Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 146560 (ALL)

MOSIN @ MOSIM AND ANOTHER v. STATE OF U.P. THRU. ITS ADDL. CHIEF SECY. HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER

NA528/602/2025 · 2025-07-08

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:38533 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 602 of 2025 Applicant :- Mosin @ Mosim And Another Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Its Addl. Chief Secy. Home Deptt. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Arti Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्रीमतश्री आरतश्री शशुक्लप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री रप्राजकेश कशु मप्रार धससिंह कको सशुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 528 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सशुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके अन्तगरत पस्तशुत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थीगण नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर ससिंख्यप्रा 33 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 2/3 सप्राविरजवनक ससिंपधत्ति नशुकसप्रान वनविप्रारण अधधिवनयम रप्रानप्रा कशु ड़विप्रार जनपद सशुल्तप्रानपशुर कके अनशुक्रम मम पस्तशुत आरकोप पत वदनप्रासिंक 06.02.2025 तरप्रा उसकके आधिप्रार पर वविदप्रान अपर मशुख्य न्यप्रावयक मधजस्रटकेर कक ससिंख्यप्रा 21, सशुल्तप्रानपशुर दप्रारप्रा आपरप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 1166 सन 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 03.04.2025 धजसकके दप्रारप्रा उपरकोक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा तरप्रा पप्रारर्थीगण कको वविचप्रारण हकेतशु तलब वकयप्रा , ककी विवैधितप्रा कको चशुननौतश्री दश्री गयश्री हवै। 3. वविदप्रान अवतररक शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके उपरकोक पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरकोधि इस आधिप्रार पर वकयप्रा हवै वक धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतगरत ककेतप्राधधिकप्रार कप्रा उपयकोग करतके हहए न्यप्रायप्रालय पप्रारर्थी पर लगप्रायके गयके आरकोपपों ककी सत्यतप्रा कको नहहीं दकेख सकतश्री हवै। न्यप्रायप्रालय कको कके विल यह दकेखनप्रा हवै वक पतप्राविलश्री पर उपलब्धि पपतपों तरप्रा जप्रासिंच मम ससिंकधलत सप्राक्ष्यपों कके आधिप्रार पर पप्रारर्थी कके वविरुद्ध परम दृष्टयप्रा अपरप्राधि बनतप्रा हवै यप्रा नहहीं। 4. उपरकोक आदकेश ककी विवैधितप्रा कको चशुननौतश्री इस आधिप्रार पर दश्री गयश्री हवै वक पप्रारर्थीगण कके वविरुद्ध लगप्रायके गयके आरकोप असत्य हह। मप्राननश्रीय सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय कके वनणरय कम दश्रीय जप्रासिंच ब्यसूरको बनप्राम आयरन धससिंह आवद, 2023 एससश्रीसश्री ऑनलप्राइन एससश्री 379 मम अविधिप्राररत हवै वक धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतगरत शवकयपों कप्रा उपयकोग करतके हहए न्यप्रायप्रालय कको लघशु वविचप्रारण (वमनश्री रटप्रायल) करनके ककी आविश्यकतप्रा नहहीं हवै। इसमम अवभयकोजन / जप्रासिंच एजमसश्री कको आरकोपपों कको सप्रावबत करनके ककी आविश्यकतप्रा नहहीं हवै। दसिं०प०ससिं० ककी धिप्रारप्रा 482 कके असिंतगरत शवकयपों कप्रा उपयकोग करतके समय न्यप्रायप्रालय कके पप्रास बहहत सश्रीवमत अधधिकप्रार ककेत हवै और मप्रात यह वविचप्रार करनके ककी आविश्यकतप्रा हवै वक "क्यप्रा आरकोपश्री कके वविरुद्ध आगके बढ़नके कके धलए ककोई पयप्रारप्त सप्रामगश्री उपलब्धि हवै , धजसकके धलए आरकोपश्री पर मशुकदमप्रा चलप्रानके ककी आविश्यकतप्रा हवै यप्रा नहहीं"। 5. यह पप्राररनप्रा-पत इस वनदरश कके सप्रार वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हवै वक यवद पप्रारर्थीगण वविचप्रारण न्यप्रायलय कके समक उपसस्रत हकोकर जमप्रानत पर ररहप्राई हकेतशु पप्राररनप्रा पत दकेतप्रा हवै तको उसके मप्राननश्रीय उच्चतम न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा सतमदर कशु मप्रार असिंवतल बनप्राम सश्री.बश्री.आई., (2021) 10 एससश्रीसश्री 773 मम अविधिप्राररत वविधधिक धसद्धप्रासिंतपों कके आलकोक मम शश्रीघ्रतप्रापसूविरक वनणर्थीत वकयप्रा जप्रायकेगप्रा। 6. पप्राररनप्रा-पत तद्नशुसप्रार वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हवै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 8.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench