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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 143231 (ALL)
SHANKAR @ RAVI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO.
BAIL/4864/2025 · 2025-05-30
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 143231 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:33438 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 4864 of 2025 Applicant :- Shankar @ Ravi Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. Counsel for Applicant :- Atul Verma,Akhilendra Pratap Singh,Vinod Kumar Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अततुल विरप्रार्मा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परर शश्री रप्राजश्रीवि कतु रप्रार विरप्रार्मा कको सतुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सतुरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगर्मात पस्ततुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके रतुकदरप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 220 सन 2024 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 302, 201 भप्रा०दसं०ससं० रप्रानप्रा अतररौलश्री धजलप्रा हिरदकोई रम जरप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै।
3. वदनप्रासंक 31.05.2024 कको गप्रारसभप्रा पविप्रायप्रा कके गप्रार पधिप्रान कके पवत नके उपरकोक परर ससूचनप्रा ररपकोरर्मा धलखप्राई, धजसरम यहि कहिप्रा गयप्रा हिहै वक उसकको वदनप्रासंक 30.05.2024 कको लगभग सप्राढके 3 बजके वदन रम कतु छ गप्रारश्रीणणों दप्रारप्रा जप्रानकप्रारश्री दश्री गयश्री वक पविप्रायप्रा सके गहिदरौ जप्रानके विप्रालश्री सड़क कके बप्रायम वकनप्रारके खड़श्री पतविप्रार रम आग लगश्री हिहई हिहै और उसरम एक अजप्रात रवहिलप्रा कप्रा शवि जलप्रा हिहआ पड़प्रा हिहै। चकेहिरप्रा पसूरश्री तरहि सके जल जप्रानके कके कप्रारण शवि पहिचप्रान रम नहिहीं आ रहिप्रा हिहै।
4. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा रम पसूरप्रा शरश्रीर जलप्रा हिहआ पप्रायप्रा गयप्रा , दकोनणों फके फड़णों रम कप्राबर्मान तरप्रा ससूर पप्राए गए तरप्रा रमृत्यतु कप्रा कप्रारण रमृत्यतु पसूविर्मा जलनके सके आयश्री चकोरणों कके कप्रारण अपघप्रात बतप्रायप्रा गयप्रा।
5. वविविकेचक नके कतु छ गप्रारश्रीणणों कके बयप्रान असंवकत वकयके धजन्हिणोंनके कहिप्रा वक उन्हिम वबजलश्री कप्रा तप्रार रसूरनके सके आग लगनके ककी ससूचनप्रा वरलश्री रश्री। वविविकेचक नके इसकके उपरप्रान्त गतुरशतुदप्रा रवहिलप्राओसं कके बप्रारके रम ससूचनप्रा ससंकधलत ककी तको यहि पप्रायप्रा गयप्रा वक एक 23 विरर्थीयप्रा रवहिलप्रा नश्रीलसू ककी गतुरशतुदगश्री ककी ररपकोरर्मा दजर्मा रश्री तरप्रा उसकके वपतप्रा जप्रान पकप्राश वतपप्राठश्री नके कहिप्रा वक शवि उनककी पतुतश्री नश्रीलसू कप्रा हिको सकतप्रा हिहै क्यणोंवक उसकके पहैर कप्राफकी वरलतके -जतुलतके हिह, एक अन्य व्यवक शश्री कप्रान्तप्रा पसप्राद नके कहिप्रा वक उनककी लड़ककी रकोहिनश्री गप्रायब हिहै , रप्रानश्री पत्नश्री आशश्रीर ककी गतुरशतुदगश्री ककी भश्री ररपकोरर्मा दजर्मा हिहै।
6.
एक स्वितसंत सप्राकश्री रनकोज धससंहि नके कहिप्रा वक उसश्री कके गप्रासंवि कके अधखलकेश कके सप्राढसू प्यप्रारके लप्राल कके लड़कके दतुगरश वि शसंकर नके आकर उससके यहि कहिप्रा वक उसककी बहिन ससंगश्रीतप्रा एक रतुसस्लर लड़कके कके सप्रार भप्राग गयश्री रश्री जको विहि 3-4 वदन रम विप्रापस आ गयश्री रश्री। विहि बप्रार-बप्रार उसश्री लड़कके कके सप्रार जप्रानके ककी धजद करतश्री रश्री , धजस पर आविकेश रम आकर उन्हिणोंनके अपनश्री बहिन ककी हित्यप्रा कर दश्री और शवि सरपत रम डप्रालकर जलप्रा वदयप्रा। इसश्री सप्राकश्री नके कहिप्रा वक उन लकोगणों नके उससके यहि कहिप्रा वक पतुधलस कको उसककी ओरनश्री विहैन कप्रा नसंबर वरल गयप्रा हिहै धजस पर पतुधलस बप्रार-बप्रार उन लकोगणों कको बतुलप्रा रहिश्री हिहै।
7. एक अन्य व्यवक रप्राजसू यप्रादवि नके भश्री यहि कहिप्रा वक दतुगरश नके आकर बतप्रायप्रा वक दतुगरश वि शसंकर (पप्रारर्थी) नके अपनश्री बहिन ककी हित्यप्रा करनके ककी बप्रात स्विश्रीकप्रार ककी।
8. इसकके बप्राद पतुधलस नके दतुगरश तरप्रा शसंकर (पप्रारर्थी) कको वगरफ्तप्रार कर धलयप्रा तरप्रा अवभरकप्रा रम वदयके गयके बयप्रानणों रम उन्हिणोंनके रमृतकप्रा ककी हित्यप्रा करकके घरनप्रा स्रल पर रमृतकप्रा कप्रा गलप्रा दबप्राकर उसके सरपत रम डप्रालकर पकेरटकोल वछड़कर आग लगप्रानके कप्रा करन वकयप्रा। पप्रारर्थी तरप्रा दतुगरश ककी वनशप्रानदकेहिश्री पर पतुधलस नके घरनप्रा स्रल कके पप्रास सड़क कके दसूसरश्री ओर झप्राड़श्री रम सके एक प्लप्रासस्रक ककी बकोतल धजसरम नश्रीलप्रा ढक्कन लगप्रा हिहै, वनकप्रालकर दश्री और उन्हिणोंनके कहिप्रा वक इसश्री बकोतल सके पकेरटकोल डप्रालप्रा रप्रा तरप्रा बकोतल रम पकेरटकोल ककी कतु छ रप्रात ररौजसूद रश्री।
9. वविविकेचक नके कई व्यवकयणों कके डश्री.एन.ए. नरसूनके जप्रासंच कके धलए वविधधि वविजप्रान पयकोगशप्रालप्रा वभजविप्रायके हिह वकन्ततु अभश्री तक ररपकोरर्मा पप्राप्त नहिहीं हिहै।
10. पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार पस्ततुत शपर-पत रम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हिहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै।
11. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा-पत कप्रा वविरकोधि करतके हिहए कहिप्रा वक सहि-अवभयतुक दतुगरश दप्रारप्रा पस्ततुत जरप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत ससंख्यप्रा 11816 सन 2024 अभश्री लसंवबत हिहै। उन्हिणोंनके कहिप्रा वक वविविकेचनप्रा रम आरकोपणों ककी पतुवष्टि हिहई तरप्रा आरकोप -पत वदनप्रासंक 25.07.2024 कको पस्ततुत वकयप्रा जप्रा चतुकप्रा हिहै। कके स डप्रायरश्री कके पचप्रार्मा ससंख्यप्रा 11 रम असंवकत हिहै वक जकेहिरप्रा रम सस्रत कश्यप जनरल स्रकोर रम लगके सश्री .सश्री.रश्री.विश्री.
कहै ररके ककी फतु रकेज रम रप्रारुवत ओरनश्री विहैन ससंख्यप्रा 32 5402 UP AX लखनऊ ककी ओर जप्रातके हिहए वदखप्राई पड़श्री। वविविकेचन नके न तको यहि असंवकत वकयप्रा हिहै वक सश्री .सश्री.रश्री.विश्री फतु रकेज घरनप्रा स्रल सके वकतनश्री दसूरश्री पर लगप्रा हिहै और न हिश्री यहि असंवकत वकयप्रा हिहै वक उपरकोक विप्राहिन वकस वतधर एविसं वकस सरय दकेखप्रा गयप्रा। विप्राहिन बहैठके वकसश्री व्यवक कको भश्री सश्री .सश्री.रश्री.विश्री
फतु रकेज रम नहिहीं दकेखश्री गई हिहै। जरप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत रम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक सश्री.सश्री.रश्री.विश्री. कहै ररप्रा घरनप्रा स्रल सके लगभग 20 वक.रश्री. ककी दसूरश्री पर लगप्रा हिहआ हिहै। ऐसश्री सस्रवत रम रप्रात सश्री.सश्री.रश्री.विश्री फतु रकेज रम एक विप्राहिन कप्रा नसंबर वदखनके भर सके पप्रारर्थी कको जरप्रानत नहिहीं वदयके जप्रानके कप्रा सरतुवचत आधिप्रार उत्पन्न नहिहीं हिकोतप्रा हिहै।
12. उपरकोक तथ्यणों कको दृवष्टिगत रखतके हिहए, जबवक पहैर कके आधिप्रार पर रमृतकप्रा ककी पहिचप्रान एक अन्य व्यवक जप्रान पकप्राश वतपप्राठश्री नके अपनश्री पतुतश्री नश्रीलसू कके रूप रम ककी जबवक पप्रारर्थी कको ससंगश्रीतप्रा ककी हित्यप्रा कके आरकोप रम वगरफ्तप्रार वकयप्रा गयप्रा हिहै ; रमृतकप्रा ककी पहिचप्रान कके धलए गए धलए गए डश्री.एन.ए. नरसूनके ककी जप्रासंच परश्रीकण आख्यप्रा अभश्री तक पप्राप्त नहिहीं हिहै ; सश्री.सश्री.रश्री.विश्री. फतु रकेज रम दकेखके गयके विप्राहिन नसंबर सके पप्रारर्थी ककी घरनप्रा कप्राररत करनके ककी ससंधलप्ततप्रा कके ससंबसंधि रम ककोई वविशकेर जप्रानकप्रारश्री नहिहीं पप्राप्त हिकोतश्री हिहै ; परर दृष्टियप्रा पप्रारर्थी ककी स्विश्रीकप्रारकोवक कके अवतररक इस स्तर पर ककोई अन्य सप्रारगश्री उपलब्धि नहिहीं हिहै ; पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै, विहि वदनप्रासंक 16.06.2024 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा रम हिहै; वविविकेचनप्रा पसूणर्मा हिको चतुककी हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा रत हिहै वक पप्रारर्थी जरप्रानत पर ररहिप्रा वकयके जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै।
13. तद्नतुसप्रार, जरप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै।
14.
आविकेदक शसंकर उफर्मा रववि कको वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित रधजस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी ससंततुवष्टि कके अनतुसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और सरप्रान रप्रावश ककी दको जरप्रानतम पस्ततुत करनके पर उपरकोक रप्रारलके रम जरप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहिणों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 30.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench