजिस्रटकेर नके कहप्रा हवै वक - "(मप्राननश्रीय सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा ( ) Petition s for
( ) ( ) 11780/2024 Special Leave to Appeal Crl No s सकोनसू लप्राल शमप्रार वि अन्य बनप्राम उ०प० रप्राज्य वि अन्य मम पप्राररत आदकेश वदनप्रानंवकत 04 09.2024 कप्रा ससम्मप्रान अविलकोकन वकयप्रा। मप्राननश्रीय उच्च न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनदरवशत वकयप्रा रयप्रा हवै वक "
,
In the meantime the petitioner shall not be arrested in
. 0272 5
, 2024 connection with FIR No dated th June
,
, . ." registered at police station Mankapur District Gonda U P मप्राननश्रीय सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा आदकेश वदनप्रानंवकत 21.10.2024 मम वनदरवशत वकयप्रा रयप्रा हवै वक " ,
4
, Hence the interim order dated th September 2024
," is made absolute on the same terms and conditions अततः मप्राननश्रीय सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा पप्राररत उपरकोक आदकेश कके अनसुपप्रालन मम उक पकरण मम अवभयसुक सकोनसू लप्राल शमप्रार कके वररफ्तप्रारश्री पर रकोक लरप्रायश्री जिप्रातश्री हवै। अवभयसुक सकोनसू लप्राल शमप्रार कके वविरूद्ध ककोई भश्री उत्पश्रीड़नप्रात्मक कप्रायरविप्राहश्री न ककी जिप्रायके। अवभयसुक सकोनसू लप्राल शमप्रार कके वविरूद्ध यवद वकसश्री पकप्रार ककी आदकेवशकप्रायम जिप्रारश्री ककी रयश्री हह तको उन्हम
तत्कप्राल पभप्रावि सके विप्रापस धलयप्रा जिप्रायके। सभश्री सम्बनन्धित ससूवचत हहों। पतप्राविलश्री वनयत वतधर कको पकेश हको।"
4. उपरकोक आदकेश कके वविरुद्ध पप्रारर्थी नके सत न्यप्रायप्राधिश्रीश , रकोण्डप्रा कके समक पककीणर विप्राद सनंख्यप्रा 278 सन 2025 पस्तसुत वकयप्रा रप्रा, जिको वदनप्रानंक 02.06.2025 कको यह कहतके हहए वनरस्त हको रयप्रा वक अनंतररम आदकेश कके वविरुद्ध वनररप्रानश्री पकोषणश्रीय नहहीं हवै।
5.
आदकेश वदनप्रानंक 17.02.2025 कके अविलकोकन सके स्पष्ट हवै वक मप्राननश्रीय उच्चतम न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वविपकश्री सनंख्यप्रा 2 ककी वररफ्तप्रारश्री पर पहलके अनंतररम रकोक लरप्रायश्री रयश्री रश्री, धजिस आदकेश कको स्रप्रायश्री पभप्रावि पदप्रान कर वदयप्रा रयप्रा।
6. जिब मप्राननश्रीय उच्चतम न्यप्रायप्रालय नके पप्रारर्थी ककी वररफ्तप्रारश्री पर रकोक लरप्रा रखश्री हवै , जिको आदकेश पभप्राविश्री हवै, वविपकश्री सनंख्यप्रा 2 कको वहरप्रासत मम नहहीं धलयप्रा जिप्रा सकतप्रा एविनं उसकके वहरप्रासत मम धलयके वबनप्रा जिमप्रानत बनंधि-पत पस्तसुत करनके कप्रा ककोई अविसर नहहीं आएरप्रा ऐसश्री नस्रवत मम आलकोच्य आदकेश वदनप्रानंक 17.02.2025 मम ककोई अविवैधिप्रावनकतप्रा पतश्रीत नहहीं हकोतश्री हवै।
7. पप्राररनप्रा-पत बलहश्रीन हवै, तद्नसुसप्रार वनरस्त वकयप्रा जिप्रातप्रा हवै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 2.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench