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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 146584 (ALL)
RAJESH KUMAR YADAV v. STATE OF U.P. THRU. THE PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER
A482/5084/2025 · 2025-07-18
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 146584 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:41224 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5084 of 2025 Applicant :- Rajesh Kumar Yadav Opposite Party :- State Of U.P. Thru. The Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Avanindra Singh Parihar,Avanish Kumar Singh,Maitryee Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अविननींद्र धससिंह पररिहप्रारि ककी तरिफ सके उपससरत अधधिविकप्रा शश्रीमतश्री मवड़िविप्रासिं वत्रिविकेदश्री तरप्रा वविदप्रान अपरि शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री रिप्राजकेश कक मप्रारि धससिंह कको सकनप्रा तरप्रा पत्रिप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारिप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके अन्तररत पसतकत इस पप्राररनप्रा पत्रि दप्रारिप्रा मककदमप्रा अपरिप्राधि ससिंख्यप्रा 133 सन 2022, अन्तररत धिप्रारिप्रा-323, 324, 326, 506 भप्रा०दसिं०ससिं०, रप्रानप्रा-हधररविप्रासिं,जनपद-पतप्रापरढ कके अनकक्रम मम आरिकोप पत्रि वदनप्रासिंवकत 20.09.2022 कके आधिप्रारि परि वविदप्रान न्यप्रावयक मधजसटटकेट, कक्ष ससिंख्यप्रा 24 कके समक्ष लसमम्बित आपरिप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 15720 सनन् 2022, कके वनरिसतश्रीकरिण ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. उपरिकोक पकरिण वविपक्षश्री ससिंख्यप्रा 2 दप्रारिप्रा पप्रारर्थी सवहत चप्रारि नप्रावमत व्यवकयय एविसिं दको अजप्रात व्यवकयय कके वविरुद्ध वदनप्रासिंक 28.06.2022 कको धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररिपकोटर कके आधिप्रारि परि असिंवकत हहआ, धजसमम यह कहप्रा रयप्रा हहै वक पप्रारर्थी आय वदन वशकप्रायतकतप्रार ककी दककप्रान कके सप्रामनके सररियप्रा आवद सके लदके विप्राहन खड़िप्रा करि वदयप्रा करितप्रा रप्रा तरप्रा मनप्रा करिनके परि झरड़िप्रा करितप्रा रप्रा। इसश्री कप्रारिण सके वदनप्रासिंक 27.06.2022 कको भश्री झरड़िप्रा हहआ, धजसमम अवभयककरण नके रिप्राड, लकोहके ककी पप्राइप, ससिंम्बिल, हहैण्ड पप्राइप कके हहैण्डल आवद सके वशकप्रायतकतप्रार कके पकत्रिरण परि जप्रान सके मप्रारिनके ककी वनयत सके हमलप्रा करि वदयप्रा , धजससके ससिंजय पप्राल कप्रा धसरि फसू ट रयप्रा।
4.
ससिंजय पप्राल तरप्रा अजय पप्राल कके वचवकत्सककीय परिश्रीक्षण मम कई चकोटम पप्राई
रई। वविविकेचक नके वविविकेचनप्रा कके उपरिप्रासिंत वदनप्रासिंक 20.09.2022 कको पप्रारर्थी सवहत तश्रीन अवभयककरण कके वविरुद्ध धिप्रारिप्रा 323,324,326,506 भप्रा०दसिं०ससिं० कके आरिकोपय कके धलए आरिकोप पत्रि पसतकत वकयप्रा तरप्रा वविचप्रारिण न्यप्रायप्रालय नके अपरिप्राधि कप्रा ससिंजप्रान लके धलयप्रा। आरिकोप पत्रि तरप्रा ससिंजप्रान एविसिं तलम्बिश्री आदकेश ककी विहैधितप्रा कको चकननौतश्री दकेतके हहए पप्रारर्थी ककी वविदप्रान अधधिविकप्रा नके तकर वदयप्रा वक वदनप्रासिंक 28.06.2022 कको पकधलस नके पप्रारर्थी सवहत तश्रीन अवभयककरण कप्रा शप्रासिंवत भसिंर कके धलए चप्रालप्रान वकयप्रा रप्रा। इसकके आधिप्रारि परि पप्रारर्थी ककी वविदप्रान अधधिविकप्रा नके तकर वदयप्रा वक परम ससूचनप्रा ररिपकोटर वदनप्रासिंक 28.06.2022 कको धलखप्राई रई, तरप्रा चप्रालप्रानश्री ररिपकोटर मम भश्री घटनप्रा वदनप्रासिंक 28.06.2022 ककी हकोनप्रा कहप्रा रयप्रा हहै , वकन्तक चकोट पपत्रि कके अनकसप्रारि वचवकत्सककीय परिश्रीक्षण वदनप्रासिंक 27.06.2022 कको हहआ, धजसमम वशकप्रायतकतप्रार कके पकत्रिय कके चकोटम पप्राई रई। पप्रारर्थी ककी वविदप्रान अधधिविकप्रा कप्रा तकर हहै वक वकसश्री अन्य कप्रारिण सके वदनप्रासिंक 27.06.2022 कको घप्रायल हकोनके कके म्बिप्राद वदनप्रासिंक 28.06.2022 कको परम ससूचनप्रा ररिपकोटर धलखप्रातके हहए पप्रारर्थीरण कको झसूठप्रा फसिं सप्रा वदयप्रा रयप्रा।
5. आरिकोप पत्रि तरप्रा अपरिप्राधि कप्रा ससिंजप्रान लकेनके कके आदकेश ककी विहैधितप्रा कको चकननौतश्री दकेतके हहए यप्रावचकप्रा कप्रा परिश्रीक्षण करितके समय इस न्यप्रायप्रालय कको मप्रात्रि यह दकेखनप्रा हकोतप्रा हहै वक क्यप्रा अवभयकोजन करप्रानक कके अनकसप्रारि अवभयककरण कके वविरुद्ध आपरिप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री चलप्राए जप्रानके कप्रा पयप्रारप्त आधिप्रारि हहै अरविप्रा नहनीं तरप्रा इस सतरि परि अवभयकोजन करप्रानक एविसिं वविविकेचनप्रा कके दनौरिप्रान ससिंकधलत सप्रामगश्री ककी भश्री ऐसश्री समश्रीक्षप्रा ककी आविश्यकतप्रा नहश्री हहै , धजससके एक लघक वविचप्रारिण करि कके न्यप्रायप्रालय आरिकोपय ककी सत्यतप्रा अरविप्रा असत्यतप्रा तरप्रा आरिकोपश्री कके दकोषश्री अरविप्रा वनदर्दोष हकोनके ककी अविधिप्रारिणप्रा करि सकके । अवभयकोजन करप्रानक तरप्रा वविविकेचनप्रा कके दनौरिप्रान ससिंकधलत सप्रामगश्री सके परम -दृष्टयप्रा पप्रारर्थी कप्रा ससिंजकेय अपरिप्राधि कप्राररित करिनके मम ससममधलत हकोनप्रा पतश्रीत हकोतप्रा हहै तरप्रा आरिकोपय ककी सत्यतप्रा कप्रा परिश्रीक्षण वविचप्रारिण न्यप्रायप्रालय सप्राक्ष्य ससिंकधलत करिनके कके पश्चप्रात हश्री करिकेरप्रा।
6. वविदप्रान अवतररिक शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके उपरिकोक पप्राररनप्रा-पत्रि कप्रा वविरिकोधि इस आधिप्रारि परि वकयप्रा हहै वक धिप्रारिप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत क्षकेत्रिप्राधधिकप्रारि कप्रा उपयकोर करितके हहए न्यप्रायप्रालय पप्रारर्थी परि लरप्रायके रयके आरिकोपय ककी सत्यतप्रा कको नहनीं दकेख सकतश्री हहै। न्यप्रायप्रालय कको कके विल यह दकेखनप्रा हहै वक पत्रिप्राविलश्री परि
उपलब्धि पपत्रिय तरप्रा जप्रासिंच मम ससिंकधलत सप्राक्ष्यय कके आधिप्रारि परि पप्रारर्थी कके वविरुद्ध परम दृष्टयप्रा अपरिप्राधि म्बिनतप्रा हहै यप्रा नहनीं।
7.
उपरिकोक आदकेश ककी विहैधितप्रा कको चकननौतश्री इस आधिप्रारि परि दश्री रयश्री हहै वक पप्रारर्थी कके वविरुद्ध लरप्रायके रयके आरिकोप असत्य हह। मप्राननश्रीय सविर्दोच्च न्यप्रायप्रालय कके वनणरय कम द्रश्रीय जप्रासिंच ब्यसूरिको म्बिनप्राम आयरन धससिंह आवद, 2023 एससश्रीसश्री ऑनलप्राइन एससश्री 379 मम अविधिप्राररित हहै वक धिप्रारिप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत शवकयय कप्रा उपयकोर करितके हहए न्यप्रायप्रालय कको लघक वविचप्रारिण (वमनश्री टटप्रायल) करिनके ककी आविश्यकतप्रा नहनीं हहै। इसमम अवभयकोजन / जप्रासिंच एजमसश्री कको आरिकोपय कको सप्रावम्बित करिनके ककी आविश्यकतप्रा नहनीं हहै। दसिं०प०ससिं० ककी धिप्रारिप्रा 482 कके असिंतररत शवकयय कप्रा उपयकोर करितके समय न्यप्रायप्रालय कके पप्रास म्बिहहत सश्रीवमत अधधिकप्रारि क्षकेत्रि हहै औरि मप्रात्रि यह वविचप्रारि करिनके ककी आविश्यकतप्रा हहै वक
"क्यप्रा आरिकोपश्री कके वविरुद्ध आरके म्बिढनके कके धलए ककोई पयप्रारप्त सप्रामगश्री उपलब्धि हहै , धजसकके धलए आरिकोपश्री परि मककदमप्रा चलप्रानके ककी आविश्यकतप्रा हहै यप्रा नहनीं"।
8. यह पप्राररनप्रा-पत्रि इस वनदरश कके सप्रार वनसतप्राररित वकयप्रा जप्रातप्रा हहै वक यवद पप्रारर्थी वविचप्रारिण न्यप्रायलय कके समक्ष उपससरत हकोकरि जमप्रानत परि ररिहप्राई हकेतक पप्राररनप्रा पत्रि दकेतप्रा हहै तको उसके मप्राननश्रीय उच्चतम न्यप्रायप्रालय दप्रारिप्रा सतमदरि कक मप्रारि असिंवतल म्बिनप्राम सश्री.म्बिश्री.आई., (2021) 10 एससश्रीसश्री 773 मम अविधिप्राररित वविधधिक धसद्धप्रासिंतय कके आलकोक मम शश्रीघ्रतप्रापसूविरक वनणर्थीत वकयप्रा जप्रायकेरप्रा।
9. तदनकसप्रारि, पप्राररनप्रा-पत्रि वनसतप्राररित वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। Order Date :- 18.7.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench