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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 140841 (ALL)

SOBARAN v. STATE OF U.P. THRU. ITS PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO.

BAIL/4441/2025 · 2025-05-21

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:30267 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 4441 of 2025 Applicant :- Sobaran Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Its Prin. Secy. Home Deptt. Lko. Counsel for Applicant :- Ashish Kumar Singh,Ram Prakash Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री आशश्रीष कक मप्रार धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अशशोक शश्रीविप्रास्तवि कशो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलशोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 113 सन 2025, अन्तगरत धिप्रारप्रा 103 (1), 3(5) बश्री०एन०एस, रप्रानप्रा-ईसप्रानगर, धजिलप्रा-खश्रीरश्री मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रासिंक 21.03.2025 कशो पप्रारर्थी सवहत चप्रार व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपशोरर मम यह कहप्रा गयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार नके नदश्री पप्रार सप्रावबर वि मकस्तककीन ककी जिमश्रीन बरप्राई पर बशोयप्रा हहै, धजिस जिमश्रीन कशो पहलके अवभयककगण जिशोततके रके। जिमश्रीन हप्रार सके चलके जिप्रानके कके कप्रारण अवभयककगण वशकप्रायतकतप्रार वि उसकके पररविप्रार सके विहैर रखतके हह। वदनप्रासिंक 19.03.2025 कशो जिब वशकप्रायतकतप्रार कप्रा 40 विषर्थीय पकत नदश्री पप्रार खकेत मम मससूर तशोड़नके गयप्रा रप्रा, अवभयककण नके उसके लप्राठश्री डसिंडयों सके मप्रार-पश्रीर कर तरप्रा गलप्रा दबप्रा कर मप्रार डप्रालप्रा। 4. इसकके पसूविर घरनप्रा कके वदनप्रासिंक 19.03.2025 कशो वशकप्रायतकतप्रार नके पकधलस कशो एक पप्राररनप्रा पत दकेकर यह कहप्रा रप्रा वक उसकके बकेरके कप्रा शवि मससूर कके खकेत मम वमलप्रा हहै, धजिसके विह उठप्राकर अपनके घर मम लके आयप्रा हहै। बकेरके ककी ममृत्यक ससिंदकेहजिनक पररसस्रवतययों मम हहई हहै , धजिसकप्रा कप्रारण जिप्राननके कके धलए पशोस्रमप्राररम करप्रा धलयप्रा जिप्राए। 5. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम धसर कके बप्रासिंई ओर पश्रीछके ककी तरफ ससूजिन , वनचलके हशोठ पर फरप्रा हहआ घप्रावि, गलके कके सप्रामनके वि दशोनशो वकनप्रारयों पर ससूजिन कके कई वनशप्रान तरप्रा बप्राएसिं कसिं धिके पर सप्रामनके ककी तरफ ससूजिन पप्राई गई। ममृत्यक कप्रा कप्रारण गलप्रा घयोंरनके कके कप्रारण दम घकरनप्रा बतप्रायप्रा गयप्रा। 6. वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान वशकप्रायतकतप्रार नके परम ससूचनप्रा ररपशोरर कके करनयों ककी पकवष्टि ककी हहै तरप्रा एक अन्य गविप्राह रप्रामप्रादल नके कहप्रा वक वदनप्रासिंक 19.03.2025 ककी शप्राम लगभग 4 बजिके जिब विह अपनके खकेत मम कप्राम कर रहप्रा रप्रा तशो अवभयक कगण बहहल जिल्दश्री मम हड़बड़प्रातके हहए उसकके खकेत कके पप्रास सके वनकलके रके। उक गविप्राह नके अवभयककगण कशो आविप्राजि भश्री दश्री, लकेवकन अवभयककगण उसके अनसकनप्रा करतके हहए जिल्दबप्राजिश्री मम चलके गए। 7. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 43 विषर्थीय वनदर्दोष व्यवक हहै तरप्रा उसकप्रा कशोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 8. इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा एक अन्य सह-अवभयकक कशो जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत ससिंख्यप्रा 3844 सन 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 06.05.2025 दप्रारप्रा जिमप्रानत पदप्रान ककी जिप्रा चकककी हहै। 9. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरशोधि करतके हहए कहप्रा वक अवभयककगण दप्रारप्रा कप्राररत अपरप्राधि अत्यसिंत जिघन्य पकमृ वत कप्रा हहै , वविविकेचनप्रा मम पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरशोपयों ककी पकवष्टि हहई हहै और वदनप्रासिंक 22.04.2025 कशो आरशोप पत पस्तकत वकयप्रा जिप्रा चककप्रा हहै। 10. उपरशोक तथ्ययों कके दृवष्टिगत, जिबवक घरनप्रा वदनप्रासिंक 19.03.2025 कशो हहई एविसिं घरनप्रा कके वदन वदए गए पप्राररनप्रा पत मम वशकप्रायतकतप्रार नके वकसश्री व्यवक कके वविरुद्ध ससिंदकेह नहहीं व्यक वकयप्रा हहै; घरनप्रा कके दशो वदनयों कके बप्राद धलखप्राई परम ससूचनप्रा ररपशोरर मम जिमश्रीन बरप्राई पर लकेनके कके कप्रारण पकयों कके बश्रीच पकरप्रानप्रा विहैर हशोनप्रा एविसिं इस कप्रारण सके अवभयककगण दप्रारप्रा अपरप्राधि कप्राररत करनप्रा कहप्रा गयप्रा हहै, जिशो वक मप्रात ससिंदकेह कके आधिप्रार पर कहप्रा गयप्रा हहै, क्ययोंवक घरनप्रा वकसश्री नके दकेखश्री नहहीं हहै; एक अन्य गविप्राह नके घरनप्रा कके वदनप्रासिंक कशो अवभयककगण दप्रारप्रा तकेजिश्री सके जिप्रातके हहए दकेखके जिप्रानके कप्रा करन वकयप्रा हहै तरप्रा उक गविप्राह नके यह नहहीं कहप्रा हहै वक उसनके घरनप्रा दकेखश्री अरविप्रा उसनके अवभयककगण कके हप्रार मम कशोई लप्राठश्री इत्यप्रावद दकेखश्री ; पप्रारर्थी कप्रा कशोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै यह वदनप्रासिंक 25.03.2025 सके जिकेल मम वनरुद्ध हहै तरप्रा वविविकेचनप्रा पसूणर हशो चकककी हहै ; एक अन्य सह-अवभयकक कशो पसूविर मम इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयवमत जिमप्रानत पदप्रान ककी जिप्रा चकककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 11. तद्नकसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 12. आविकेदक सशोबरन कशो वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजिस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दशो जिमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरशोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए:- (i) आविकेदक अवभयशोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयशोजिन पक कके गविप्राहयों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल कशोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हशोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 21.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench