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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 139844 (ALL)

DEEPAK BABULAL VERMA @ DEEPAK VERMA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS

BAIL/4197/2025 · 2025-05-16

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:29075 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 4197 of 2025 Applicant :- Deepak Babulal Verma @ Deepak Verma Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Lalji Yadav,Rajjoo Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री लप्रालजश्री यप्रादवि तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अंशशुमप्रान विमप्रार्मा कको सशुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सशुरकप्रा सअंवहितप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तशुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मशुकदमप्रा अपरप्राधि सअंख्यप्रा 0007 सन 2025, अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 64(2)(m), 69 बश्री०एन०एस तरप्रा 5L/6/12 पपॉक्सको एक्ट, रप्रानप्रा-सप्राअंगश्रीपशुर, धजलप्रा-पतप्रापगढ़ मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्राअंक 07.01.2025 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम पश्रीवड़ितप्रा नके कहिप्रा वक उसककी आयशु 16 विरर्मा हिहै, उसककी मशुलप्राकप्रात मई 2022 मम पप्रारर्थी सके हिहई, धजसककी आयशु 20 विरर्मा हिहै, पप्रारर्थी नके उसकको एक नयप्रा मकोबप्राइल फकोन एविअं धसम कप्रारर्मा वदयप्रा धजससके विहि पप्रारर्थी सके बप्रात करनके लगश्री एविअं प्यप्रार करनके लगश्री। मई कके दसूसरके सपप्राहि मम पप्रारर्थी नके उसकको गप्रागाँवि कके पप्रास एक जअंगल मम बशुलप्रायप्रा तरप्रा उसककी मजर्थी कके वविरुद्ध शप्रारश्रीररक सअंबअंधि बनप्राए एविअं अगलके वदन पशुनन उसनके ऐसप्रा हिश्री वकयप्रा तरप्रा इसकके बप्राद पप्रारर्थी मशुअंबई विप्रापस चलप्रा गयप्रा। वदनप्राअंक 19.07.2024 यप्रा 20.07.2024 कको पप्रारर्थी नके फकोन कर कके वशकप्रायतकतर्थी कको मशुअंबई आनके कको कहिप्रा। वशकप्रायतकतर्थी नके कहिप्रा वक विहि अपनके मप्रातप्रा -वपतप्रा ककी इच्छप्रा कके अनशुसप्रार हिश्री शप्रादश्री करकेगश्री , वकन्तशु पप्रारर्थी नके उसके धिमककी दश्री और उसकके बबक खप्रातके मम रु० 2000/- ककी धिनरप्रावश भकेजश्री , धजसके वनकप्राल कर वशकप्रायतकतर्थी टटकेन सके मशुअंबई चलश्री गई , वकन्तशु विहिप्रागाँ पप्रारर्थी उससके वमलनके नहिह आयप्रा। वशकप्रायतकतर्थी पशुधलस कके पप्रास चलश्री गई , धजन्हिहोंनके उसके एक आशय स्रल मम रखविप्रा वदयप्रा। 4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगर्मात अंवकत अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतर्थी नके अपनके पसूविर्मा करन कप्रा समरर्मान वकयप्रा। वशकप्रायतकतर्थी नके अपनप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके अस्विश्रीकप्रार कर वदयप्रा एविअं धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगर्मात अंवकत अपनके बयप्रान मम अपनके पसूविर्मा करनहों कको अस्विश्रीकप्रार करतके हिहए कहिप्रा वक पहिलके वदयप्रा गयप्रा बयप्रान गलत हिहै तरप्रा विहि पप्रारर्थी कको नहिह जप्रानतश्री हिहै। उसनके यहि कहिप्रा वक वकसश्री नके उसकके सप्रार शप्रारश्रीररक सअंबअंधि नहिह बनप्रायप्रा हिहै। 5. वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा पश्रीवड़ितप्रा कप्रा बयप्रान अंवकत वकयप्रा जप्रा चशुकप्रा हिहै , धजसककी पवत पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार सअंलग्नक सअंख्यप्रा 14 कके रूप मम सअंलग्न हिहै और यद्यवप पश्रीवड़ितप्रा कप्रा मशुख्य परश्रीकण परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा कके करनहों कको हिश्री दकोहिरप्रातप्रा हिहै , अपनके पवत परश्रीकण मम पश्रीड़ितप्रा नके अपनके पसूविर्मा करनहों कको अस्विश्रीकप्रार करतके हिहए यहि कहिप्रा वक मम्मश्री पप्रापप्रा दप्रारप्रा रप्राटके जप्रानके पर गशुस्सके कके कप्रारण विहि मशुअंबई चलश्री गई रश्री, जहिप्रागाँ पशुधलस नके पकड़ि कर उसकको एक आशम मम रख वदयप्रा रप्रा। पश्रीवड़ितप्रा नके कहिप्रा वक विहि पप्रारर्थी कको नहिह जप्रानतश्री हिहै और उसकके सप्रार वकसश्री नके कशु छ गलत नहिह वकयप्रा हिहै तरप्रा पश्रीवड़ितप्रा पकदकोहिश्री घकोवरत हिको गई हिहै। 6. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतके हिहए कहिप्रा वक पश्रीवड़ितप्रा अविस्यक हिहै एविअं पप्रारर्मानप्रा पत ककी ससूचनप्रा उसके पशुधलस कके मप्राध्यम सके दश्री जप्रा चशुककी हिहै। 7. उपरकोक तथ्यहों कके दृवष्टिगत , जबवक पश्रीवड़ितप्रा नके वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके अस्विश्रीकप्रार कर वदयप्रा तरप्रा धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगर्मात अंवकत बयप्रान मम पप्रारर्थी कको न जप्राननके कप्रा करन वकयप्रा तरप्रा न्यप्रायप्रालय कके समक भश्री पश्रीवड़ितप्रा पकदकोहिश्री घकोवरत हिको गई हिहै और विहि वदनप्राअंक 08.01.2025 सके जकेल मम वनरुद्ध हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहिप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै। 8. तदनशुसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। 9. आविकेदक दश्रीपक बप्राबसूलप्राल विमप्रार्मा@दश्रीपक विमप्रार्मा कको वनम्नधलधखत शतरअं कके अधिश्रीन सअंबअंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी सअंतशुवष्टि कके अनशुसप्रार एक व्यवकगत बअंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तशुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिह करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके सप्रावकयहों पर दबप्रावि नहिह रप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हिकोगप्रा। Order Date :- 16.5.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench