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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 140993 (ALL)
VINOD KUMAR v. STATE OF U.P. THRU. SECY. HOME DEPTT. U.P. LKO. AND ANOTHER
BAIL/4414/2025 · 2025-05-21
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 140993 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:30189 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 4414 of 2025 Applicant :- Vinod Kumar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Secy. Home Deptt. U.P. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Kaushal Kishore,Ayush Pratap Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ककौशल वकशशोर ककी तरफ सके उपससरत वविदप्रान अधधिविकप्रा शशप्राशांक धसशांह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अशांशशुमप्रान विमप्रार्मा कशो सशुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सशुरकप्रा सशांवहतप्रा कके अशांतगर्मात पसतशुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मशुकदमप्रा अपरप्राधि सशांख्यप्रा 393 सन 2024 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 64(2)( ), f 127(3), 87 बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा सदरपशुर धजिलप्रा सश्रीतप्रापशुर मम जिमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै।
3. वदनप्राशांक 13.08.2024 कशो पप्रारर्थी कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 175(3) भप्रारतश्रीय नप्रागररक सशुरकप्रा सशांवहतप्रा कके अशांतगर्मात पसतशुत पप्रारर्मानप्रा -पत कके आधिप्रार पर वदनप्राशांक 08.12.2024 कशो धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपशोरर्मा मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक पप्रारर्थी उसकप्रा ररश्तकेदप्रार हहै, वदनप्राशांक 03.08.2024 कशो विह वदन भर वशकप्रायतकतर्थी कके घर पर रहप्रा तरप्रा शप्राम कशो उसकशो मप्रायकके छशोड़नके कके धलए अपनश्री मशोररसप्राइवकल पर लकेकर चलप्रा। रप्रासतके मम एक सशुनसप्रान जिगह पर पप्रारर्थी नके वशकप्रायतकतर्थी कके सप्रार बलप्रात्कप्रार वकयप्रा। इसकके बप्राद पप्रारर्थी वशकप्रायतकतर्थी कशो अपनके घर लके गयप्रा और तश्रीन वदन तक घर मम बशांद रखकर उसकके सप्रार रशोजि बलप्रात्कप्रार वकयप्रा। पप्रारर्थी कप्रा छशोरके भप्राई सत्य पकप्राश उसमम पप्रारर्थी कशो सहयशोग करतप्रा रप्रा। वदनप्राशांक 05.08.2024 कशो मकौकप्रा पप्राकर वशकप्रायतकतर्थी भप्रागकर अपनके घर विप्रापस आ गयश्री।
4. धिप्रारप्रा 180 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सशुरकप्रा सशांवहतप्रा कके अशांतगर्मात अशांवकत अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतर्थी नके अपनश्री आयशु 31 विरर्मा हशोनप्रा बतप्रायप्रा तरप्रा उसनके परम ससूचनप्रा ररपशोरर्मा कके करननों कप्रा समरर्मान वकयप्रा।
5. वशकप्रायतकतर्थी कके वचकत्सककीय परश्रीकण ररपशोरर्मा मम कशोई वविशकेर तथ्य पकप्राश मम नहह
आयप्रा।
6. धिप्रारप्रा 183 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सशुरकप्रा सशांवहतप्रा कके अशांतगर्मात अशांवकत अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपशोरर्मा कके करननों कशो हश्री दशोहरप्रायप्रा।
7. पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार पसतशुत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हहै और उसकप्रा कशोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहह हहै।
8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा -पत कप्रा वविरशोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम आरशोपनों ककी पशुवष्टि हहई तरप्रा आरशोप -पत वदनप्राशांक 06.02.2025 कशो पसतशुत वकयप्रा जिप्रा चशुकप्रा हहै।
9.
उपरशोक तथ्यनों कशो दृवष्टिगत रखतके हहए, जिबवक वशकप्रायतकतर्थी एक 33 विरर्थीयप्रा वविविप्रावहत मवहलप्रा हहै ; घरनप्रा वदनप्राशांक 03.08.2024 कशो हहई तरप्रा पप्रारर्मानप्रा -पत वदनप्राशांक 13.08.2024 कशो वदयप्रा गयप्रा हहै ; वशकप्रायतकतर्थी कके बयप्रान कके अवतररक लगप्रायके गयके आरशोपनों कके समरर्मान मम कशोई अन्य सप्रामगश्री पतप्राविलश्री पर उपलब्धि नहह हहै तरप्रा आरशोपनों ककी पशुवष्टि वचवकत्सककीय परश्रीकण आख्यप्रा सके नहह हहई हहै; पप्रारर्थी कप्रा कशोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहह हहै विह वदनप्राशांक 06.02.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम हहै; वविविकेचनप्रा पसूणर्मा हशो चशुककी हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
10. तद्नशुसप्रार, जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत सविश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
11. आविकेदक वविनशोद कशु मप्रार कशो वनम्नधलधखत शतर्दोशां कके अधिश्रीन सशांबशांधधित मधजिसरटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी सशांतशुवष्टि कके अनशुसप्रार एक व्यवकगत बशांधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दशो जिमप्रानतम पसतशुत करनके पर उपरशोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयशोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहह करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयशोजिन पक कके गविप्राहनों पर दबप्रावि नहह डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल कशोरर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपससरत हशोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 21.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench