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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 139975 (ALL)

ASHOK KUMAR YADAV v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 3 OTHERS

ABAIL/529/2025 · 2025-05-15

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:28491 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 529 of 2025 Applicant :- Ashok Kumar Yadav Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Atul Verma,Akhilendra Pratap Singh,Vinod Kumar Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अततुल विरप्रार्मा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परर शश्री रप्राजश्रीवि कतु रप्रार विरप्रार्मा कको सतुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 438 ददं०प०सदं० दप्रारप्रा पस्ततुत पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके रतुकदरप्रा अपरप्राधि सदंख्यप्रा 228 सन 2024 अन्तरर्मात धिप्रारप्रा 363, 366, 376 D भप्रा०ददं०सदं०, धिप्रारप्रा 5 /6 g ललवरक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा सदंरक्षण अधधिवनयर वि धिप्रारप्रा 3(1)द, 3(1)धि, 3(2)5, 3(2)5 क अनतुससूवचित जप्रावत एविदं अनतुससूवचित जनजप्रावत (ननृशदंसतप्रा वनविप्रारण) अधधिवनयर रप्रानप्रा लप्रालरदंज धजलप्रा पतप्रापरढ़ रम अवग्रिर जरप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रादंक 21.06.2024 कको सरय 20:17 बजके रकोवहत यप्रादवि कके वविरुद्ध धलखप्राई रई परर ससूचिनप्रा ररपकोरर्मा रम वशकप्रायतकतप्रार्मा नके कहप्रा वक जब उसककी 12 विरर्थीयप्रा बहन वदनप्रादंक 18.06.2024 कको शप्रार लरभर 7 बजके तप्रालप्राब ककी तरफ सतुअर चिरप्रानके रई रश्री , विहप्राह पहलके सके रमौजसूद रकोवहत यप्रादवि नके उसकको रकोबप्राइल कप्रा लप्रालचि वदखप्राकर अपनके सप्रार एक वडिग्रिश्री ककॉलकेज रम लके रयप्रा तरप्रा उसकके कपडके फप्राडकर रप्रातभर अश्लश्रील हरकत ककी एविदं जप्रावतससूचिक शब्दधों सके अपरप्रावनत वकयप्रा। रकोवहत यप्रादवि वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी बहन कको विहह रप्रार-पश्रीरकर चिलप्रा रयप्रा तरप्रा उसकके चिदंरतुल सके छसू रनके कके बप्राद दसूसरके वदन घर आकर पश्रीवडतप्रा नके घरनप्रा ककी जप्रानकप्रारश्री दश्री। 4. पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार पस्ततुत शपर-पत रम कहप्रा रयप्रा वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहह हहै। 5. वशकप्रायतकतप्रार्मा नके धिप्रारप्रा 161 ददं०प०सदं० कके अदंतरर्मात अदंवकत अपनके बयप्रान रम परर ससूचिनप्रा ररपकोरर्मा कके करनधों कको दकोहरप्रायप्रा। 6. पश्रीवडतप्रा नके धिप्रारप्रा 161 ददं०प०सदं० कके अदंतरर्मात अदंवकत अपनके बयप्रान रम कहप्रा वक रकोवहत वि अशकोक (पप्रारर्थी) उसके हप्रार पकडकर रतुहह दबप्राकर जदंरल ककी तरफ लके रयप्रा वफर दश्रीविप्रार कके सहप्रारके बरल कके स्कसू ल पर चिढ़प्रानके लरके। रनप्रा करनके पर उसके चिप्राकसू सके धिरककी दश्री। पप्रारर्थी नके स्कसू ल ककी छत पर उसकप्रा हप्रार खहचिप्रा और रकोवहत नके नश्रीचिके सके उपर ढकके लप्रा और छत पर दकोनधों लकोरधों नके बलप्रात्कप्रार वकयप्रा। 7. वचिवकत्सककीय परश्रीक्षण रम पश्रीवडतप्रा कके शरश्रीर पर चिकोर अरविप्रा बल पयकोर कप्रा ककोई वचिह नहह पप्रायप्रा रयप्रा। रकोवडियकोलकॉधजकल परश्रीक्षण आख्यप्रा रम पश्रीवडतप्रा ककी आयतु 16 विरर्मा बतप्रायश्री रयश्री। पहैरप्रालकॉधजकल जप्रादंचि रम विश्रीयर्मा ककी उपसस्रवत नहह पप्रायश्री रयश्री। 8. शहैवक्षक अवभलकेख कके अनतुसप्रार पश्रीवडतप्रा ककी आयतु 15 विरर्मा 2 रप्राह बतप्रायश्री रयश्री। 9. धिप्रारप्रा 164 ददं०प०सदं० कके अदंतरर्मात अदंवकत अपनके बयप्रान रम पश्रीवडतप्रा नके रकोवहत तरप्रा पप्रारर्थी दप्रारप्रा बलप्रात्कप्रार करनके कप्रा आरकोप लरप्रायप्रा। 10. इसकके पश्चिप्रात पश्रीवडतप्रा कके एक अन्य भप्राई तसूफप्रान सरकोज नके अपनके बयप्रान रम कहप्रा वक घरनप्रा कके बप्राद पश्रीवडतप्रा नके रकोवहत यप्रादवि कके सप्रार रलत कप्रार करनके ककी बप्रात बतप्रायश्री रश्री तरप्रा इस आधिप्रार पर उसकके बडके भप्राई रप्रानधसदंह नके परर ससूचिनप्रा ररपकोरर्मा धलखप्राई रश्री वकन्ततु बप्राद रम पश्रीवडतप्रा नके बतप्रायप्रा वक पप्रारर्थी भश्री घरनप्रा रम शप्रावरल रप्रा। 11. वविविकेचिक नके कतु छ स्वितदंत सप्रावक्षयधों कके भश्री बयप्रान अदंवकत वकयके हल धजन्हधोंनके कहप्रा वक पप्रारर्थी घरनप्रा कके वदन रप्रादंवि रम उपसस्रत नहह रप्रा, पप्रारर्थी एक विप्राहन चिप्रालक हहै और घरनप्रा कके वदन विह वविदप्रालय कके पधिप्रानप्राचिप्रायर्मा कप्रा विप्राहन लकेकर इलप्राहप्राबप्राद रयप्रा रप्रा। पप्रारर्थी कके इस दप्राविके ककी पतुवष्टि उसकके रकोबप्राइल फकोन कके कप्राल वडिरकेल ररककॉडिर्मा सके भश्री हको रहश्री हहै धजसकके अनतुसप्रार विह घरनप्रा कके वदन पतप्रापरढ़ सके इलप्राहप्राबप्राद रयप्रा एविदं विप्रापस आयप्रा। 12. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परर नके पप्रारर्मानप्रा-पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक सह-अवभयतुक रकोवहत यप्रादवि कके वविरुद्ध आरकोप-पत पस्ततुत हको चितुकप्रा हहै वकन्ततु पप्रारर्थी वविविकेचिनप्रा रम सहयकोर नहह कर रहप्रा हहै धजस कप्रारण उसकके वविरुद्ध वविविकेचिनप्रा अभश्री लदंवबत हहै। वशकप्रायतकतप्रार्मा कको पप्रारर्मानप्रा-पत ककी ससूचिनप्रा पतुधलस कके रप्राध्यर सके दश्री जप्रा चितुककी हहै। 13. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक वविविकेचिक नके कके स डिप्रायरश्री रम वदनप्रादंक 27.07.2024 कको यह अदंवकत वकयप्रा वक सप्राक्ष्य सदंकलन सके यह पकप्राश रम आ रहप्रा हहै वक पप्रारर्थी वदनप्रादंक 18.06.2024 कको सतुबह 10 बजके सकेविप्रा वनविनृत्त पधिप्रानप्राध्यप्रावपकप्रा कको उनककी कप्रार सके उनककी बहह कके सप्रार रदंससूरप्राबप्राद अदंधधियप्रारश्री रकोल प्लप्राजप्रा हकोतके हहए इलप्राहप्राबप्राद लके रयप्रा रप्रा तरप्रा लरभर 10:43 बजके उसश्री रकोल प्लप्राजप्रा सके विप्रापस आयप्रा हहै। लरभर रप्रात कके 11:30 बजके पधिप्रानप्राध्यप्रावपकप्रा और उनककी बहह कको घर छकोडकर रकोरर सप्राइवकल सके अपनके घर विप्रापस आयप्रा। इस पकप्रार पप्रारर्थी कके वविरुद्ध लरप्रायके रयके आरकोपधों ककी परर दृष्टियप्रा पतुवष्टि नहह हकोतश्री। 14. उपरकोक करनधों कको दृवष्टिरत रखतके हहए , जबवक परर ससूचिनप्रा ररपकोरर्मा घरनप्रा कके 3 वदन पश्चिप्रात धलखप्राई रई एविदं घरनप्रा कके अरलके वदन हश्री पश्रीवडतप्रा नके घरनप्रा ककी जप्रानकप्रारश्री वशकप्रायतकतप्रार्मा कको दके दश्री रश्री वकन्ततु परर ससूचिनप्रा ररपकोरर्मा रम पप्रारर्थी कके नप्रार कप्रा धजक्र नहह हहै; वशकप्रायतकतप्रार्मा नके अपनके बयप्रान रम पप्रारर्थी कके वविरुद्ध ककोई आरकोप नहह लरप्रायके ; पश्रीवडतप्रा दप्रारप्रा दको अवभयतुकरण दप्रारप्रा बलप्रात्कप्रार करनके कप्रा आरकोप लरप्रायप्रा हहै वकन्ततु इस करन ककी पतुवष्टि वचिवकत्सककीय परश्रीक्षण अरविप्रा पहैरप्रालकॉधजकल परश्रीक्षण रम नहह हहई हहै ; वविविकेचिक नके स्वियदं हश्री यह अदंवकत वकयप्रा हहै वक परर दृष्टियप्रा पप्रारर्थी कके वविरुद्ध लरप्रायके रयके आरकोपधों ककी पतुवष्टि नहह हको रहश्री हहै तरप्रा पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहह हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा रत हहै वक पप्रारर्थी अवग्रिर जरप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 15. तद्नतुसप्रार अवग्रिर जरप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 16. उपरकोक रतुकदरप्रा अपरप्राधि सदंख्यप्रा रम आविकेदक ककी वररफ्तप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय कके सरक्ष उपसस्रवत ककी दशप्रा रम , उसके सदंबदंधधित रप्रानके कके भप्रारसप्राधिक अधधिकप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय ककी सदंततुवष्टि कके अनतुसप्रार व्यवकरत बदंधि पत एविदं दको पवतभसू पस्ततुत करनके पर परश्रीक्षण कके अदंवतर रूप सके वनस्तप्रारण तक, वनम्न शतर्दोदं कके अधिश्रीन अवग्रिर जरप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राएरप्राग- क- आविकेदक, यवद आविश्यक हकोरप्रा तको पतुधलस अधधिकप्रारश्री दप्रारप्रा जकॉचि हकेततु अपकेवक्षत सरय पर उपसस्रत हकोरप्रा; ख- आविकेदक रप्रारलके कके तथ्यधों सके पररवचित वकसश्री व्यवक यप्रा पतुधलस अधधिकप्राररयधों कको पत्यक्ष यप्रा परकोक्ष रूप सके ककोई धिरककी , विप्रादप्रा यप्रा पलकोभन नहह दकेरप्रा धजससके वक विह ऐसके तथ्य कको न्यप्रायप्रालय कके सरक्ष यप्रा वकसश्री पतुधलस अधधिकप्रारश्री कके सरक्ष पकर न करनके पर रप्रान जप्राए; र- आविकेदक अदप्रालत ककी पसूविर्मा अनतुरवत कके वबनप्रा भप्रारत नहह छकोडकेरप्रा; घ- आविकेदक कको पत्यकेक वनधिप्रार्माररत वतधर पर रटप्रायल ककोरर्मा कके सरक्ष उपसस्रत हकोनप्रा हकोरप्रा, जब तक वक व्यवकरत उपसस्रवत सके छसू र न दश्री रयश्री हको; ङ- आविकेदक अवभयकोजन पक्ष कके रविप्राह पर दबप्रावि नहह डिप्रालकेरप्रा / धिरककी नहह दकेरप्रा; चि- आविकेदक वविविकेचिनप्रा एविदं वविचिप्रारण कके दमौरप्रान सहयकोर करमरके और जरप्रानत ककी स्वितदंततप्रा कप्रा दतुरुपयकोर नहह करकेरप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 15.5.2025/Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench