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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 140932 (ALL)
DHARMRAJ v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. OF HOME LKO.
BAIL/4411/2025 · 2025-05-21
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 140932 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:30128 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 4411 of 2025 Applicant :- Dharmraj Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Of Home Lko. Counsel for Applicant :- Dharmendra Kumar Trivedi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री धिररन्द्र कक रप्रार वत्रिविकेदश्री तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परर शश्री रप्राजश्रीवि कक रप्रार विरप्रार्मा कको सकनप्रा तरप्रा पत्रिप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगर्मात पस्तकत इस पप्रारर्मानप्रा-पत्रि दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके रककदरप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 49 सन 2025 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 64(1), 332 , B 351(3) बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा नसश्रीरप्राबप्राद धजलप्रा रप्रायबरकेलश्री रम जरप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै।
3. वदनप्रासंक 25.11.2024 कको धिप्रारप्रा 173(4) भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगर्मात पस्तकत पप्रारर्मानप्रा-पत्रि कके आधिप्रार पर वदनप्रासंक 28.03.2025 कको धलखप्राई गई परर ससूचनप्रा ररपकोरर्मा रम वशकप्रायतकतर्थी नके कहिप्रा वक उसकप्रा पवत रकसंबई रम रहिकर कप्रार करतप्रा हिहै और विहि अपनके तश्रीन बच्चचों कके सप्रार गप्रासंवि रम रहितश्री हिहै। वदनप्रासंक 13.11.2024 कको वदन रम लगभग 4 बजके पप्रारर्थी नके उसकके घर रम घकसकर उसकके सप्रार बलप्रात्कप्रार वकयप्रा। उसकके वचलप्रानके पर पडकोसश्री रप्रारशरण, नसंदलप्राल तरप्रा अन्य लकोग आ गयके धजन्हिचोंनके घरनप्रा दकेखश्री।
4. धिप्रारप्रा 180 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगर्मात असंवकत अपनके बयप्रान रम पश्रीवडतप्रा नके परर ससूचनप्रा ररपकोरर्मा कके करनचों कप्रा सररर्मान वकयप्रा वकन्तक उसनके घरनप्रा कके सप्रावकयचों कके रूप रम रप्रारशरण तरप्रा नसंदलप्राल कप्रा नप्रार नहिहीं धलयप्रा।
5. वचकत्सककीय परश्रीकण ररपकोरर्मा रम पश्रीवडतप्रा कके शरश्रीर पर ककोई चकोर अरविप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई वचह्न नहिहीं पप्रायप्रा गयप्रा।
6. धिप्रारप्रा 183 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगर्मात असंवकत अपनके बयप्रान रम पश्रीवडतप्रा नके परर ससूचनप्रा ररपकोरर्मा कके करनचों कप्रा सररर्मान वकयप्रा वकन्तक उसनके यहि भश्री कहिप्रा वक पप्रारर्थी और उसकके पररविप्रारविप्रालचों सके पसूविर्मा रम वशकप्रायतकतर्थी कके पररविप्रारविप्रालचों कप्रा जरश्रीन कको लकेकर वविविप्राद हिहआ रप्रा धजसकके उपरप्रान्त दकोनचों पररविप्रारचों रम बप्रातचश्रीत नहिहीं हिकोतश्री हिहै।
वशकप्रायतकतर्थी नके कहिप्रा वक घरनप्रा कके बप्रारके रम उसनके अपनके पवत कको वदनप्रासंक 16.11.2024 कको बतप्रायप्रा।
7. पप्रारर्मानप्रा-पत्रि कके सप्रार पस्तकत शपर-पत्रि रम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी एक 50 विरर्थीय वनदर्दोर व्यवक हिहै।
8.
पप्रारर्मानप्रा-पत्रि कके सप्रार पस्तकत शपर-पत्रि कके पस्तर 17 रम रककदरप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 94 सन 2024 असंतगर्मात धिप्रारप्रा 323, 504, 506 दसं०प०ससं० वि धिप्रारप्रा 3 (द)(धि) अनकससूवचत जप्रावत एविसं अनकससूवचत जनजप्रावत वनविप्रारण अधधिवनयर कके एक अन्य पकरण रम पप्रारर्थी ककी ससंधलप्ततप्रा दशप्रार्मायश्री गयश्री हिहै धजसरम उसकको वविशकेर न्यप्रायप्राधिश्रीश दप्रारप्रा जरप्रानत पदप्रान ककी जप्रा चकककी हिहै।
9. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा -पत्रि कप्रा वविरकोधि करतके हिहए कहिप्रा वक वविविकेचनप्रा रम आरकोपचों ककी पकवष्टि हिहई तरप्रा आरकोप -पत्रि वदनप्रासंक 21.04.2025 कको पस्तकत वकयप्रा जप्रा चककप्रा हिहै।
10. उपरकोक तथ्यचों कको दृवष्टिगत रखतके हिहए , जबवक घरनप्रा वदनप्रासंक 13.11.2024 कको वदन रम हिकोनप्रा कहिप्रा गयप्रा तरप्रा धिप्रारप्रा 173(4) भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगर्मात पप्रारर्मानप्रा-पत्रि वदनप्रासंक 25.11.2024 कको पस्तकत वकयप्रा गयप्रा; वशकप्रायतकतर्थी कके करनचों कके अवतररक परर ससूचनप्रा ररपकोरर्मा कके करनचों कप्रा सररर्मान करनके कके धलए ककोई अन्य सप्रारगश्री पत्रिप्राविलश्री पर उपलब्धि नहिहीं हिहै ; वशकप्रायतकतर्थी नके धिप्रारप्रा 183 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगर्मात असंवकत अपनके बयप्रान रम पकचों कके रध्य जरश्रीन सके ससंबसंधधित वविविप्राद कके हिकोनके कप्रा करन वकयप्रा हिहै ; पप्रारर्थी एक 50 विरर्थीय वनदर्दोर व्यवक हिहै , विहि वदनप्रासंक 18.04.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा रम हिहै ; वविविकेचनप्रा पसूणर्मा हिको चकककी हिहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा रत हिहै वक पप्रारर्थी जरप्रानत पर ररहिप्रा वकयके जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै।
11. तद्नकसप्रार, जरप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत्रि स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै।
12. आविकेदक धिरर्मारप्राज कको वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित रधजस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत्रि और सरप्रान रप्रावश ककी दको जरप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक रप्रारलके रम जरप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेडछप्राड नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहिचों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिकोगप्रा।
[Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 21.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench