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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 142800 (ALL)

RAKESH KUMAR @ LAVKUSH @ BAJRANGI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. CHIEF SECY. HOME LKO.

BAIL/4867/2025 · 2025-05-30

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:33678 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 4867 of 2025 Applicant :- Rakesh Kumar @ Lavkush @ Bajrangi Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Chief Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Rakesh Pratap Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री रप्राकके श पतप्राप धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अनसिंत पतप्राप धससिंह कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 35 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 103(1) बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा बछरप्राविप्रासिं धजिलप्रा रप्रायबरकेलश्री मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रासिंक 24.01.2025 कको शक कके आधिप्रार पर पप्रारर्थी, रवविशसिंकर तरप्रा पप्पपू कके वविरुद धलखप्राई गई परम सपूचनप्रा ररपकोरर मम यह कहप्रा गयप्रा वक वदनप्रासिंक 12.01.2025 कको वशकप्रायतकतप्रार कके भप्राई ककी दसुकप्रान मम चकोरश्री हको गयश्री रश्री तरप्रा गप्रासिंवि कके कसु छ लकोगगों नके यह बतप्रायप्रा रप्रा वक चकोरश्री नप्रावमत अवभयसुकगों नके ककी हहै। वशकप्रायतकतप्रार कके भप्राई नके भश्री अवभयसुकगण सके कहप्रा रप्रा वक उसके पतप्रा चल गयप्रा हहै वक चकोरश्री वकसनके ककी हहै। वदनप्रासिंक 23.01.2025 ककी रप्रावत 10 बजिके सके 10:30 बजिके पप्रारर्थी कके भप्राई ककी धिप्रारदप्रार हधरयप्रार सके मप्रारके और धसर पर चकोर पहहसिंचप्राकर हत्यप्रा कर दश्री गयश्री। वशकप्रायतकतप्रार नके आशसिंकप्रा व्यक ककी वक घरनप्रा अवभयसुकगण नके कप्राररत ककी रश्री। 4. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम चप्रार फरके हहए घप्रावि एविसिं एक कसु चलनके कप्रा घप्रावि पप्रायप्रा गयप्रा , ममृत्यसु कप्रा कप्रारण ममृत्यसु पपूविर आयश्री चकोरगों कके कप्रारण हहआ रकसप्रावि एविसिं अपघप्रात बतप्रायप्रा गयप्रा। 5. पसुधलस नके पप्रारर्थी तरप्रा सह -अवभयसुक रविश्रीशसिंकर उफर नविरत्न कको वगरफ्तप्रार वकयप्रा। पप्रारर्थी कके पप्रास सके 350/- रुपयके एविसिं रवविशसिंकर कके पप्रास सके 410/- रुपयके बरप्रामद हहए और इन लकोगगों ककी वनशप्रानदकेहश्री पर एक तप्रालप्राब कके पप्रास झप्रावड़ियगों मम प्लप्रासस्रक ककी बकोरश्री मम रखप्रा एक लकोहके कप्रा सब्बल तरप्रा कसु ल्हप्राड़िश्री बरप्रामद हहई जिको दकोनगों हश्री रकरसिंधजित रके। 6. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तसुत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 22 विरर्थीय वनदर्दोर नवियसुविक हहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 7. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम आरकोपगों ककी पसुवष्टि हहई तरप्रा आरकोप -पत वदनप्रासिंक 29.05.2025 कको पस्तसुत वकयप्रा जिप्रा चसुकप्रा हहै। 8. उपरकोक तथ्यगों कको दृवष्टिगत रखतके हहए, जिबवक घरनप्रा कप्रा ककोई चकसुदशर्थी सप्राकश्री नहहीं हहै; यद्यवप परम सपूचनप्रा ररपकोरर मम कहप्रा गयप्रा हहै वक ममृतक कको वकसश्री नके बतप्रा वदयप्रा रप्रा वक अवभयसुकगण नके उसकके घर मम वदनप्रासिंक 12.01.2025 कको चकोरश्री ककी रश्री वकन्तसु ऐसप्रा बतप्रानके विप्रालके व्यवक कप्रा नप्राम नहहीं बतप्रायप्रा गयप्रा हहै ; पप्रारर्थी कको मप्रात ससिंदकेह कके आधिप्रार पर अवभयसुक बनप्रायप्रा गयप्रा हहै ; सब्बल तरप्रा कसु ल्हप्राड़िश्री ककी बरप्रामदगश्री कप्रा ककोई सप्राकश्री नहहीं हहै तरप्रा ममृतक कके शवि पर धिप्रारदप्रार हधरयप्रार सके चकोर पहहसिंचप्रानके कप्रा ककोई घप्रावि नहहीं रप्रा ; पप्रारर्थी एक 22 विरर्थीय नवियसुविक हहै धजिसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै विह वदनप्रासिंक 23.03.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम हहै ; वविविकेचनप्रा पपूणर हको चसुककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 9. तद्नसुसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 10. आविकेदक कको वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजिस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक कके गविप्राहगों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 30.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench