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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 141193 (ALL)

SHYAM LAL v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER

A482/4251/2025 · 2025-05-21

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:29969 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 4251 of 2025 Applicant :- Shyam Lal Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Home Deptt. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Virendra Singh,Aditya Kumar Pandey Counsel for Opposite Party :- G.A.,Kuldeep Srivastava Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री विश्रीरकेन्द्र धससिंह, रप्राज्य सरकप्रार कके वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री असिंशशुमप्रान विमप्रार्मा तरप्रा वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 पवितर्मान वनदकेशप्रालय कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री पप्राविन अविस्रश्री कको सशुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 528 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सशुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगर्मात पस्तशुत इस पप्रारर्मानप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके .- /04/ /2013 ECIR No ECIR LKZO वदनप्रासिंवकत 14.09.2022, गगैर जमप्रानतश्रीय अधधिपत वदनप्रासिंवकत 12.08.2024 तरप्रा आदकेश वदनप्रासिंवकत 17.10.2024 धजसकके दप्रारप्रा वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा , कके वनरस्तश्रीकरण ककी पप्रारर्मानप्रा इस आधिप्रार पर ककी हगै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हगै उसकके वविरुद्ध लगप्रायके गयके आरकोप असत्य हह। 3. आरकोपपों ककी सत्यतप्रा तरप्रा अवभयशुक कके दकोषश्री अरविप्रा वनदर्दोष हकोनके कप्रा तथ्य वविचप्रारण कके बप्राद , पकपों दप्रारप्रा पस्तशुत सप्राक्ष्य कके आकलन कके पश्चप्रात हश्री हको सकतप्रा हगै तरप्रा इस आधिप्रार पर आपरप्राधधिक विप्राद ककी कप्रायर्माविप्राहश्री धिप्रारप्रा 528 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सशुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगर्मात वनरस्त नहहीं ककी जप्रा सकतश्री। 4. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके अनशुरकोधि वकयप्रा वक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कको यह वनदरश दके वदयप्रा जप्राए वक यवद पप्रारर्थी जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत पस्तशुत करके तको उसकको मप्राननश्रीय उच्चतम न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा सततदर कशु मप्रार असिंवतल बनप्राम सश्री.बश्री.आई., (2021) 10 एससश्रीसश्री 773 मत दश्री गयश्री वविधधि व्यविस्रप्रा कके आलकोक मत वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्राय। 5. मप्राननश्रीय उच्चतम न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा अविधिप्राररत वविधधि व्यविस्रप्रा वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय पर बप्राध्यकप्रारश्री हगै और इस ससिंबसिंधि मत पपृरक सके ककोई वनदरश दकेनके ककी आविश्यकतप्रा नहहीं हगै तद्नशुसप्रार, यह यप्रावचकप्रा वनरस्त ककी जप्रातश्री हगै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 21.5.2025/Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench