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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 140204 (ALL)
MANISH SHARMA @ MANISH KUMAR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME U.P. LKO. AND 3 OTHERS
ABAIL/531/2025 · 2025-05-15
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 140204 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:28568 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 531 of 2025 Applicant :- Manish Sharma @ Manish Kumar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home U.P. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Manoj Kumar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री मननोज कक मप्रार धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री रप्राजश्रीवि कक मप्रार विमप्रार्मा कनो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलनोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 438 दसिं०प०ससिं० दप्रारप्रा पस्तकत पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 02 सन 2021 अन्तरर्मात धिप्रारप्रा 363, 376 भप्रा०द०ववि० वि धिप्रारप्रा 3/4 ललवरक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससिंरक्षण अधधिवनयम रप्रानप्रा महप्रारप्राजरसिंज तरप्राई धजलप्रा बलरप्रामपकर मम अवग्रिम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रासिंक 14.01.2021 कनो पपूनम कके वविरुद्ध धलखप्राई रई परम सपूचनप्रा ररपनोरर्मा मम कहप्रा रयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी 17 विरर्थीयप्रा पकतश्री वदनप्रासिंक 13.01.2024 ककी रप्रात लरभर 2-3 बजके कके बश्रीच कहहीं चलश्री रयश्री। उसकप्रा मकेल वमलप्राप पपूनम कके सप्रार बहहत रप्रा तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार्मा नके यह वविश्विप्रास व्यक वकयप्रा वक उसककी पकतश्री कके रप्रायब हनोनके मम पपूनम कप्रा पपूरप्रा हप्रार हहै।
4. पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर-पत मम कहप्रा रयप्रा वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हहै और उसकप्रा कनोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
5. धिप्रारप्रा 161 दसिं०प०ससिं० कके असिंतरर्मात असिंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके कहप्रा वक विह लरभर 1 विरर्मा सके पप्रारर्थी सके बप्रात करतश्री रहतश्री रश्री , उसनके स्वियसिं पप्रारर्थी कनो फनोन करकके बकलप्रायप्रा और उसकके सप्रार बहरप्राइच जप्राकर कनोरर्मा मम शप्रादश्री कर लश्री और उसकके सप्रार उसककी पत्नश्री कके रूप मम रह रहश्री हहै।
6. पश्रीवड़ितप्रा नके वचवकत्सककीय परश्रीक्षण करप्रानके सके अस्विश्रीकप्रार कर वदयप्रा।
7. धिप्रारप्रा 164 दसिं०प०ससिं० कके असिंतरर्मात असिंवकत बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके पपूविर्मा करन कप्रा हश्री समरर्मान वकयप्रा।
8. इसकके पपूविर्मा पश्रीवड़ितप्रा तरप्रा पप्रारर्थी नके ससिंयकक रूप सके इस न्यप्रायप्रालय कके समक्ष यप्रावचकप्रा ससिंख्यप्रा 6275 ( MB) 2021 पस्तकत ककी रश्री धजसमम उन्हधोंनके कहप्रा रप्रा वक उन्हधोंनके अपनश्री मजर्थी सके आपस मम वविविप्राह कर धलयप्रा हहै तरप्रा उन्हधोंनके परम सपूचनप्रा ररपनोरर्मा वनरस्त करनके ककी पप्रारर्मानप्रा ककी। उपरनोक यप्रावचकप्रा मम वदनप्रासिंक 12.03.2021 कनो पप्राररत असिंतररम आदकेश दप्रारप्रा पप्रारर्थी कके वविरुद्ध वकसश्री भश्री पकप्रार ककी उत्पश्रीड़िनप्रात्मक कप्रायर्माविप्राहश्री पर रनोक लरप्रा दश्री रयश्री रश्री।
9. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक वदनप्रासिंक 23.11.2022 कनो पकरण मम आरनोप-पत पस्तकत हनो रयप्रा हहै तरप्रा उसकके उपरप्रान्त यप्रावचकप्रा वनस्तप्राररत हनो रयश्री।
10.
पप्रारर्मानप्रा-पत कप्रा वविरनोधि करतके हहए वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम नके कहप्रा वक वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान यह तथ्य पकप्राश मम आयप्रा हहै वक घरनप्रा कके समय पश्रीवड़ितप्रा अवियस्क रश्री एविसिं मप्रात पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरनोपधों ककी पकवष्टि हनोनके कके पश्चप्रात वदनप्रासिंक 23.11.2023 कनो आरनोप-पत पस्तकत वकयप्रा रयप्रा एविसिं नप्रावमत अवभयककप्रा पपूनम कप्रा नप्राम वविविकेचनप्रा कके ददौरप्रान पपृरक कर वदयप्रा रयप्रा। उन्हधोंनके कहप्रा वक इस पप्रारर्मानप्रा -पत ककी सपूचनप्रा वशकप्रायतकतप्रार्मा कनो पकधलस कके मप्राध्यम सके पदप्रान ककी जप्रा चकककी हहै।
11. उपरनोक तथ्यधों कनो दृवष्टिरत रखतके हहए, जबवक पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके वकसश्री भश्री करन मम पप्रारर्थी कके वविरुद्ध कनोई आरनोप नहहीं लरप्रायप्रा तरप्रा पश्रीवड़ितप्रा नके वचवकत्सककीय परश्रीक्षण करप्रानके सके अस्विश्रीकप्रार कर वदयप्रा हहै एविसिं पप्रारर्थी कप्रा कनोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै तरप्रा वविविकेचनप्रा पपूणर्मा हनो चकककी हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी अवग्रिम जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
12. तद्नकसप्रार अवग्रिम जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
13. उपरनोक मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा मम आविकेदक ककी वररफ्तप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय कके समक्ष उपसस्रवत ककी दशप्रा मम , उसके ससिंबसिंधधित रप्रानके कके भप्रारसप्राधिक अधधिकप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रार व्यवकरत बसिंधि पत एविसिं दनो पवतभपू पस्तकत करनके पर परश्रीक्षण कके असिंवतम रूप सके वनस्तप्रारण तक, वनम्न शतर्दोसिं कके अधिश्रीन अवग्रिम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राएरप्राग- क- आविकेदक, यवद आविश्यक हनोरप्रा तनो पकधलस अधधिकप्रारश्री दप्रारप्रा जजॉच हकेतक अपकेवक्षत समय पर उपसस्रत हनोरप्रा; ख- आविकेदक मप्रामलके कके तथ्यधों सके पररवचत वकसश्री व्यवक यप्रा पकधलस अधधिकप्राररयधों कनो पत्यक्ष यप्रा परनोक्ष रूप सके कनोई धिमककी , विप्रादप्रा यप्रा पलनोभन नहहीं दकेरप्रा धजससके वक विह ऐसके तथ्य कनो न्यप्रायप्रालय कके समक्ष यप्रा वकसश्री पकधलस अधधिकप्रारश्री कके समक्ष पकर न करनके पर मप्रान जप्राए;
र- आविकेदक अदप्रालत ककी पपूविर्मा अनकमवत कके वबनप्रा भप्रारत नहहीं छनोड़िकेरप्रा; घ- आविकेदक कनो पत्यकेक वनधिप्रार्माररत वतधर पर रटप्रायल कनोरर्मा कके समक्ष उपसस्रत हनोनप्रा हनोरप्रा, जब तक वक व्यवकरत उपसस्रवत सके छपू र न दश्री रयश्री हनो; ङ- आविकेदक अवभयनोजन पक्ष कके रविप्राह पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा / धिमककी नहहीं दकेरप्रा; च- आविकेदक वविविकेचनप्रा एविसिं वविचप्रारण कके ददौरप्रान सहयनोर करमरके और जमप्रानत ककी स्वितसिंततप्रा कप्रा दकरुपयनोर नहहीं करकेरप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 15.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench