Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 142949 (ALL)

MAHIPAL v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO.

BAIL/4880/2025 · 2025-05-30

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:33836 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 4880 of 2025 Applicant :- Mahipal Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. Counsel for Applicant :- Alok Kumar Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री आललोक कक मप्रार वमशप्रा , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री रववि शश्रीविप्रास्तवि कलो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविललोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तकत इस पप्राररनप्रा- पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 0475 सन 2024, अन्तगरत धिप्रारप्रा 103(1), 80(2), 85, 92, 60(2) बश्री०एन०एस एविसं 3/4 दहिकेज पवतषकेधि अधधिवनयम, रप्रानप्रा- वबलगप्राम, धजलप्रा-हिरदलोई मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्रासंक 06.10.2024 कलो पप्रारर्थी कके पकत दप्रारप्रा धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपलोरर मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक जब विहि अपनश्री पत्नश्री कके सप्रार मलोररसप्राइवकल सके घर सके हिरदलोई गयप्रा रप्रा तरप्रा वदनप्रासंक 04.10.2024 हिरदलोई सके अपनश्री ससकरप्राल कलो जप्रा रहिप्रा रप्रा , रप्रास्तके मम वबलगप्राम हिरदलोई मप्रागर पर पश्रीछके सके आ रहिके तकेज रफ्तप्रार डम्पर नके लगभग शप्राम 8:30 बजके उसककी मलोररसप्राइवकल मम रक्कर मप्रार दश्री तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार ककी पत्नश्री कके धसर कलो ररौंदतके हिहए डम्पर भप्राग गयप्रा। डम्पर कप्रा नसंबर सप्राफ वदखप्राई नहिहीं दके रहिप्रा रप्रा। पकधलस वि एम्बकलमस कलो ससूचनप्रा दकेनके कके बप्राद आनन-फप्रानन मम सप्रामकदप्रावयक स्विप्रास्थ्य कम द्र वबलगप्राम लप्रायप्रा गयप्रा, जहिप्राहाँ डप्राक्रररों नके पप्रारर्थी ककी पत्नश्री कलो ममृत घलोवषत कर वदयप्रा। 4. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम धसर कप्रा कक चल कके फर जप्रानप्रा पप्रायप्रा गयप्रा तरप्रा ममृत्यक कप्रा कप्रारण धसर ककी चलोर कके कप्रारण अपघप्रात एविसं रकसप्रावि बतप्रायप्रा गयप्रा। 5. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार कक छ समप्राचप्रार पतरों मम छपके समप्राचप्राररों ककी पवतयप्रासं ससंलग्न हिहै, धजसकके अनकसप्रार पश्रीवड़ितप्रा ककी ममृत्यक सड़िक दकघररनप्रा मम हिहई। पश्रीवड़ितप्रा ममृत्यक कके समय गभरवितश्री रश्री। 6. पप्रारर्थी कके पकत नके वदनप्रासंक 22.10.2024 कलो पकधलस कलो एक पप्राररनप्रा पत दकेकर यहि कहिप्रा वक उसककी ममृत पत्नश्री कके भप्राई ससंजय कक मप्रार तरप्रा अधखलकेश लप्रालचश्री वकस्म कके व्यवक हिह तरप्रा विहि पप्रारर्थी ककी पत्नश्री ककी ममृत्यक कके बप्राद उससके धिन ऐसंठनप्रा चप्राहितके हिह और इस कप्रारण उसकके धखलप्राफ फजर्थी पप्राररनप्रा पत दकेतके रहितके हिह। पप्रारर्थी कके पकत नके वदनप्रासंक 29.10.2024 कलो अपनश्री ममृत पत्नश्री कके वपतप्रा एविसं दलो भप्राइयरों कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 173(4) बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगरत पप्राररनप्रा पत वदयप्रा हिहै। 7. वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान वशकप्रायतकतप्रार नके परम ससूचनप्रा ररपलोरर कके करनरों ककी पकवष्टि ककी। ममृतकप्रा कके भप्राई नके पप्रारर्थी तरप्रा उसकके पकत दप्रारप्रा दहिकेज कके धलए अपनश्री बहिन कलो पतप्रावड़ित करनप्रा कहिप्रा तरप्रा यहि क़हिप्रा वक उसकलो वविश्विप्रास हिहै वक पप्रारर्थी दप्रारप्रा उसककी बहिन ककी हित्यप्रा कर उसके दकघररनप्रा वदखप्राई गई। 8. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी एक 65 विषर्थीय वनदर्दोष विमृद्ध व्यवक हिहै और उसकप्रा कलोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। 9. पस्तकत पकरण मम सहि-अवभयकक अरवविसंद वकसप्रान कलो इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा जमप्रानत पप्राररनप्रा पत ससंख्यप्रा 3846 सन 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासंक 06.05.2025 दप्रारप्रा जमप्रानत दश्री जप्रा चकककी हिहै। 10. उपरलोक तथ्यरों कके दृवष्टिगत, जबवक घरनप्रा वदनप्रासंक 04.10.2024 कलो शप्राम 8:30 बजके हिहई; पलोस्रमप्राररम कके पश्चप्रात परम ससूचनप्रा ररपलोरर वदनप्रासंक 06.10.2024 कलो पप्रारर्थी कके पकत नके स्वियसं हिश्री धलखप्राई तरप्रा ममृतकप्रा कके भप्राईयरों नके उस स्तर पर कलोई वशकप्रायत नहिहीं ककी; पप्रारर्थी नके ममृतकप्रा कके भप्राईयरों कके वविरुद्ध धिन उगप्राहिश्री कके पयप्रास मम झसूठके आरलोप लगप्रानके कप्रा करन करतके हिहए पकधलस कलो एक पप्राररनप्रा पत वदनप्रासंक 22.10.2024 कलो वदयप्रा रप्रा तरप्रा धिप्रारप्रा 173(4) बश्री०एन०एस०एस कके असंतगरत पप्राररनप्रा पत वदनप्रासंक 29.10.2024 कलो वदयप्रा रप्रा; ममृतकप्रा कके भप्राई नके दहिकेज कके धलए पतप्रावड़ित करनके तरप्रा पप्रारर्थी दप्रारप्रा उसककी हित्यप्रा वकए जप्रानके कप्रा ससंदकेहि व्यक वकयप्रा, वकन्तक मप्रात ससंदकेहि कके अवतररक पप्रारर्थी कके वविरुद्ध कलोई सप्रामगश्री नहिहीं हिहै और विहि वदनप्रासंक 03.05.2025 सके जकेल मम वनरुद्ध हिहै तरप्रा वविविकेचनप्रा पसूणर हिलो चकककी हिहै ; जबवक पस्तकत पकरण मम सहि -अवभयकक कलो जमप्रानत वमल चकककी हिहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी भश्री जमप्रानत पर ररहिप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै। 11. तदनकसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। 12. आविकेदक कलो वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दलो जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरलोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयलोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयलोजन पक कके सप्रावकयरों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हिलोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 30.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench