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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 141422 (ALL)

VICTIM/COMPL. IN CASE CRIME NO. 342/2022 v. STATE OF U.P. THRU. SECY. HOME LKO AND ANOTHER

A482/4404/2025 · 2025-07-10

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:39226 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 4404 of 2025 Applicant :- Victim/Compl. In Case Crime No. 342/2022 Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Secy. Home Lko And Another Counsel for Applicant :- Anurag Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारररनन कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शन अननुरप्राग रससिंह ककी तरफ सके उपससरत अरधिविकप्रा शन ससौरभ रससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा परम शन रप्राजकेश कनु मप्रार रससिंह कको सनुनप्रा तरप्रा पतप्राविलन कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससिंवहतप्रा कके अन्तगरत पसतनुत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा वशकप्रायतकतर/पनवड़ितप्रा नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर ससिंख्यप्रा 396 सन 2022 अन्तगरत धिप्रारप्रा 366, 376, 313, 307, 323, 504, 506 भप्रा०दसिं०ससिं० एविसिं 3(2)5 एस०सन०/एस०रन० एक्र, रप्रानप्रा- सकरन, जनपद-सनतप्रापनुर कके अननुक्रिम मम वशकप्रायतकतर/पनवड़ितप्रा नके वविशकेष न्यप्रायप्राधिनश एस०सन०/एस०रन० एक्र सनतप्रापनुर दप्रारप्रा वविशकेष परनक्षण ससिंख्यप्रा 342 सनन् 2022 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 24.03.2025 ककी विवैधितप्रा कको चनुनसौतन दन हवै, रजसकके दप्रारप्रा वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके पप्रारररनन दप्रारप्रा अवभयनुक कप्रा डन०एन०ए० परनक्षण करप्राए जप्रानके कके अननुरकोधि कको असविनकप्रार कर वदयप्रा हवै। 3. उपरकोक पप्राररनप्रा पत मम वशकप्रायतकतर नके यह कहप्रा हवै वक वविपक्षन ससिंख्यप्रा दको अवभयनुक नके लगभग 7 विषर पसूविर शप्रादन कप्रा झप्रासिंसप्रा दकेकर उसककी इच्छप्रा कके वविरुद्ध उसकके सप्रार शप्रारनररक ससिंबसिंधि बनप्रातप्रा रप्रा , रजससके वशकप्रायतकतर गभरवितन हको गई और उसनके एक पनुतन कको जन्म वदयप्रा, रजसककी उम्र वितरमप्रान मम लगभग 4 विषर हवै, वकन्तनु अवभयनुक उसके अपनन पनुतन मप्राननके सके असविनकप्रार कर रहप्रा हवै, रजस कप्रारण सके अवभयनुक एविसिं पनवड़ितप्रा ककी पनुतन ककी डन०एन०ए० जप्राजाँच करप्राई जप्रानप्रा आविश्यक हवै। 4. वविपक्षन ससिंख्यप्रा 2 नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरकोधि वकयप्रा एविसिं कहप्रा वक वशकप्रायतकतर नके अपनके बयप्राननों मम कई बप्रार गभरपप्रात करप्रानके कप्रा करन वकयप्रा हवै। परम ससूचनप्रा ररपकोरर रलखके जप्रानके कके पसूविर वशकप्रायतकतर पनुतन कको जन्म दके चनुककी रन, वकन्तनु वविविकेचनप्रा कके दसौरप्रान वकसन व्यवक ककी डन०एन०ए० जप्राजाँच नहहीं करप्राई गई। पप्रारररनन नके आरकोप पत पसतनुत करनके कके उपरप्रासिंत तरप्रा सप्राक्ष्य कके समय भन डन०एन०ए० जप्राजाँच हकेतनु पप्राररनप्रा पत नहहीं वदयप्रा। अवभयकोजन सप्राक्ष्य समप्राप्त हहआ एविसिं धिप्रारप्रा 313 दसिं०प०ससिं० कके असिंतगरत बयप्रान असिंवकत हको जप्रानके कके पश्चप्रात डन०एन०ए० जप्राजाँच हकेतनु पप्राररनप्रा पत वदयप्रा गयप्रा हवै। 5. वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके आलकोच्य आदकेश मम यह असिंवकत वकयप्रा हवै वक पप्रारररनन पन०डब्ल्यसू०-1 कके रूप मम परनवक्षत हहई हवै तरप्रा उसनके अपनके पवत परनक्षण मम यह कहप्रा हवै वक उसनके गनुडसू कके सप्रार वविविप्राह करनके कके दसौरप्रान गनुडसू कके ससिंसगर सके एक पनुतन कको जन्म वदयप्रा , विह 5-6 सप्रालनों सके बतसौर पत्नन गनुडसू कके सप्रार रह रहन हवै पनवड़ितप्रा नके यह भन कहप्रा हवै वक वविपक्षन ससिंख्यप्रा 2 रप्राजसू नके घर बनुलप्राकर कभन-भन उसकके सप्रार शप्रारनररक ससिंबसिंधि नहहीं बनप्राए हह। वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके यह पप्रायप्रा वक पसूरके बयप्रान मम पप्रारररनन नके वविपक्षन ससिंख्यप्रा 2 रप्राजसू दप्रारप्रा जबरदसतन ससिंबसिंधि बनप्रानके ककी बप्रात नहहीं कहन हवै, वकन्तनु उसनके सविकेच्छप्रा सके रप्राजसू कके सप्रार रहनके कप्रा करन वकयप्रा हवै। 6. पप्रारररनन ककी मप्राजाँ पन०डब्ल्यसू०-3 कके रूप मम परनवक्षत हहई हवै तरप्रा उन्हनोंनके अपनन वजजरह मम कहप्रा हवै वक पप्रारररनन कप्रा वविविप्राह लगभग 10 विषर पसूविर गनुडसू कके सप्रार हहआ रप्रा तरप्रा गनुडसू एविसिं पप्रारररनन कके ससिंसगर सके एक पनुतन कप्रा जन्म हहआ हवै। पप्रारररनन रप्राजसू सके प्यप्रार करतन रन और उसकके सप्रार रहनप्रा चप्राहतन रन एविसिं रप्राजसू दप्रारप्रा शप्रादन सके इसिंकप्रार करनके कके कप्रारण पप्रारररनन नके रप्राजसू कके वविरुद्ध मनुकदमप्रा रलखप्रा वदयप्रा हवै। 7. उपरकोक तथ्यनों कके आलकोक मम वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके यह पप्रायप्रा वक सम्पसूणर सप्राक्ष्य पसतनुत हकोनके कके उपरप्रासिंत डन०एन०ए० जप्राजाँच करप्रायप्रा जप्रानप्रा न्यप्रायकोवचत नहहीं हवै तरप्रा पप्राररनप्रा पत मप्रात वविचप्रारण मम वविलम्ब करनके वि दबप्रावि दकेनके कके आशय सके वकयप्रा गयप्रा हवै। 8. पकरण कके समसत तथ्यनों कको ध्यप्रान मम रखतके हहए न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वदनप्रासिंक 24.03.2025 मम कहके गए उपरकोक आधिप्रार उवचत एविसिं न्यप्राय ससिंगत पतनत हकोतके हह, रजनमम इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा हसतक्षकेप ककी ककोई आविश्यकतप्रा नहहीं हवै। 9. तदननुसप्रार, पप्राररनप्रा पत बलहनन हवै और वनरसत वकयप्रा जप्रातप्रा हवै। Order Date :- 10.7.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench