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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 146436 (ALL)
REKHA DEVI v. STATE OF U.P. THRU. ITS PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 5 OTHERS
/606/2025 · 2025-07-04
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 146436 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:37740 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 606 of 2025 Applicant :- Rekha Devi Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Its Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And 5 Others Counsel for Applicant :- Nisha Devi,Ajai Kumar Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A.,Vijai Kumar Shukla Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शनी अजय कक मप्रार शकक्लप्रा तरप्रा शनीमतनी वनशप्रा दकेविनी , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा शनी रप्राजकेश कक मप्रार रससिंह तरप्रा वविपकनी ससिंख्यप्रा 4 कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शनी वविजय कक मप्रार शकक्लप्रा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलनी कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. वविपकनी ससिंख्यप्रा 4 कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शनी वविजय कक मप्रार शकक्लप्रा नके विकप्रालतनप्रामप्रा पस्तकत वकयप्रा, रजसके अवभिलकेख पर रलयप्रा जप्रातप्रा हहै।
3. पकक्षों ककी सहमवत पर यह पप्राररनप्रा-पत असिंवतम रूप सके वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
4. धिप्रारप्रा 528 भिप्रारतनीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारररननी नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर ससिंख्यप्रा 382 सन 2024 असिंतगरत धिप्रारप्रा 351(2), 352 भिप्रारतनीय न्यप्राय ससिंवहतप्रा रप्रानप्रा ककोतविप्रालनी दकेहप्रात रजलप्रा पतप्रापगढ़ कके अनकक्रम मम पस्तकत पसूरक आरकोप पत ससिंख्यप्रा 5A/2025 वदनप्रासिंक 28.01.2025 तरप्रा उसकके आधिप्रार पर वविदप्रान वविशकेष न्यप्रायप्राधिनीश, पपॉक्सको, पतप्रापगढ़ दप्रारप्रा वविशकेष सत परनीकण ससिंख्यप्रा 161 सन 2024 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 05.02.2025 रजसकके दप्रारप्रा उपरकोक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान रलयप्रा तरप्रा पप्रारररननी कको वविचप्रारण हकेतक तलब वकयप्रा गयप्रा, कको वनरस्त करनके ककी पप्राररनप्रा ककी गयनी हहै।
5. उपरकोक पकरण वदनप्रासिंक 13.012.2024 कको 1. ससूरज सरकोज, 2. दनीपक उरर ननीरज तरप्रा 3.
रकेखप्रा दकेविनी (पप्रारररननी) कके वविरुद्ध रलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके आधिप्रार पर ससिंसस्रत हहआ रजसमम कहप्रा गयप्रा वक वदनप्रासिंक 02.12.2024 कको शप्राम 6 बजके वविपकनी ससिंख्यप्रा 2 नके अपननी 15 विषर्षीयप्रा पकतनी कको घर पर नहहीं पप्रायप्रा तरप्रा खकोजबनीन करनके पर उसकप्रा कक छ पतप्रा नहहीं चलप्रा। पप्रासिंच वदन बप्राद वदनप्रासिंक 07.12.2024 कको रप्रावत 11 बजके सह-अवभियककगण ससूरज सरकोज वि दनीपक नके रकोन सके बतप्रायप्रा वक वविपकनी ससिंख्यप्रा 2 ककी बकेरनी उसकके घर कके सप्रामनके पडनी हहै। इस पर वविपकनी ससिंख्यप्रा 2 नके अपनके पकतनी कको घर सके कक छ दसूर पर अस्तव्यस्त अविस्रप्रा मम पडनी हहई पप्रायप्रा और घर लके जप्राकर पकछतप्राछ करनके पर उसककी पकतनी नके बतप्रायप्रा वक सह -अवभियककगण उसके बहलप्रा-रक सलप्राकर अपनके सप्रार अपनके घर लके गयके रके। विह वदन मम उसके अपनके घर कके सप्रामनके बप्राग मम और रप्रात मम अपनके घर पर रखतके रके और जबरदस्तनी शप्रारनीररक ससिंबसिंधि भिनी बनप्रातके रके। घरनप्रा कको कप्राररत मम सह - अवभियककगण ककी मप्रासिं रकेखप्रा दकेविनी (पप्रारररननी) ककी भिनी वमलनीभिगत रनी। बलप्रात्कप्रार करनके कके बप्राद सह-अवभियकक ससूरज सरकोज नके जबरदस्तनी पनीवडतप्रा ककी मप्रासिंग मम रससिंदसूर भिर वदयप्रा।
6. पप्रारसिंवभिक वविविकेचनप्रा कके उपरप्रान्त वविविकेचक नके वदनप्रासिंक 12.01.2025 कको पप्रारररननी कके पकत सह-अवभियकक ससूरज सरकोज कके वविरुद्ध आरकोप -पत पस्तकत वकयप्रा वकन्तक न्यप्रायप्रालय
दप्रारप्रा अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान रलयके जप्रानके कके पसूविर हनी विह आरकोप -पत विप्रापस लकेकर अवग्रिम वविविकेचनप्रा ककी गयनी तरप्रा इसकके उपरप्रान्त वदनप्रासिंक 28.01.2025 कको तनीनक्षों अवभियककक्षों कके वविरुद्ध आरकोप-पत पस्तकत वकयप्रा गयप्रा रजनमम पप्रारररननी कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 351(2), 352 बनी०एन०एस०, उसकके पकत दनीपक कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 137(2), 351(2), 352 बनी०एन०एस०, उसकके दसूसरके पकत ससूरज सरकोज कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 137(2), 87, 64, 351(2), 352 बनी०एन०एस० वि धिप्रारप्रा 11/12 पपॉक्सको अरधिवनयम कप्रा आरकोप पप्रायप्रा गयप्रा। यह आरकोप-पत पस्तकत वकयके जप्रानके पर वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके वदनप्रासिंक 05.02.2025 कके आदकेश सके अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान लके रलयप्रा। पकरलस अधिनीकक नके पकरण मम धिप्रारप्रा 193(9) भिप्रारतनीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पकनवविरविकेचनप्रा करप्रानप्रा आविश्यक समझप्रा तरप्रा इस कप्रारण सके वविविकेचक नके न्यप्रायप्रालय सके अऩकरकोधि वकयप्रा वक न्यप्रायप्रालय मम पस्तकत आरकोप-पत अन्य अवभिलकेख ककी पवत उपलब्धि करप्रायनी जप्राय। न्यप्रायप्रालय नके वदनप्रासिंक 06.03.2025 कको उक पप्राररनप्रा-पत स्विनीकप्रार कर रलयप्रा। इसकके उपरप्रान्त वविविकेचक नके अवग्रिम वविविकेचनप्रा करकके वदनप्रासिंक 20.04.2025 कको एक अन्य आरकोप-पत पस्तकत वकयप्रा, रजसमम पप्रारररननी कके दप्रारप्रा ककोई अपरप्राधि कप्राररत हकोनप्रा नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा।
7.
इसकके उपरप्रान्त पप्रारररननी नके अपनके वविरुद्ध वनगरत गहैर जमप्रानतनी अरधिपत विप्रापस रलयके जप्रानके हकेतक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक एक पप्राररनप्रा -पत वदनप्रासिंक 23.05.2025 कको वदयप्रा रजस पर वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके गहैर जमप्रानतनी अरधिपत कके वक्रयप्रान्वियन कको स्रवगत कर वदयप्रा तरप्रा पप्रारररननी कको इस न्यप्रायप्रालय कके समक समकवचत कप्रायरविप्राहनी करनके ककी छसू र पदप्रान कर दनी।
8. पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा कप्रा तकर हहै वक वविविकेचनप्रा मम पप्रारररननी कके वविरुद्ध ककोई अपरप्राधि कप्राररत हकोनप्रा नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा हहै तको उसकके वविरुद्ध ककोई कप्रायरविप्राहनी नहहीं चल सकतनी तरप्रा उन्हक्षोंनके पप्रारररननी कके वविरुद्ध ससिंपसूणर कप्रायरविप्राहनी वनरस्त करनके ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
9. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा-पत कप्रा वविरकोधि नहहीं वकयप्रा तरप्रा उन्हक्षोंनके कहप्रा वक जब वविविकेचनप्रा मम पप्रारररननी कके वविरुद्ध ककोई अपरप्राधि कप्राररत हकोनप्रा नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा हहै तको ऐसके मम पप्रारररननी कके वविरुद्ध कप्रायरविप्राहनी समप्राप्त वकयके जप्रानके कके वविरुद्ध उन्हम ककोई आपरत नहहीं हहै।
10. वविपकनी ससिंख्यप्रा 4 कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शनी वविजय कक मप्रार शकक्लप्रा नके कहप्रा वक उन्हम पवतशपर-पत पस्तकत नहहीं करनप्रा हहै अततः उनकके ममौरखक तकरसिं कको ससिंजप्रान मम लकेकर पप्राररनप्रा-पत कको वनणर्षीत वकयप्रा जप्राय। ममौरखक आपरत मम वविपकनी ससिंख्यप्रा 4 कके वविदप्रान अरधिविकप्रा नके कहप्रा वक धिप्रारप्रा 183 भिप्रारतनीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत वदयके गयके अपनके बयप्रान मम पनीवडतप्रा नके घरनप्रा कप्रा समररन वकयप्रा हहै तरप्रा इस बयप्रान मम पनीवडतप्रा नके पप्रारररननी ककी ससिंरलप्ततप्रा भिनी दशप्रारयनी हहै। अततः उसकप्रा भिनी वविचप्रारण हकोनप्रा चप्रावहए।
11.
पकरण कके तथ्यक्षों कको दकेखनके पर यह पतनीत हकोतप्रा हहै वक परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके अनकसप्रार वशकप्रायतकतप्रार ककी 15 विषर्षीयप्रा पकतनी वदनप्रासिंक 02.12.2024 सके घर सके गप्रायब
रनी वकन्तक वशकप्रायतकतप्रार नके इस ससिंबसिंधि मम ककोई वशकप्रायत नहहीं ककी। वशकप्रायतकतप्रार कके अनकसप्रार वदनप्रासिंक 07.12.2024 ककी रप्रावत 11 बजके पप्रारररननी कके दकोनक्षों पकतक्षों नके एक सप्रार उसकको रकोन पर बतप्रायप्रा वक उसककी पकतनी घर कके सप्रामनके पडनी हहै जको वक अस्विप्राभिप्रावविक पतनीत हकोतप्रा हहै। पनीवडतप्रा कके करन कके अनकसप्रार सह -अवभियककगण नके इस पप्रासिंच वदन ककी अविरधि मम हर वदन अपनके घर कके सप्रामनके बप्राग मम और रप्रात मम घर कके असिंदर रखप्रा वकन्तक पप्रासिंच वदनक्षों तक बप्राग मम रहनके कके बप्राविजसूद पनीवडतप्रा नके न तको वकसनी सके सहप्रायतप्रा मप्रासिंगनके ककी ककोवशश ककी और न हनी विहप्रासिं सके भिप्रागनके ककी ककोवशश ककी जको वक पसूणरतयप्रा अस्विप्राभिप्रावविक हहै। वचवकत्सककीय परनीकण मम पनीवडतप्रा कके शरनीर पर बल पयकोग कप्रा ककोई वचह्न नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा तरप्रा पहैरप्रालपॉरजकल जप्रासिंच मम भिनी विनीयर ककी उपसस्रवत नहहीं पप्रायनी गयनी रजससके यह स्पष हकोतप्रा हहै वक पप्रासिंच वदनक्षों तक बलप्रात्कप्रार वकयके जप्रानके कप्रा आरकोप पनीवडतप्रा कके स्वियसिं कके बयप्रान कके अवतररक अन्य वकसनी सप्रामग्रिनी सके समरररत नहहीं हकोतप्रा हहै । वशकप्रायतकतप्रार कके वविदप्रान अरधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा-पत मम वकयके गयके करनक्षों कको वविविप्रावदत करतके हहए पवतशपर-पत भिनी न पस्तकत करनके कप्रा करन वकयप्रा हहै रजससके यह स्पष हकोतप्रा हहै वक विह पप्राररनप्रा -पत मम वकयके गयके करनक्षों कको स्विनीकप्रार करतके हह।
12. पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा नके हररयप्राणप्रा रप्राज्य बनप्राम भिजन लप्राल 1992 सप्लनीमकेण्र SCC 335 कके वनणरय कप्रा आशय रलयप्रा रजसमम मप्रानननीय उच्चतम न्यप्रायप्रालय नके अविधिप्राररत वकयप्रा वक वनणरय कके अनकच्छकेद 102 मम असिंवकत कई अन्य पररसस्रवतयक्षों कके सप्रार हनी उच्च न्यप्रायप्रालय धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतगरत आपरप्रारधिक कप्रायरविप्राहनी इस आधिप्रार पर भिनी वनरस्त कर सकतनी हहै वक यह दकभिप्रारविनप्रापसूविरक अरविप्रा वकसनी परकोक अवभिपप्राय सके अरविप्रा पवतशकोधि लकेनके कके उदकेश्य सके ससिंसस्रत ककी गयनी हहै।
13. तद्नकसप्रार, पप्रारररननी कके वविरुद्ध आपरप्रारधिक कप्रायरविप्राहनी जप्रारनी रखनप्रा वकसनी भिनी पकप्रार सके न्यप्रायवहत मम नहहीं हकोगप्रा एविसिं यह न्यप्रावयक पवक्रयप्रा कप्रा मप्रात दकरुपयकोग हहै।
14.
उपरकोक समनीकप्रा कके आरकोप मम यह पप्राररनप्रा -पत स्विनीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। परम ससूचनप्रा ररपकोरर ससिंख्यप्रा 382 सन 2024 असिंतगरत धिप्रारप्रा 351(2), 352 भिप्रारतनीय न्यप्राय ससिंवहतप्रा रप्रानप्रा ककोतविप्रालनी दकेहप्रात रजलप्रा पतप्रापगढ़ कके अनकक्रम मम पस्तकत पसूरक आरकोप पत ससिंख्यप्रा 5A/2025 वदनप्रासिंक 28.01.2025 तरप्रा उसकके आधिप्रार पर वविदप्रान वविशकेष न्यप्रायप्राधिनीश, पपॉक्सको, पतप्रापगढ़ दप्रारप्रा वविशकेष सत परनीकण ससिंख्यप्रा 161 सन 2024 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 05.02.2025 रजसकके दप्रारप्रा उपरकोक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान रलयप्रा तरप्रा पप्रारररननी कको वविचप्रारण हकेतक तलब वकयप्रा गयप्रा , तरप्रा उपरकोक आपरप्रारधिक विप्राद ककी ससिंपसूणर कप्रायरविप्राहनी पप्रारररननी कके वविरुद्ध वनरस्त ककी जप्रातनी हहै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 4.7.2025/Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench