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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 139609 (ALL)

GOLU v. STATE OF U.P. THRU. SECY. HOME DEPTT. U.P. LKO. AND 3 OTHERS

ABAIL/519/2025 · 2025-05-12

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:27576 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 519 of 2025 Applicant :- Golu Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Secy. Home Deptt. U.P. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Amit Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अवमित कक मिप्रार तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अंशकमिप्रान विमिप्रार्मा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 438 दअं०प०सअं० दप्रारप्रा पस्तकत पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मिककदमिप्रा अपरप्राधि सअंख्यप्रा 91 सन 2024 अन्तरर्मात धिप्रारप्रा 363, 366, 376 भप्रा०द०ववि० वि धिप्रारप्रा 3/4 ललवरक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा सअंरक्षण अधधिवनयमि रप्रानप्रा धसअंरप्राहश्री धजिलप्रा खश्रीरश्री मिम अवग्रिमि जिमिप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै। 3. वदनप्राअंक 07.04.2024 कको पप्रारर्थी सवहत 6 व्यवकयधों कके वविरुद्ध धलखप्राई रई परमि ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मिम वशकप्रायतकतप्रार्मा नके कहप्रा वक पप्रारर्थी उसककी 17 विरर्थीयप्रा पकतश्री कको वदनप्राअंक 06.04.2024 कको शप्रामि 6 बजिके भरप्रा लके रयप्रा। 4. धिप्रारप्रा 161 वि 164 दअं०प०सअं० कके अंतरर्मात अंवकत अपनके बयप्रानधों मिम पश्रीवड़ितप्रा नके कहप्रा वक उसककी आयक 20 विरर्मा हहै, उसनके अपनश्री मिजिर्थी सके पप्रारर्थी सके वविविप्राह कर धलयप्रा हहै और उसककी पत्नश्री कके रूप मिम रह रहश्री हहै। उसनके यह भश्री कहप्रा वक पप्रारर्थी कके घरविप्रालके इस वविविप्राह सके सहमित हल वकन्तक उसकके पररविप्रार विप्रालके इस वविविप्राह सके सहमित नहहीं हल। 5. पश्रीवड़ितप्रा नके अपनप्रा वचवकत्सककीय परश्रीक्षण करप्रानके सके इअंकप्रार कर वदयप्रा। 6. पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर -पत मिम कहप्रा रयप्रा वक पप्रारर्थी एक 22 विरर्थीय वनदर्दोर नवियकविक हहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 7. इसकके पसूविर्मा पश्रीवड़ितप्रा तरप्रा पप्रारर्थी नके सअंयकक रूप सके इस न्यप्रायप्रालय मिम आपरप्राधधिक पककीणर्मा ररर यप्रावचकप्रा सअंख्यप्रा 2906 सन 2024 पस्तकत वकयप्रा रप्रा धजिसमिम पप्राररत अंतररमि आदकेश वदनप्राअंक 10.07.2024 दप्रारप्रा पप्रारर्थी ककी वररफ्तप्रारश्री पर रकोक लरप्रायश्री रयश्री रश्री। 8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा -पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मिम आरकोपधों ककी पकवष्टि हहई हहै और आरकोप-पत वदनप्राअंक 28.07.2024 कको पस्तकत वकयप्रा जिप्रा चककप्रा हहै। उन्हधोंनके यह भश्री कहप्रा वक पप्रारर्मानप्रा -पत ककी ससूचनप्रा वशकप्रायतकतप्रार्मा कको दश्री जिप्रा चकककी हहै। 9. उपरकोक तथ्यधों कको दृवष्टिरत रखतके हहए तरप्रा वविशकेरकर पश्रीवड़ितप्रा कके बयप्रानधों कको दृवष्टिरत रखतके हहए, धजिसमिम उसनके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध ककोई आरकोप नहहीं लरप्रायप्रा हहै ; पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै; वविविकेचनप्रा पसूणर्मा हको चकककी हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मित हहै वक पप्रारर्थी अवग्रिमि जिमिप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 10. तद्नकसप्रार अवग्रिमि जिमिप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 11. उपरकोक मिककदमिप्रा अपरप्राधि सअंख्यप्रा मिम आविकेदक ककी वररफ्तप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय कके समिक्ष उपसस्रवत ककी दशप्रा मिम , उसके सअंबअंधधित रप्रानके कके भप्रारसप्राधिक अधधिकप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय ककी सअंतकवष्टि कके अनकसप्रार व्यवकरत बअंधि पत एविअं दको पवतभसू पस्तकत करनके पर परश्रीक्षण कके अंवतमि रूप सके वनस्तप्रारण तक, वनम्न शतर्दोअं कके अधिश्रीन अवग्रिमि जिमिप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राएरप्राग- क- आविकेदक, यवद आविश्यक हकोरप्रा तको पकधलस अधधिकप्रारश्री दप्रारप्रा जिजॉच हकेतक अपकेवक्षत समिय पर उपसस्रत हकोरप्रा। ख- आविकेदक मिप्रामिलके कके तथ्यधों सके पररवचत वकसश्री व्यवक यप्रा पकधलस अधधिकप्राररयधों कको पत्यक्ष यप्रा परकोक्ष रूप सके ककोई धिमिककी , विप्रादप्रा यप्रा पलकोभन नहहीं दकेरप्रा धजिससके वक विह ऐसके तथ्य कको न्यप्रायप्रालय कके समिक्ष यप्रा वकसश्री पकधलस अधधिकप्रारश्री कके समिक्ष पकर न करनके पर मिप्रान जिप्राए। र- आविकेदक अदप्रालत ककी पसूविर्मा अनकमिवत कके वबनप्रा भप्रारत नहहीं छकोड़िकेरप्रा; घ- आविकेदक कको पत्यकेक वनधिप्रार्माररत वतधर पर रटप्रायल ककोरर्मा कके समिक्ष उपसस्रत हकोनप्रा हकोरप्रा, जिब तक वक व्यवकरत उपसस्रवत सके छसू र न दश्री रयश्री हको; ङ- आविकेदक अवभयकोजिन पक्ष कके रविप्राह पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा / धिमिककी नहहीं दकेरप्रा। च- आविकेदक वविविकेचनप्रा एविअं वविचप्रारण कके ददौरप्रान सहयकोर करमरके और जिमिप्रानत ककी स्वितअंततप्रा कप्रा दकरुपयकोर नहहीं करकेरप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 12.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench