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High Court of Chhattisgarh · body

2025 DAILYLAW 14375 (CHH)

SADHU @ SUNDAR LAL v. STATE OF CHHATTISGARH

CRA/518/2008 · 2025-03-20

Shri Sanjay Kumar Jaiswal

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

1 / 8 {Cr. A. No.-518 of 2008} 2025:CGHC:13324 अ्ቚतिवे्ቕ छ्ቈीसगढ़ उ्ሴ न्यायालय , बि'लासपुर बि+्ቓ-य सुरति. बि/+ांक-11/03/2025 बि+्ቓ-य उ्ሾोबि5 बि/+ांक-20/03/2025 /ाቄኌ78क अपील ्ቅमांक -518 /2008 1. साधू उ्ቛ- सुन्/र लाल बिपा-सु/्ቦ-+ स+ामी, उ्቞-लगभग 58 व5-, बि+वासी-्ቇाम ेन्/ूवाही, था+ा-ुमगांव, जिEला-महासमुन्/, छ्ቈीसगढ़ -----अपीलाथF बिवरू्ሾ  छ्ቈीसगढ़ राज्य, ्ቛारा था+ा-ुमगांव, जिEला-महासमुन्/, छ्ቈीसगढ़ -----उ्ቈरवा/ी अपीलाथF ्ቛारा : ्ቦी म+ोE परान्Eपेय, अतिधव्ሹा की ओर से ्ቦी क'ीर कलवा+ी, अतिधव्ሹा । ्ቦास+/उ्ቈरवा/ी ्ቛारा : ्ቦी बिववेक बिम्ቦा, पै+ल अतिधव्ሹा । मा++ीय न्यायमूቔኌ ्ቦी संEय कु मार Eायसवाल !! सी.ए.वी. बि+्ቓ-य !! 1. /78 ्ቚबि्ቅया संबिहा, 1973 की धारा-374(2) के ह ्ቚस्ु इस /ाቄኌ78क अपील में बिवचार्ቓ न्यायालय-स्ቔ न्यायाधी्ቦ, महासमुन्/, छ्ቈीसगढ़ ्ቛारा स्ቔ ्ቚकर्ቓ ्ቅमांक-18/2008 “छ्ቈीसगढ़ ्ቦास+ बिवरू्ሾ साधू उ्ቛ- सुन्/र लाल” में पारिर बि+्ቓ-य बि/+ांक-06/05/2008 को चु+ौी /ी गई है । जिEसके ह POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.03.20 15:12:11 +0530 2 / 8 {Cr. A. No.-518 of 2008} अपीलाथF को बि+म्+ा+ुसार /ो5जिस्ቍ कर /ቄኌ78 बिकया गया है । जिEसे आगे सं.ेप में “्ቚ्቞ाधी+ बि+्ቓ-य” से सम्'ोतिध बिकया Eा रहा हैः- /ो5जिसति्ቍ /78ा/े्ቦ धारा-307 भारीय /78 संबिहा, 1860 07 व5- का स्ቦम कारावास एवं 2,000/- रूपये का अथ-/78 था अथ-/78 राशि्ቦ अ/ा + कर+े की /्ቦा में 06 माह के अतिरिर्ሹ स्ቦम कारावास की सEा से /ቄኌ78 बिकया गया । 2. अशिभयोE+ का मामला सं.ेप में इस आ्ቦय का है बिक बि/+ांक 12/01/2008 को आह छ्ቐू पा्ቔे (अ०सा०-1) ्ቇाम-ेन्/ूवाही, था+ा-ुमगांव, जिEला-महासमुं/ ቄኌस्थ अप+े घर के ब्यारा में धा+ की िሰमEाई कर रहा था । उसके साथ उसका भाई रेखू उ्ቛ- बि+म-ल /ास पा्ቔे (अ०सा०-2) भी था । लगभग 10:30 'Eे आह छ्ቐू पा्ቔे गुड़ाखू मांग+े अपीलाथF के घर गया, Eहां अपीलाथF का पु्ቔ राEेन््ቖ भी उसके साथ 'ैठा था और /ो+ों आपस में 'ाची कर रहे थे । भी अपीलाथF टंबिगया लेकर वहां आया और Eा+ से मार+े की +ीय से छ्ቐू पा्ቔे की क+पटी पर वार कर बि/या, जिEससे उसे गंभीर चोट आई और खू+ बि+कल+े लगा । वह भागकर अप+े ब्यारा में पहुंचा और अप+े भाई रेखू उ्ቛ- बि+म-ल /ास पा्ቔे को घट+ा की Eा+कारी बि/या । भाई रेखू उसे घर लाया और माा-बिपा एवं अन्य पड़ोजिसयों को घट+ा 'ाया । प्ቐा में रेखू उ्ቛ- बि+म-ल /ास पा्ቔे था+ा-ुमगांव पहुंच कर ्ቚ/्ቦ- पी-2 के ह ्ቚथम सूच+ा प्ቔ /E- करवाया । आह छ्ቐू पा्ቔे का 8ॉक्टरी परी.्ቓ और एक्स-रे परी.्ቓ कराया गया । र्ሹरंजिE कपड़ों की Eब्ी कर ्ቚ/्ቦ- पी-1 ैयार बिकया गया । घट+ास्थल से बिम्ሾी आबि/ की Eब्ी की गई था मौका 3 / 8 {Cr. A. No.-518 of 2008} +क््ቦा ्ቚ/्ቦ- पी-4 ैयार बिकया गया । अपीलाथF के मेमोरें8म 'या+ ्ቚ/्ቦ- पी-5 के आधार पर टंबिगया Eब् कर उसका तिचबिकत्सकीय परी.्ቓ करवाया गया । Eब् कपड़े और टंबिगया को रासायबि+क परी.्ቓ हेु भेEा गया । साति.यों के 'या+ /E- कर संपू्ቓ- बिववेच+ा उपरां अशिभयोग प्ቔ ्ቚस्ु बिकया गया । 3. अशिभयोE+ की ओर से अप+े प. समथ-+ में कु ल-10 साति.यों का परी.्ቓ कराया था 15 /स्ावेE ्ቚ/्ቦ- तिचन्हांबिक करवाये । धारा-313 /78 ्ቚबि्ቅया संबिहा के ह 'या+ में अपीलाथF +े अप+े बिवपरी साति.यों के कथ+ों को इन्कार करे हुए स्वयं को बि+/{5 हो+ा 'ाे हुए कहा है बिक अशिभयोE+ प. के सभी सा.ी आपस में रिरश्े/ार हैं, उसे झूठा ्ቛं साया गया है । अपीलाथF +े कहा है बिक उसकी +ाति+ के साथ हुई छेड़छाड़ के आरोप से 'च+े के लिलए आह प. +े उसके लिखला्ቛ झूठी रिरपोट- की है । अपीलाथF की ओर से 'चाव में बिकसी सा.ी का परी.्ቓ +हीं करवाया गया, िሰकु ्ቚ/्ቦ- 8ी-3 और 8ी-4 का /स्ावेE पे्ቦ बिकया गया । जिE+के अ+ुसार घट+ा बि/+ांक-12/01/2008 को ही अपीलाथF की +ाति+ (उ्቞ 16 व5-) ्ቛारा आह छ्ቐू पा्ቔे के बिवरू्ሾ छेड़छाड़ की रिरपोट- /E- कराई गई थी, जिEस पर ्ቚ/्ቦ- 8ी-3 का ्ቚथम सूच+ा प्ቔ /E- हुआ और ्ቚ/्ቦ- 8ी-4 के ह आह छ्ቐू पा्ቔे के बिवरू्ሾ धारा-354 एवं 451 भारीय /78 संबिहा का अशिभयोग प्ቔ ्ቚस्ु बिकया गया । उभयप. काे सु+ा Eाकर बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा अपीलाथF को इस बि+्ቓ-य की कቄኌ78का-1 के अ+ुसार /ो5जिस्ቍ कर /ቄኌ78 बिकया गया, जिEसे इस अपील में चु+ौी /ी गई है । 4. अपीलाथF प. के बिव्ቛा+ अतिधव्ሹा का क- है बिक बिवचार्ቓ न्यायालय +े साቌኚय का समुतिच परी.्ቓ +हीं बिकया है । अशिभयोE+ का मामला सं/ेहास्प/ है था सभी 4 / 8 {Cr. A. No.-518 of 2008} सा.ी आपसी रिरश्े/ार हो+े के कार्ቓ बिह'्ቍ हैं । अपीलाथF +े आह छ्ቐू पा्ቔे के साथ कोई मारपीट +हीं की । उसे ऐसी कोई चोट +हीं आई Eो उसके Eीव+ के लिलए घाक हो । चोट की ्ቚकृ ति को /ेखे हुए अतिधकम मामला गंभीर उपहति कारिर कर+े का '+ा है, Eो धारा 326 भारीय /78 संबिहा के अंग- आा है । घट+ा लगभग 17 व5- पूव- की है और अपीलाथF 01 व5- 02 माह 05 बि/+ अशिभर.ा में रह चुका है । ऐसी ቄኌस्थति में /ो5जिसति्ቍ धारा 307 भारीय /78 संबिहा के स्था+ पर धारा 326 भारीय /78 संबिहा में परिरवቔኌ कर उसे अशिभर.ा अवतिध क का कारावास /ं8 /ेकर रिरहा बिकया Eाए । 5. उ्ቈरवा/ी/्ቦास+ प. उ्ቈरवा/ी/्ቦास+ प. की ओर से उपቄኌस्थ बिव्ቛा+ अतिधव्ሹा +े इस अपील का बिवरोध करे हुए क- बिकया है बिक अशिभयोE+ साति.यों +े पू्ቓ- रूप से अशिभयोE+ मामले का समथ-+ बिकया है जिE+पर अबिव्ቫास बिकये Eा+े का कोई कार्ቓ +हीं है । बिवचार्ቓ न्यायालय का “्ቚ्቞ाधी+ बि+्ቓ-य” साቌኚय की उतिच समी.ा पर आधारिर है । अशिभयोE+ +े अपीलाथF के बिवरू्ሾ अप+ा मामला सं/ेह से परे ्ቚमाशि्ቓ बिकया है । अपीलाथF प. ्ቛारा अपील में उठाये गये क- स्वीकार योग्य +हीं है । अः अपील खारिरE बिकया Eाये । 6. उभयप. का क- सु+ा गया और अशिभलेख का सूቌኚमापूव-क परिर्ቦील+ बिकया गया । 7. ्ቚस्ु साቌኚय था मौका +क््ቦा ्ቚ/्ቦ- पी-4 को /ेखे हुए यह ቄኌस्थति स्प्ቖ है बिक आह छ्ቐू पा्ቔे का ब्यारा और अपीलाथF प. का ब्यारा आपस में लगा हुआ है । अपीलाथF प. के ब्यारा में ही अपीलाथF का मका+ है जिEसके साथ ही उसके पु्ቔ राEेन््ቖ और /ूसरे पु्ቔ अ्ቦोक का भी मका+ '+ा हुआ है । कशिथ घट+ा अपीलाथF के पु्ቔ राEेन््ቖ के घर के साम+े घबिट हो+ा 'ाया गया है । घट+ा बि/+ांक- 5 / 8 {Cr. A. No.-518 of 2008} 12/01/2008 को अपीलाथF के पु्ቔ राEेन््ቖ की पु्ቔी अथा- उसकी +ाति+ ्ቛारा आह छ्ቐू पा्ቔे के बिवरू्ሾ ्ቚ/्ቦ- 8ी-3 के रूप में छेड़छाड़ की रिरपोट- /E- कराई गई । ्ቚथम सूच+ा प्ቔ ्ቚ/्ቦ- पी-2 में आह प. की ओर से घट+ा का कोई कार्ቓ +हीं 'ाया गया है । ऐसी /्ቦा में, अशिभयोE+ साቌኚय में आये थ्य और अपीलाथF प. ्ቛारा लिलये गये 'चाव और ्ቚस्ु /स्ावेE ्ቚ/्ቦ- 8ी-3 और 8ी-4 को /ेखे हुए, यह ቄኌस्थ स्प्ቖ हो Eाी है बिक कशिथ छेड़छाड़ की घट+ा के ्ቛलस्वरूप ही अपीलाथF ्ቛारा आह छ्ቐू पा्ቔे को टांगी से मारा गया था, जिEससे छ्ቐू पा्ቔे को ग/+- के बिहस्से में चोट आयी । 8. बिवचार्ቓीय ्ቚ्቞ यह है बिक क्या अपीलाथF का कृ त्य हत्या के ्ቚयास की ्ቦे्ቓी में आा है? 9. स्वयं आह छ्ቐू पा्ቔे (अ०सा०-1) +े अशिभयोE+ मामले की पुबि्ቖ करे हुए 'ाया है बिक E' वह अपीलाथF के पु्ቔ राEेन््ቖ के साथ गुड़ाखू कर रहा था, भी अपीलाथF अचा+क से आया और उसकी क+पटी में मारा था, जिEससे उसे चोट आयी । अपीलाथF को उसके पु्ቔ राEेन््ቖ +े पकड़ लिलया और वह भागकर अप+े ब्यारा में चला गया था । ्ቚथम सूच+ा प्ቔ ्ቚ/्ቦ- पी-2 में इस थ्य का उ्ቤेख +हीं है बिक घट+ा के समय वह, राEेन््ቖ के साथ गुड़ाखू कर रहा था अथवा मारपीट के समय राEेन््ቖ +े अपीलाथF को पकड़ लिलया हो । वहीं, ्ቚ/्ቦ- 8ी-3 और 8ी-4 था अपीलाथF प. ्ቛारा अशिभयोE+ साति.यों के ्ቚतिपरी.्ቓ के /ौरा+ बि/ये गये सुझावों से यह ቄኌस्थति परिरलति. होी है बिक स्वयं आह छ्ቐू पा्ቔे वहां गया था, इसलिलये मारपीट का कार्ቓ भी अपीलाथF के +ाति+ से छ्ቐू पा्ቔे ्ቛारा छेड़छाड़ बिकया Eा+ा ही परिरलति. होा है । 6 / 8 {Cr. A. No.-518 of 2008} 10. 8ॉक्टर बिवबिप+ राय (अ०सा०-9) +े आह छ्ቐू पा्ቔे का 8ॉक्टरी परी.्ቓ कर ्ቚतिवे/+ ्ቚ/्ቦ- पी-9 /े+ा 'ाे हुए कहा है बिक उसे एकमा्ቔ चोट 'ांये का+ के पास 5 x 3 x 3 सेमी का कटा हुआ घाव था जिEसकी ्ቚकृ ति गंभीर थी, वह धार/ार हशिथयार से आयी थी । प्ቐा में E' Eब््ቦु/ा टांगी का परी.्ቓ ्ቚतिवे/+ ्ቚ/्ቦ- पी-11 /ेे हुए 'ाया है बिक पायी गई चोट उ्ሹ टांगी से आ सकी है । 11. 8ॉक्टर ्ቚ/ीप कु मार (अ०सा०-8) +े मेति8कल कॉलेE अस्पाल रायपुर के +ाक, का+, गला बिवभाग में प/स्थ रह+ा 'ाे हुए बि/+ांक-12/01/2008 को आह छ्ቐू पा्ቔे का परी.्ቓ ्ቚतिवे/+ ्ቚ/्ቦ- पी-8 /े+ा 'ाया है । जिEसके अ+ुसार आह छ्ቐू पा्ቔे बि/+ांक-12/01/2008 से 24/01/2008 क अथा- वहां 12 बि/+ भF रहा, जिEसके क+पटी में 3 सेमी x गहराई क 3 सेमी का चोट धार/ार एवं ठोस वस्ु का था, उसके का+ के घाव के अं/र ह्ቂी के शिछलके मौEू/ थे, जिEसका ईलाE बिकया गया था । चोट लग+े से उसे 'ांये का+ से कु छ सु+ाई +हीं /े रहा था । 8ॉक्टर ्ቚ/ीप कु मार +े आगे कहा है बिक का+ के उपचार के लिलए आह छ्ቐू पा्ቔे पु+ः माच-, 2008 में भF हुआ था और जिEसका ति8चाE- बिटकट ्ቚ/्ቦ- पी-8 है । इस रह, स्प्ቖ है बिक का+ की अቄኌस्थ में धार/ार हशिथयार की चोट आयी जिEससे ह्ቂी के शिछलके भी बि+कल आये थे । इस ्ቚकार से, धार/ार हशिथयार से गंभीर ्ቚकृ ति की चोट आ+ा ्ቚमाशि्ቓ हुआ है । 12. मामले में 8ॉक्टर बिवबिप+ राय (अ०सा०-9) और 8ॉक्टर ्ቚ/ीप कु मार (अ०सा०- 8) का ऐसा अशिभम +हीं आया है बिक आह छ्ቐू पा्ቔे (अ०सा०-1) को पायी गई चोट उसके Eीव+ के लिलए घाक रही हो । ऐसी /्ቦा में, घट+ा्ቅम की ቄኌस्थति और ्ቚकृ ति को /ेखे हुए यह ्ቚमाशि्ቓ +हीं पाया Eाा बिक अपीलाथF का आ्ቦय 7 / 8 {Cr. A. No.-518 of 2008} आह छ्ቐू पा्ቔे की मृत्यु कारिर कर+े का था । इसलिलए मामला धारा-307 भारीय /78 संबिहा के ह हत्या के ्ቚयास का ्ቚमाशि्ቓ +हीं होा, 'ቄኌŒक धारा-326 भारीय /78 संबिहा के ह गंभीर उपहति कारिर कर+े का पाया Eाा है । अः अपीलाथF की /ो5जिसति्ቍ धारा-307 भारीय /78 संबिहा के स्था+ पर धारा-326 भारीय /78 संबिहा में परिरवቔኌ की Eाी है । 13. Eहाँ क, /78ा/े्ቦ का ्ቚ्቞ है? इस सं'ंध में यह थ्य उ्ቤेख+ीय है बिक कशिथ घट+ा्ቅम को लेकर उसी बि/+ आह छ्ቐू के बिवरू्ሾ भी छेड़छाड़ की रिरपोट- /E- करवायी गई थी । उसी अ+ु्ቅम में अपीलाथF ्ቛारा टंबिगया से आह छ्ቐू को चोट कारिर बिकया Eा+ा स्प्ቖ हो रहा है । घट+ा करी' 17 व5- पूव- की है, व-मा+ में अपीलाथF की उ्቞ करी' 75 व5- की हो रही है, वह करी' 01 व5- 02 माह 05 बि/+ अशिभर.ा में रह चुका है । उसका कोई पूव- आपरातिधक रिरकॉ8- +हीं 'ाया गया है । इस अवस्था में उसे पु+ः Eेल भेEे Eा+े की आवश्यका +हीं पायी Eाी । 14. अः धारा-326 भारीय /78 संबिहा के अपराध में अपीलाथF का /78ा/े्ቦ 07 व5- के स्ቦम कारावास को उसकी अशिभर.ा अवतिध 01 व5- 02 माह 05 क के कारावासी /78 में परिरवቔኌ कर सीबिम बिकया Eाा है । अथ-/78 राशि्ቦ सबिह ्ቦे5 /78ा/े्ቦ की पुबि्ቖ की Eाी है । 15. उपरो्ሹा+ुसार, अपील आंशि्ቦक रूप से स्वीकार की Eाी है । 16. अपीलाथF Eमा+ पर 'ाया गया है । /78 ्ቚबि्ቅया संबिहा, 1973 की धारा-437 (क) के ह उसका Eमा+-मुचलका और 06 माह के लिलए ्ቚभाव्ቦील रहेगा त्प्ቐा् अन्य न्यायालय में उपቄኌस्थ हो+े की आवश्यका +ा रह+े पर मु्ሹ समझा Eायेगा । 8 / 8 {Cr. A. No.-518 of 2008} 17. बि+्ቓ-य की ्ቚति के साथ बिवचार्ቓ न्यायालय को मूल अशिभलेख आवश्यक काय-वाही हेु सूच+ाथ- एवं पाल+ाथ- ्ቦी्ቈापूव-क वापस ्ቚेबि5 हो । सही/- (संEय कु मार Eायसवाल) न्यायाधी्ቦ पोम+