DINESH GOYAL v. CHHATTISGARH STATE ELECTRICITY BOARD
CRA/96/2007 · 2025-03-06
Shri Sanjay Kumar Jaiswal
body2025
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[ 2025 DAILYLAW 1424 (CHH) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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1 / 9 {Cr. A. No.-96 of 2007}
2025:CGHC:11126 अ्ቚतिवे्ቕ छ्ቈीसगढ़ उ्ሴ न्यायालय
, बि(लासपुर
बि,्ቓ.य सुरति/ बि0,ाँक-04/03/2025 बि,्ቓ.य उ्ሾोबि8 बि0,ाँक-06/03/2025 0ाቄኌ:;क अपील ्ቅमाँक
-96
/2007
1. बि0,ेश गोयल बिपा-्ቚहला0 अ्ቇवाल, उ्-लगभग 45 व8., पेशा-व्यापार, बि,वासी-मंबि0र हसौ0, था,ा-मंबि0र हसौ0, जिHला-रायपुर, छ्ቈीसगढ़, -----अपीलाथI बिवरू्ሾ छ्ቈीसगढ़ राज्य बिव्ቕु म:;ल, ्ቛारा था,ा ्ቚभारी, था,ा-मंबि0र हसौ0, जिHला-रायपुर, छ्ቈीसगढ़ -----उ्ቈरवा0ी अपीलाथI की ओर से : ्ቦी वाय०सी० शमा., वरिर् अतिTव्ሹा सह सु्ቦी पूHा लूबि,या, अतिTव्ሹा । शास,/उ्ቈरवा0ी की ओर से : ्ቦी अरिሷव0 0ु(े, शासकीय अतिTव्ሹा । मा,,ीय न्यायमूቔኌ ्ቦी संHय कु मार Hायसवाल !! सी.ए.वी. बि,्ቓ.य !! 1. 0:; ्ቚबि्ቅया संबिहा, 1973 की Tारा-374 (2) सहपबि^ Tारा-156 बिव्ቕु अतिTबि,यम, 2003 के ह ्ቚस्ु इस 0ाቄኌ:;क अपील में बिवचार्ቓ न्यायालय- POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.03.06 15:13:36 +0530
2 / 9 {Cr. A. No.-96 of 2007} बिवशे8 न्यायाTीश एवं ्ቚथम अपर स्ቔ न्यायाTीश, रायपुर छ्ቈीसगढ़ ्ቛारा बिवशे8 बिव्ቕु 0ाቄኌ:;क ्ቚकर्ቓ ्ቅमांक-19/2006 “छ्ቈीसगढ़ राज्य बिव्ቕु म:;ल बिवरू्ሾ बि0,ेश गोयल” में पारिर बि,्ቓ.य बि0,ांक-31/01/2007 को चु,ौी 0ी गई है । जिHसके ह अपीलाथI को बि,म्,ा,ुसार 0ो8जिस्ቍ कर 0ቄኌ:; बिकया गया है । जिHसे आगे सं/ेप में “्ቚ्ाTी, बि,्ቓ.य” से सम्(ोतिT बिकया Hा रहा हैः- 0ो8जिसति्ቍ 0:;ा0ेश Tारा-135 (1) बिव्ቕु अतिTबि,यम, 2003 03 व8. का स्ቦम कारावास एवं 9,20,871/- रूपये का अथ.0:; था अथ.0:; राशिश अ0ा , कर,े की 0शा में 01 व8. के अतिरिर्ሹ स्ቦम कारावास की सHा से 0ቄኌ:; बिकया गया ।
2. अशिभयोH, मामला सं/ेप में इस ्ቚकार है बिक बि0,ांक-06/12/2005 की 0ोपहर लगभग 12:00 (Hे कबि,् यं्ቔी म,ी8 कु मार शु्ቇा मीटर रीिሣ;ग कर,े ्ቇाम-(ह,ा काड़ी के अ्ቇसे, खबि,H उ्ቕोग गया ो 0ेखा बिक अशिभयु्ሹ बि0,ेश गोयल ्ቛारा ्ቅे सर मशी, में एल०टी० लाई, से अवैT ार 150 बिtट 0ूर ख0ा, से 10 हास. पावर का बिव्ቕु मीटर लगाकर अवैT रूप से पा,ी बि,काला Hा रहा था । घट,ा स्थल पर हमराह Hागे्ቫर ्ቚसा0 वमा. की उपቄኌस्थति में पंच,ामा ्ቚ0श. पी-3 और Hब्ी ्ቚ0श. पी-4 की काय.वाही की गई । घट,ा की लिललिख सूच,ा कबि,् यं्ቔी म,ी8 कु मार शु्ቇा ्ቛारा ्ቚ0श. पी-7 के रूप में 0ी गई । जिHसके आTार पर ्ቚथम सूच,ा रिरपोट. ्ቚ0श. पी-6 0H. बिकया गया । Hब्ी ्ቚतिवे0,, पंच,ामा और Hब् पी०व्ही०सी० वायर की Hब्ी ्ቚ0श. पी-2 के ह की गई । घट,ास्थल का ,क्शा ्ቚ0श. पी-5 ैयार बिकया गया । सहायक यं्ቔी अ्ቫ,ी गोपावार ्ቛारा ्ቚ0श. पी-1 का आवे0, ैयार कर मुख्य न्यातियक मजिHस्ट्रेट, रायपुर को भेHा गया । बिववेच,ा पू्ቓ.
कर अशिभयोगप्ቔ पेश बिकया गया ।
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3. अशिभयोH, की ओर से अप,े प/ समथ., में कु ल-05 साति/यों का परी/्ቓ था 08 0स्ावेH ्ቚ0श. तिचन्हांबिक करवाये गये । Tारा-313 0:; ्ቚबि्ቅया संबिहा के ह (या, में अपीलाथI ,े अप,े बिवपरी साति/यों के कथ,ों को इन्कार करे हुए स्वयं को बि,0~8 हो,ा और झू^ा tं साया Hा,ा (ाे हुए कहा है बिक कशिथ घट,ा के व्ሹ ख0ा, (ं0 थी और घट,ास्थल पर कोई मौHू0 ,हीं था । अपीलाथI की ओर से (चाव में बिकसी सा/ी का परी/्ቓ ,हीं करवाया गया । उभयप/ काे सु,ा Hाकर बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा अपीलाथI को इस बि,्ቓ.य की कቄኌ:;का-1 के अ,ुसार 0ो8जिस्ቍ कर 0ቄኌ:; बिकया गया है । जिHसे इस अपील में चु,ौी 0ी गई है ।
4. अपीलाथI के बिव्ቛा, अतिTव्ሹा का क. है बिक घट,ा बिकसी स्वं्ቔ सा/ी ्ቛारा पु्ቖ ,हीं है । कशिथ काय.वाही के समय ख0ा, में ,ा ो अपीलाथI मौHू0 था और ,ा ही उसका कोई ्ቚतिबि,तिT मौHू0 था । कशिथ पंच,ामा और Hब्ी पर अपीलाथI या उसके बिकसी भी वैT ्ቚतिबि,तिT के हस्ा/र ,हीं है । पंच,ामा के 0ो,ों ही सा/ी सं(ंतिT बिवभाग के हैं । Hब्ी ्ቚ0श. पी-4 के ह बिकस वस्ु को Hब् बिकया था, इस (ा( कोई स्प्ቖ उ्ቤेख ,हीं है । कशिथ मोटर पम्प को Hब् ,हीं बिकया गया है । बिव्ቕु चोरी का मूल्यांक, था (ायी गयी राशिश की ग्ቓ,ा कै से की गई, इसे भी बिकसी 0स्ावेH और साቌኚय के माध्यम से ्ቚमाशि्ቓ ,हीं बिकया गया है । कबि,् यं्ቔी म,ी8 कु मार शु्ቇा (अ०सा०-4) ्ቛारा की गयी काय.वाही सं0ेहास्प0 है । बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा साቌኚय की उतिच रूप से समी/ा , करे हुए अपीलाथI को 0ो8जिस्ቍ कर 0ቄኌ:; बिकया गया है । अपीलाथI की 0ो8जिसति्ቍ सं0ेह से परे स्प्ቖ, पया.् और बिव्ቫस,ीय साቌኚय पर आTारिर ,हीं है । “्ቚ्ाTी, बि,्ቓ.य” ቄኌस्थर रखे Hा,े योग्य ,हीं है । अः अपील स्वीकार कर उसे 0ो8मु्ሹ बिकया Hाये ।
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5.
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5. उ्ቈरवा0ी/शास, प/ की ओर से उपቄኌस्थ बिव्ቛा, अतिTव्ሹा ,े इस अपील का बिवरोT करे हुए क. बिकया है बिक अशिभयोH, साति/यों ,े पू्ቓ. रूप से अशिभयोH, मामले का समथ., बिकया है जिH,पर अबिव्ቫास बिकये Hा,े का कोई कार्ቓ ,हीं है । बिवचार्ቓ न्यायालय का “्ቚ्ाTी, बि,्ቓ.य” साቌኚय की उतिच समी/ा पर आTारिर है । अशिभयोH, ,े अपीलाथI के बिवरू्ሾ अप,ा मामला सं0ेह से परे ्ቚमाशि्ቓ बिकया है । अपीलाथI प/ ्ቛारा अपील में उ^ाये गये क. स्वीकार योग्य ,हीं है । अः अपील खारिरH बिकया Hाये ।
6. उभयप/ का क. सु,ा गया और अशिभलेख का सूቌኚमापूव.क परिरशील, बिकया गया ।
7. सम्पू्ቓ. काय.वाही म,ी8 कु मार श्ቇा (अ०सा०-4) ,े बि0,ांक-06/12/2005 को बि0, के करी( 12:00 (Hे कर,ा (ाया है । जिHसके अ,ुसार अपीलाथI ्ቛारा अ्ቇसे, खबि,H के संचालक के (ौर एल०टी० लाई, से सीTे ी, ार खींचकर 10 एच०पी० के पा,ी के मोटर पम्प को अवैT रूप से बि(Hली की चोरी कर चलाया Hा रहा था और ख0ा, से पा,ी बि,काला Hा रहा था । ( उस,े पंच,ामा ्ቚ0श. पी-3 और Hब्ी ्ቚ0श. पी-4 की काय.वाही की थी । जिHसे हमराह के रूप में बिव्ቕु बिवभाग में ही प0स्थ परिरचालक ्ቦे्ቓी-0ो Hागे्ቫर वमा. (अ०सा०-2) ,े पु्ቖ बिकया है । सहायक यं्ቔी अ्ቫ,ी गोपावार (अ०सा०-1) ,े ्ቚ0श. पी-1 का आवे0, ैयार कर मुख्य न्यातियक मजिHस्ट्रेट, रायपुर को 0े,ा (ाया है । प्ቐा में, म,ी8 कु मार शु्ቇा (अ०सा०-4) ्ቛारा Hब्ी ्ቚतिवे0,, पंच,ामा और Hब् पी०व्ही०सी० वायर जिHसमें स्टाट. लगा हुआ था, के पेश कर,े पर सहायक उपबि,री/क के ०एल० ;हरिरया (अ०सा०-5) ,े Hब्ी ्ቚ0श. पी-2 ैयार कर,ा, ्ቚथम सूच,ा प्ቔ ्ቚ0श. पी-6 लेख(्ሾ कर,ा और घट,ास्थल का ,क्शा ्ቚ0श. पी-5 ैयार कर,ा (ाया है ।
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8.
स्वं्ቔ सा/ी के रूप में एकमा्ቔ मेह्ቈरू राम (अ०सा०-3) का परी/्ቓ करवाया गया है जिHस,े घट,ा के सं(ंT में कोई Hा,कारी हो,े से इन्कार बिकया है । ( उसे प/्ቖोही घोबि8 कर सूचक ्ቚ् बिकया गया जिHसपर उस,े कहा है बिक अपीलाथI के ख0ा, से लगा हुआ एस०एस० कन्ट्रक्श, चू,ा-पत्थर का ख0ा, है, Hहां वह मुंशी का काम करा था । इस ्ቚकार, स्वं्ቔ सा/ी के रूप में मेह्ቈरू राम (अ०सा०- 3) ,े अशिभयोH, के इस मामले की पुबि्ቖ ,हीं की है बिक कशिथ बि0,ांक को बिव्ቕु बिवभाग के अतिTकारी और कኌमयों ,े आकर अपीलाथI के यहां बिव्ቕु चोरी पकड़कर पंच,ामा और Hब्ी की काय.वाही की हो । मेह्ቈरू राम (अ०सा०-3) ,े कहा है बिक एस०एस० कन्ट्रक्श, के (गल में ही अपीलाथI का ख0ा, है और Tारा-313 0:; ्ቚबि्ቅया संबिहा के ह हुए (या, में स्वयं अपीलाथI ,े यह स्वीकार बिकया है बिक ख0ा, उसकी है । बिकन्ु उस,े अशिभयोH, साति/यों के शे8 कथ,ों को इन्कार कर बि0या है । इस 0शा में, इसमें सं0ेह ,हीं रह Hाा बिक ख0ा, अपीलाथI का ही है ।
9. कबि,् यं्ቔी म,ी8 कु मार शु्ቇा (अ०सा०-4) ्ቛारा (ाये गये पंच,ामा और Hब्ी काय.वाही की पुबि्ቖ उसके हमराह परिरचालक ्ቦे्ቓी-0ो Hागे्ቫर वमा. (अ०सा०-2) ,े की है । एक ही बिवभाग के अतिTकारी और कमI हो,े के कार्ቓ वे बिह(्ሾ हैं, (ायी Hा रही काय.वाही सं0ेह से परे ्ቚमाशि्ቓ हो,ी चाबिहए । उ्ሹ काय.वाही बिकसी स्वं्ቔ सा/ी ्ቛारा पु्ቖ ,हीं है । अपीलाथI प/ का यह (चाव रहा है बिक कशिथ काय.वाही के समय ,ा ो वह मौHू0 था और ,ा ही उसका कोई ्ቚतिबि,तिT मौHू0 था । अपीलाथI प/ ्ቛारा यह क. बि0या गया है बिक अशिभयोH, साति/यों ्ቛारा (ायी गयी काय.वाही उसकी उपቄኌस्थति या उसके ्ቚतिबि,तिT की उपቄኌस्थति में ,ा
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10. Tारा-135 (3) बिव्ቕु अतिTबि,यम, 2003 के ्ቚावTा, बि,म्,ा,ुसार हैः-
“135 (3) The occupant of the place of search or any person on his behalf shall remain present during the search and a list of all things seized in the course of such search shall be prepared and delivered to such occupant or person who shall sign the list: Provided the no inspection, search and seizure of any domestic places or domestic premises shall be carried out between sunset and sunrise except in the presence of an adult male member occupying such premises.”
11. इस सं(ंT में, (ाम्(े उ्ሴ न्यायालय के औरंगा(ा0 ख:;पी^ ्ቛारा Pandit And Ors. v. State of Maharashtra in Criminal Appeal No.-74 of 2007 decided on 04/04/2019, reported in (2019) 04 BOM CK 0022 का हवाला बि0या है जिHसकी कቄኌ:;का-13 व 14 बि,म्,ा,ुसार हैः-
“13. In the above premise, I am of the considered opinion that the impugned findings of conviction and resultant sentence expressed by the learned trial Court are perverse, imperfect and not within purview of law. All the prosecution witnesses are interested and partisan witnesses in this case. There were no endeavour on the part of prosecution to adduce evidence of any independent witness to fortify the evidence of MSEDCL Personnel. Moreover, evidence of MSEDCL Personnel is not sufficient to prove that the appellant-Bhausaheb Karke was the occupant of alleged domestic place where the theft of electrical energy was detected. There was also no positive
7 / 9 {Cr. A. No.-96 of 2007} evidence to prove the overt-act of the appellants for committing theft of electricity by putting hook on the live cable of MSEDCL. The evidence of employees of the MSEDCL office appears to be cryptic and slender in nature. Therefore, their versions do not inspire confidence for any adverse inference against the appellant-accused. 14. It was incumbent on the part of prosecution to prove the conscious possession of appellant - Bhausaheb Karke over the alleged premise of theft.
Moreover, there was no endeavour to collect documentary evidence from the concerned Grampanchayat or Civil Authority etc. to show that the appellant was occupant of the premise and he consumed electrical energy by mischief of stealing it, after putting hook on the live cable of MSEDCL. In view of these circumstances, there is no alternative but to set aside and quash the impugned Judgment and order of conviction and resultant sentence passed by the learned trial Court and to absolve the appellant - Bhausaheb Karke for the charges pitted against him.”
12. उपरो्ሹ बिवतिTक ्ቚावTा, और न्यायदृ्ቖां के ्ቚकाश में ्ቚस्ु साቌኚय का मूल्यांक, करें ो उससे यह स्प्ቖ हो Hाा है बिक कबि,् यं्ቔी म,ी8 कु मार शु्ቇा (अ०सा०- 4) ,े जिHस समय ख0ा, में अवैT रूप से मोटर पम्प चला,ा (ाे हुए पंच,ामा और Hब्ी काय.वाही की है । उस,े यह भी स्वीकार बिकया है बिक कशिथ काय.वाही के समय उ्ሹ कशिथ ख0ा, में कोई भी व्यबि्ሹ मौHू0 ,हीं था । उस,े यह भी स्वीकार बिकया है बिक उ्ሹ ख0ा, में कोई काम ,हीं हो रहा था और ्ቅे सर भी (ं0 था । उ्ሹ पंच,ामा और Hब्ी पर अपीलाथI या उसके बिकसी भी वैT ्ቚतिबि,तिT के हस्ा/र ,हीं है । स्वयं म,ी8 कु मार शु्ቇा (अ०सा०-4) ,े कहा है बिक पंच,ामा के 0ो,ों ही सा/ी उ,के बिवभाग के हैं । उस,े यह भी स्वीकार बिकया है बिक उस,े Hब्ी ्ቚ0श. पी-4 के ह बिकस वस्ु को Hब् बिकया था, इस (ा का स्प्ቖ
8 / 9 {Cr. A. No.-96 of 2007} उ्ቤेख ,हीं है । उस,े यह भी स्वीकार बिकया है बिक घट,ास्थल में Hो पम्प अवैT रूप से चल रहा था, उसे Hब् ,हीं बिकया गया था ।
13. इसी ्ቚकार, उसके हमराह परिरचालक ्ቦे्ቓी-0ो Hागे्ቫर वमा. (अ०सा०-2) ,े भी यह स्वीकार बिकया है बिक ख0ा, में उस व्ሹ उ्ቕोग वाले चौकी0ार उपቄኌस्थ थे और अपीलाथI वहां ½ घंटे प्ቐा आया था अथा. कशिथ काय.वाही के समय अपीलाथI मौHू0 ,हीं था । उसका पंच,ामा और Hब्ी में कोई हस्ा/र भी ,हीं लिलया गया है । Hागे्ቫर वमा.
,े ्ቚतिपरी/्ቓ में यह भी स्वीकार बिकया है बिक घट,ास्थल पर लिलखा-पढ़ी के समय H( काय.वाही की Hा रही थी ( अपीलाथI के ख0ा, में कोई मौHू0 ,हीं था ।
14. सहायक उपबि,री/क के ०एल० ;हरिरया (अ०सा०-5) ,े भी ्ቚतिपरी/्ቓ में यह स्वीकार बिकया है बिक उस,े मामले में कोई पम्प Hब्ी ,हीं बिकया है ।
15. सम्पू्ቓ. अशिभयोH, मामले के अ,ुसार अवैT रूप से मोटर पम्प चलाये Hा,े से मुख्य न्यातियक मजिHस्ट्रेट, रायपुर के बि0ये गये शिशकाय ्ቚ0श. पी-1 में कु ल- 3,06,957/-रूपये के बिव्ቕु चोरी (ायी गयी है बिकन्ु उसकी ग्ቓ,ा कै से की गई, इसे बिकसी भी 0स्ावेH और साቌኚय के माध्यम से ्ቚमाशि्ቓ ,हीं बिकया गया है ।
16. उपरो्ሹ साቌኚय बिववेच,ा के आTार पर यह न्यायालय पाी है बिक कबि,् यं्ቔी म,ी8 कु मार शु्ቇा (अ०सा०-4) ,े अपीलाथI के ख0ा, में Hो अवैT मोटर पम्प चल,ा (ाे हुए उसकी पंच,ामा और Hब्ी काय.वाही की है, उसकी पुबि्ቖ बिकसी स्वं्ቔ सा/ी ्ቛारा ,हीं की गई है । कशिथ मोटर पम्प की Hब्ी भी ,हीं की गई है । कशिथ काय.वाही के समय अपीलाथI वहां मौHू0 भी ,हीं था । Tारा-135 (3)
9 / 9 {Cr. A. No.-96 of 2007} बिव्ቕु अतिTबि,यम, 2003 के ्ቚावTा, के अ,ुसार ,ा ो अपीलाथI या उसके बिकसी ्ቚतिबि,तिT की उपቄኌस्थति में वह काय.वाही की गई और ,ा ही उन्हें Hब्ी और पंच,ामा काय.वाही की बिवतिTव कोई सूच,ा 0ी गई है । यहां क बिक कशिथ मोटर पम्प की Hब्ी भी ,हीं की गई है । बिव्ቕु चोरी का Hो मूल्यांक, बिकया है उसकी ग्ቓ,ा का कोई आTार ,हीं (ाया गया है । इ, परिरቄኌस्थतियाें में कबि,् यं्ቔी म,ी8 कु मार शु्ቇा (अ०सा०-4) ्ቛारा (ायी गयी काय.वाही पू्ቓ.ः सं0ेहास्प0 है ।
17. उ्ሹ अवस्था में, अपीलाथI की बिव्ቕु चोरी के लिलए की गई 0ो8जिसति्ቍ स्प्ቖ, पया.् और बिव्ቫस,ीय साቌኚय पर आTारिर ,हीं है । अपीलाथI के बिवरू्ሾ अशिभयोH, अप,ा मामला सं0ेह से परे ्ቚमाशि्ቓ कर,े में असtल रहा है । ऐसी 0शा में,
“्ቚ्ाTी, बि,्ቓ.य” ቄኌस्थर रखे Hा,े योग्य ,हीं पाया Hाा ।
18.
अः अपील स्वीकार की Hाी है । “्ቚ्ाTी, बि,्ቓ.य” अपास् बिकया Hाा है था अपीलाथI को सं0ेह का लाभ 0ेे हुए आरोबिप अपराT से 0ो8मु्ሹ बिकया Hाा है ।
19. बि,्ቓ.य की ्ቚति के साथ बिवचार्ቓ न्यायालय को मूल अशिभलेख आवश्यक काय.वाही हेु सूच,ाथ. एवं पाल,ाथ. शी्ቈापूव.क वापस ्ቚेबि8 हो । सही/- (संHय कु मार Hायसवाल) न्यायाTीश पोम,