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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 142242 (ALL)

ROCKY RAJ v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. OF HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER

NABAIL/534/2025 · 2025-05-30

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:33418 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 534 of 2025 Applicant :- Rocky Raj Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Of Home Deptt. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Prabhat Kumar Mishra,Arun Kumar,Deepmani Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A.,Shantanu Sharma Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री पभप्रात कक मप्रार वमशप्रा , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री आललोक कक मप्रार वतविप्रारश्री तरप्रा वशकप्रायतकतर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री शप्राशांतनक शमप्रार कलो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविललोकन वकयप्रा। 2. पस्तकत पप्राररनप्रा-पत पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि सशांख्यप्रा 74 सनन् 2025 अन्तररत धिप्रारप्रा 85, 64, 123, 351(3) बश्री०एन०एस० तरप्रा 67a ससूचनप्रा पप्रौदलोवरककी अधधिवनयम, 2008, रप्रानप्रा-ठप्राकक ररशांज, धजलप्रा-लखनऊ मम अवग्रिम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्राशांक 11.02.2025 कलो पप्रारर्थी सवहत तश्रीन व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपलोरर मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक विह फके सबकक कके मप्राध्यम सके पप्रारर्थी सके वमलश्री। पप्रारर्थी वबहप्रार पकधलस मम आरकश्री कके पद पर कप्रायररत हहै। विरर 2023 मम वशकप्रायतकतर्थी कके घर आकर उसकलो कक छ नशश्रीलप्रा पदप्रारर वमलप्रा हहआ कलोल्ड वडडशांक दकेकर पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार शप्रारश्रीररक सशांबशांधि बनप्राए और उसकके फलोरलो तरप्रा विश्रीवडयलो तहैयप्रार कर धलए। फलोरलो और विश्रीवडयलो विप्रायरल करनके ककी धिमककी दकेतके हहए पप्रारर्थी नके कई बप्रार वशकप्रायतकतर्थी कके सप्रार शप्रारश्रीररक सशांबशांधि बनप्राए और इसकके पश्चप्रात उसनके विश्रीवडयलो और फलोरलो कलो इशांस्रप्राग्रिप्राम पर अन्य व्यवकययों कलो भकेज वदए। 4. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहप्रा रयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हहै। पप्रारर्थी कप्रा करन हहै वक फलोरलो और विश्रीवडयलो धजस एकप्राउशांर सके भकेजके रए विह उसनके नहहीं बनप्रायप्रा रप्रा। 5. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरलोधि करतके हहए कहप्रा वक पप्रारर्थी तरप्रा वशकप्रायतकतर्थी कके बश्रीच आदप्रान -पदप्रान हहए कक छ सशांविप्रादयों ककी पवत न्यप्रायप्रालय कके समक रखश्री, धजससके यह पतश्रीत हलो रहप्रा हहै वक पप्रारर्थी नके पश्रीवड़ितप्रा कप्रा शप्रारश्रीररक शलोरण वकयप्रा हहै तरप्रा कक छ आपधत्तिजनक सप्रामग्रिश्री अन्य व्यवकययों कलो भकेजश्री हह। 6. ऐसश्री पररसस्रवत मम न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी अवग्रिम जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री नहहीं हहै। 7. तदनकसप्रार, अवग्रिम जमप्रानत पप्राररनप्रा पत वनरस्त वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। Order Date :- 30.5.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench