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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 140189 (ALL)
SHAILENDRA AND ANOTHER v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/4202/2025 · 2025-05-16
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 140189 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:29190 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 4202 of 2025 Applicant :- Shailendra And Another Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- R.B.S. Rathaur,Sachin Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री रप्राजकेश बहप्राददर धससिंह रप्राठठौर तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री अनदरप्राग विमप्रार्मा कको सदनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 439 दसिं०प०ससिं० मम पस्तदत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थीगण नके पररविप्राद ससिंख्यप्रा 65 सनन् 2024, अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 376, 506 भप्रा०द०ववि० एविसिं 3/4 यठौन अपरप्राधिधों सके बच्चधों कप्रा ससिंरक्षण अधधिवनयम, रप्रानप्रा-हररयप्रासिंविप्रा, धजलप्रा- हरदकोई मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रानाँक 15.02.2024 कको वविपक्षश्री ससिंख्यप्रा दको नके पप्रारर्थीगण तरप्रा उनकके भप्राई कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 156(3) दसिं०प०ससिं० कके अन्तगर्मात एक पप्रारर्मानप्रा पत दकेकर कहप्रा वक वदनप्रासिंक 22.01.2024 कको शप्राम 7 बजके जब उसककी 14 विरर्थीय पदतश्री गप्रानाँवि ककी ददकप्रान मम घर कप्रा सप्रामप्रान लकेनके गई रश्री , वविपक्षश्रीगण नके उसके रप्रास्तके मम पश्रीछके सके पकड़ धलयप्रा एविसिं अपनके गनके कके खकेत मम लकेजप्राकर तश्रीनधों नके उसकके सप्रार बलप्रात्कप्रार वकयप्रा एविसिं जप्रावत ससूचक गप्राधलयप्रासिं दश्री। पररविप्रावदनश्री नके कहप्रा वक रप्रानके पर ककोई कप्रायर्माविप्राहश्री नहहीं हहई तरप्रा पदधलस अधिश्रीक्षक कको वशकप्रायतश्री पत वदयप्रा , वकन्तद उस पर भश्री ककोई कप्रायर्माविप्राहश्री नहहीं हहई।
4. धिप्रारप्रा 200 दसिं०प०ससिं० कके असिंतगर्मात असिंवकत अपनके बयप्रान मम पररविप्रावदनश्री नके अपनके पसूविर्मा करन कको दकोहरप्रायप्रा हहै।
5. धिप्रारप्रा 202 दसिं०प०ससिं० कके असिंतगर्मात असिंवकत बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके कहप्रा वक जब विह ददकप्रान सके सप्रामप्रान लकेकर आ रहश्री रश्री तको पश्रीछके सके सह -अवभयदक जकोवगन्दर नके उसके पकड़ धलयप्रा, लगभग पप्रानाँच वमनट बप्राद दकोनको सह-अवभयदक
आए और उन्हधोंनके पश्रीवड़तप्रा कके पहैर एविसिं कमर पकड़ लश्री। घर सके ददकप्रान तक दकोनको तरफ मकप्रान बनके हहए हह, वकन्तद विहप्रासिं जनतप्रा कप्रा ककोई व्यवक यप्रा मकोहलके पड़कोस कप्रा ककोई व्यवक उपसस्रत नहहीं रप्रा। तश्रीनधों अवभयदक उसके अपनके गनके कके खकेत मम लके गए जको पकड़नके विप्रालके स्रप्रान सके लगभग 200 मश्रीटर दसूर हकोगप्रा और उन तश्रीनधों नके पश्रीवड़तप्रा कके सप्रार बलप्रात्कप्रार वकयप्रा। पश्रीवड़तप्रा नके यह भश्री कहप्रा वक उसनके अपनश्री डप्राक्टरश्री नहहीं करप्राई हहै।
6.
अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके यह भश्री कहप्रा वक उसकके घर कके सप्रामनके पप्रारर्थीगण कके भप्राई सह-अवभयदक जकोवगन्दर ककी मकोटरसप्राइवकल खड़श्री रश्री, धजससके लड़खड़प्रा कर उसकके वपतप्रा जश्री वगर गए रके और उनकके हप्रार मम चकोट लगश्री रश्री, वकन्तद इस बप्रात पर ककोई झगड़प्रा अरविप्रा पदधलस कप्रायर्माविप्राहश्री नहहीं हहई।
7. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तदत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थीगण वनदर्दोर हहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। पप्रारर्थीगण कके भप्राई जकोवगन्दर ककी मकोटरसप्राइवकल खड़श्री करनके कके कप्रारण हहए छकोटके सके वविविप्राद ककी विजह सके झसूसिंठप्रा फसिं सप्रायप्रा जप्रा रहप्रा हहै।
8. पप्रारर्मानप्रा पत मम यह भश्री कहप्रा हहै वक पस्तदत पकरण कके पश्चप्रात वदनप्रासिंक 20.12.2024 कको पश्रीवड़तप्रा कके वपतप्रा नके पप्रारर्थी ससिंख्यप्रा दको वविजमद्र कके वविरुद्ध वदनप्रासिंक 19.12.2024 कको बलप्रात्कप्रार करनके कप्रा आरकोप लगप्रायप्रा हहै। वविविकेचनप्रा मम इस आरकोप ककी पदवष्टि नहहीं हहई एविसिं वविविकेचक नके असिंवतम आख्यप्रा पस्तदत करतके हहए पकरण समप्राप्त कर वदयप्रा। वविविकेचनप्रा मम यह तथ्य पकप्राश मम आयप्रा वक पश्रीवड़तप्रा कप्रा वपतप्रा अविहैधि शरप्राब बनप्रातप्रा वि बकेचतप्रा हहै , धजसकके वविरुद्ध रप्रानप्रा हररयप्रासिंविप्रा मम 9 मदकदमके अविहैधि शरप्राब बनप्रानके कके ससिंदभर्मा मम पसिंजश्रीकक त हह। पश्रीवड़तप्रा कके वपतप्रा कको शक हहै वक अवभयदकगण उसकके वविरुद्ध पदधलस सके वशकप्रायत करकके उसके पकड़ड़़विप्रातके हह इस कप्रारण विह झसूठश्री वशकप्रायत करतप्रा एविसिं करविप्रातप्रा हहै।
9. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक यद्यवप धिप्रारप्रा 156(3) दसिं०प०ससिं० कके पप्रारर्मानप्रा पत मम पसूविर्मा मम पदधलस कको वशकप्रायत दकेनप्रा कहप्रा गयप्रा हहै , वकन्तद इसकप्रा ककोई भश्री सप्राक्ष्य न्यप्रायप्रालय कके समक्ष पस्तदत नहहीं वकयप्रा गयप्रा हहै।
10. पस्तदत पकरण मम सह-अवभयदक जकोवगसिंदर @ यकोगमद्र कद मप्रार कको इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा पत ससिंख्यप्रा 3729 सनन् 2025 दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 02.05.2025 दप्रारप्रा जमप्रानत दश्री जप्रा चदककी हहै।
11. पश्रीवड़तप्रा दप्रारप्रा धिप्रारप्रा 202 दसिं०प०ससिं० कके असिंतगर्मात वदए गए बयप्रान कको दृवष्टिगत रखतके हहए तरप्रा परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा ससिंख्यप्रा 233 सनन् 2024 मम आई पदधलस आख्यप्रा कको दृवष्टिगत रखतके हहए न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
12. तदनदसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
13.
आविकेदकगण शहैलकेन्द्र एविसिं वविजकेन्द्र कको वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित दसिंडप्राधधिकप्रारश्री/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतदवष्टि कके अनदसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तदत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदकगण अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करमगके; (ii) आविकेदकगण अवभयकोजन पक्ष कके सप्रावक्षयधों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालमगके; (iii) आविकेदकगण वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हधोंगके। Order Date :- 16.5.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench