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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 139672 (ALL)
MUNEJAR KUMAR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.
BAIL/4068/2025 · 2025-05-12
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 139672 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:27732 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 4068 of 2025 Applicant :- Munejar Kumar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Sushil Pandey,Akhil Anand Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससुशश्रील पप्राण्डकेय तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अंशसुमप्रान विमप्रार्मा कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा सअंवहितप्रा कके अंतगर्मात पस्तसुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि सअंख्यप्रा 112 सन 2025 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 64(1), 333, 351(2), 352 बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा रकेउसप्रा धजिलप्रा सश्रीतप्रापसुर मम जिमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै।
3. वदनप्राअंक 16.03.2025 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मम पप्रारर्थी दप्रारप्रा वशकप्रायतकतप्रार्मा कके घर मम घसुसकर उसककी 18 विरर्थीयप्रा पसुतश्री कके सप्रार अश्लश्रील हिरकत करनके कप्रा आरकोप लगप्रायप्रा हिहै।
4. धिप्रारप्रा 180 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा सअंवहितप्रा कके अंतगर्मात अंवकत अपनके बयप्रान मम भश्री पश्रीवड़ितप्रा नके पप्रारर्थी दप्रारप्रा उसकके घर मम घसुसकर उसकके सप्रार अश्लश्रील हिरकत करनके कप्रा करन वकयप्रा।
5. पश्रीवड़ितप्रा नके चप्राकसू वदखप्राकर गलत कप्राम करनके कप्रा आरकोप लगप्रायप्रा वकन्तसु वचवकत्सककीय परश्रीकण आख्यप्रा मम उसकके शरश्रीर पर चकोर अरविप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई वचह्न नहिहीं पप्रायप्रा गयप्रा। ययौन अपरप्राधि कके सअंबअंधि मम वचवकत्सक दप्रारप्रा पसूछके गयके अधधिकतर पश्ननों कके उत्तर पश्रीवड़ितप्रा नके कहिप्रा वक उसकको कसु छ पतप्रा नहिहीं हिहै। वचवकत्सक नके अपनश्री आख्यप्रा मम कहिप्रा वक वनकर समय मम बलप्रात ययौन पविकेशन कप्रा ककोई वचह्न नहिहीं पप्रायप्रा गयप्रा। पहैरप्राललॉजिश्री जिप्राअंच मम भश्री ययौन अपरप्राधि ककी पसुवष्टि नहिहीं हिहई हिहै।
6. धिप्रारप्रा 183 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा सअंवहितप्रा कके अंतगर्मात अंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके अपनश्री आयसु 18 विरर्मा हिकोनप्रा कहिप्रा तरप्रा पप्रारर्थी दप्रारप्रा उसकके घर मम घसुसकर गदर्मान पर चप्राकसू रखकर बलप्रात्कप्रार करनके कप्रा करन वकयप्रा। पश्रीवड़ितप्रा नके यहि भश्री कहिप्रा वक इसश्री समय मम उसकप्रा भप्राई घर आ गयप्रा, विहि बप्राहिर वनकल गयश्री और उसकके भप्राई नके पप्रारर्थी कको घर कके अंदर बअंद करकके बप्राहिर सके तप्रालप्रा लगप्रा वदयप्रा। पसुधलस विप्रालनों कको पप्रारर्थी कके मप्रातप्रा -
वपतप्रा नके ससूचनप्रा दश्री तको उन्हिनोंनके तप्रालप्रा तकोड़िकर पप्रारर्थी कको बप्राहिर वनकप्रालप्रा।
7. पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार पस्तसुत शपर-पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी एक 19 विरर्थीय वनदर्दोर नवियसुविक हिहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै।
8.
पप्रारर्थी अधधिविकप्रा नके तकर्मा वकयप्रा वक घरनप्रा कके उपरप्रान्त पप्रारर्थी कको घरनप्रा विप्रालके कमरके मम हिश्री बअंद कर दकेनप्रा कहिप्रा गयप्रा हिहै तरप्रा यद्यवप पश्रीवड़ितप्रा नके कहिप्रा हिहै वक पप्रारर्थी नके उसकको चप्राकसू सके डरप्राकर बलप्रात्कप्रार वकयप्रा, पप्रारर्थी सके चप्राकसू ककी ककोई बरप्रामदगश्री नहिहीं हिहई हिहै।
9. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा-पत कप्रा वविरकोधि करतके हिहए कहिप्रा वक पप्रारर्थी दप्रारप्रा कप्राररत अपरप्राधि जिघन्य पकक वत कप्रा हिहै तरप्रा वविविकेचनप्रा अभश्री पचधलत हिहै।
10. उपरकोक तथ्यनों कको दृवष्टिगत रखतके हिहए, जिबवक परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा तरप्रा धिप्रारप्रा 180 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा सअंवहितप्रा कके अंतगर्मात अंवकत बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके मप्रात अश्लश्रील हिरकत करनके कप्रा करन हिहै वकन्तसु धिप्रारप्रा 183 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा सअंवहितप्रा कके अंतगर्मात अंवकत बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके चप्राकसू सके धिमकप्राकर बलप्रात्कप्रार करनके कप्रा आरकोप लगप्रायप्रा ; वचवकत्सककीय परश्रीकण आख्यप्रा तरप्रा पहैरप्राललॉधजिकल जिप्राअंच आख्यप्रा ककोई ऐसप्रा तथ्य पकप्राश मम नहिहीं आयप्रा हिहै जिको बलप्रात्कप्रार कके आरकोपनों ककी पसुवष्टि करके; चप्राकसू सके धिमकप्रानके कके आरकोप ककी पसुवष्टि भश्री चप्राकसू ककी बरप्रामदगश्री सके नहिहीं हिहई हिहै ; पप्रारर्थी एक 19 विरर्थीय नवियसुविक हिहै धजिसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै विहि वदनप्राअंक 20.03.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकयके जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै।
11. तद्नसुसप्रार, जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हिहै।
12. आविकेदक मसुनकेजिर कसु मप्रार कको वनम्नधलधखत शतर्दोअं कके अधिश्रीन सअंबअंधधित मधजिस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी सअंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बअंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक कके गविप्राहिनों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हिकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 12.5.2025/Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench