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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 146631 (ALL)
OM PRAKASH PATHAK v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. DEPTT. OF HOME LKO. AND ANOTHER
A482/5047/2025 · 2025-07-02
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 146631 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:37105 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5047 of 2025 Applicant :- Om Prakash Pathak Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Deptt. Of Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Shailendra Kumar Tiwari,Abhishek Shukla,Sanjay Kumar Pathak Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री शशैलकेन्द्र कक मप्रार वतिविप्रारश्री तिरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री रप्राजकेश कक मप्रार धससिंह कको सकनप्रा तिरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससिंवहतिप्रा कके अन्तिररति पस्तिकति इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर ससिंख्यप्रा 0493 सन 2020 अन्तिररति धिप्रारप्रा 406, 419, 420 भप्रा०दसिं०ससिं० रप्रानप्रा पसूरप्राकलन्दर जनपद अयकोध्यप्रा कके अनकक्रिम मम पस्तिकति आरकोप पत ससिंख्यप्रा 530 सन 2020 वदनप्रासिंवकति 02.11.2020 तिरप्रा उसकके आधिप्रार पर वविदप्रान परम अपर मकख्य न्यप्रावयक मधजस्रटकेर, फशै जप्राबप्राद दप्रारप्रा आपरप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 1421 सन 2020 मम पप्राररति आदकेश वदनप्रासिंक 09.12.2020 धजसकके दप्रारप्रा उपरकोक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा तिरप्रा पप्रारर्थीरण कको वविचप्रारण हकेतिक तिलब वकयप्रा , रशैर जमप्रानतिश्रीय अधधिपत वदनप्रासिंवकति 25.09.2024 एविसिं धिप्रारप्रा 82 दसिं०प०ससिं० कके असिंतिररति कप्रायरविप्राहश्री वदनप्रासिंवकति 17.04.2025 , ककी विशैधितिप्रा कको चकननौतिश्री दश्री रयश्री हशै।
3. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके उपरकोक पप्राररनप्रा-पत कप्रा वविरकोधि इस आधिप्रार पर वकयप्रा हशै वक धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतिररति ककेतप्राधधिकप्रार कप्रा उपयकोर करतिके हहए न्यप्रायप्रालय पप्रारर्थी पर लरप्रायके रयके आरकोपपों ककी सत्यतिप्रा कको नहहीं दकेख सकतिश्री हशै। न्यप्रायप्रालय कको कके विल यह दकेखनप्रा हशै वक पतप्राविलश्री पर उपलब्धि पपतपों तिरप्रा जप्रासिंच मम ससिंकधलति सप्राक्ष्यपों कके आधिप्रार पर पप्रारर्थी कके वविरुद्ध परम दृष्टयप्रा अपरप्राधि बनतिप्रा हशै यप्रा नहहीं।
4. उपरकोक आदकेश ककी विशैधितिप्रा कको चकननौतिश्री इस आधिप्रार पर दश्री रयश्री हशै वक पप्रारर्थी कके वविरुद्ध लरप्रायके रयके आरकोप असत्य हह। मप्राननश्रीय सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय कके वनणरय कम द्रश्रीय जप्रासिंच ब्यसूरको बनप्राम आयरन धससिंह आवद, 2023 एससश्रीसश्री ऑनलप्राइन एससश्री 379 मम अविधिप्राररति हशै वक धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतिररति शवकयपों कप्रा उपयकोर करतिके हहए न्यप्रायप्रालय कको लघक वविचप्रारण (वमनश्री रटप्रायल) करनके ककी आविश्यकतिप्रा नहहीं हशै। इसमम अवभयकोजन / जप्रासिंच एजमसश्री कको आरकोपपों कको सप्रावबति करनके ककी आविश्यकतिप्रा नहहीं हशै। दसिं०प०ससिं० ककी धिप्रारप्रा 482 कके
असिंतिररति शवकयपों कप्रा उपयकोर करतिके समय न्यप्रायप्रालय कके पप्रास बहहति सश्रीवमति अधधिकप्रार ककेत हशै और मप्रात यह वविचप्रार करनके ककी आविश्यकतिप्रा हशै वक "क्यप्रा आरकोपश्री कके वविरुद्ध आरके बढ़नके कके धलए ककोई पयप्रारप्त सप्रामगश्री उपलब्धि हशै , धजसकके धलए आरकोपश्री पर मककदमप्रा चलप्रानके ककी आविश्यकतिप्रा हशै यप्रा नहहीं"।
5.
यह पप्राररनप्रा-पत इस वनदरश कके सप्रार वनस्तिप्राररति वकयप्रा जप्रातिप्रा हशै वक यवद पप्रारर्थी वविचप्रारण न्यप्रायलय कके समक उपसस्रति हकोकर जमप्रानति पर ररहप्राई हकेतिक पप्राररनप्रा पत दकेतिप्रा हशै तिको उसके मप्राननश्रीय उच्चतिम न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा सतिमदर कक मप्रार असिंवतिल बनप्राम सश्री.बश्री.आई., (2021) 10 एससश्रीसश्री 773 मम अविधिप्राररति वविधधिक धसद्धप्रासिंतिपों कके आलकोक मम शश्रीघ्रतिप्रापसूविरक वनणर्थीति वकयप्रा जप्रायकेरप्रा।
6. पप्राररनप्रा-पत तिद्नकसप्रार वनस्तिप्राररति वकयप्रा जप्रातिप्रा हशै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 2.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench