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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 139053 (ALL)
REETA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME CIVIL SECTT. LKO
BAIL/3966/2025 · 2025-05-08
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 139053 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:26915 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3966 of 2025 Applicant :- Reeta Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Civil Sectt. Lko Counsel for Applicant :- Sudhaker Prakash Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा नके एक पपूरक शपर पत्र पस्ततुत वकयप्रा, रजिसके अवभिलकेख पर रलयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
2. पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शनी सतुधिप्राकर पकप्राश तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा परम शनी अनतुरप्राग विमप्रार कको सतुनप्रा तरप्रा पत्रप्राविलनी कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
3. धिप्रारप्रा 483 भिप्रारतनीय नप्रागररक सतुरकप्रा ससंवहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्ततुत इस पप्राररनप्रा-पत्र दप्रारप्रा पप्रारररननी नके मतुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 25 सन 2025, अन्तगरत धिप्रारप्रा 80(2), 85, 115(2) बनी०एन०एस एविसं 3/4 दहकेजि पवतषकेधि अरधिवनयम, रप्रानप्रा-रप्रानगप्रासंवि, रजिलप्रा-सनीतप्रापतुर मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
4. वदनप्रासंक 22.02.2025 कको पप्रारररननी तरप्रा उसकके दको पतुत्र कके वविरुद्ध रलखप्राई गई परम सपूचनप्रा ररपकोरर मम कहप्रा गयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार नके अपननी पतुत्रनी कप्रा वविविप्राह पप्रारररननी कके पतुत्र सह -अवभियतुक रप्रामस्विरूप कके सप्रार लगभिग चप्रार विषर पपूविर वकयप्रा रप्रा, सभिनी अवभियतुकगण उसके दहकेजि कके रलए पतप्रावडड़ि़त करतके रके तरप्रा वदनप्रासंक 22.02.2025 कको उसककी ममृत्यतु ककी सपूचनप्रा वमलनी।
5. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम गलके कके चप्राररों ओर लरकनके कप्रा वचन्ह , रजिसमम दप्रावहननी ओर 6.5 सके.मनी. कप्रा ररक स्रप्रान रप्रा , बतप्रायप्रा गयप्रा तरप्रा ममृत्यतु कप्रा कप्रारण लरकनके कके कप्रारण दम घतुरनप्रा बतप्रायप्रा गयप्रा।
6. पप्राररनप्रा पत्र कके सप्रार पस्ततुत शपर पत्र मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारररननी एक 52 विषर्षीय मवहलप्रा हहै, रजिसकप्रा ककोई आपरप्रारधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
7. एक पपूरक शपर पत्र कके मप्राध्यम सके पसंचप्रायतनप्रामप्रा तरप्रा वविविकेचक दप्रारप्रा असंवकत वकए गए बयप्रानरों ककी पवतयप्रासं पस्ततुत ककी गई हह। बयप्रानरों मम कहप्रा गयप्रा
हहै वक पनीवड़ि़तप्रा वदनप्रासंक 22.02.2025 कको दकोपहर समय लगभिग 2 बजिके खकेतरों ककी तरफ शशौच करनके गई रनी तरप्रा लगभिग 2:30 बजिके गप्रागाँवि मम हलप्रा मचप्रा वक उसनके खकेत मम लगके आम कके पकेड़ि़ मम फप्रासंसनी लगप्रा लनी।
8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत्र कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम पप्रारररननी कके वविरुद्ध आरकोपरों ककी पतुवष्टि हहई हहै और वदनप्रासंक 30.03.2025 कको आरकोप पत्र पस्ततुत वकयप्रा जिप्रा चतुकप्रा हहै। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा नके यह भिनी सपूवचत वकयप्रा वक जिप्रागाँच कके रलए वविसरप्रा सतुरवकत रखप्रा गयप्रा हहै, रजिसककी जिप्रागाँच ररपकोरर अभिनी तक नहहीं आई हहै।
9.
उपरकोक तथ्यरों कके दृवष्टिगत , जिबवक पनीवड़ि़तप्रा नके अपनके वविविप्राह कके चप्रार विषर पश्चप्रात घर सके बप्राहर एक खकेत मम लगके आम कके पकेड़ि़ मम फप्रासंसनी लगप्राकर आत्महत्यप्रा कर लनी तरप्रा शवि पर लरकनके कके अवतररक चकोर कप्रा ककोई वचन्ह नहहीं रप्रा; परम सपूचनप्रा ररपकोरर मम सप्रामप्रान्य पकमृ वत कके आरकोप लगप्राए गए हह तरप्रा पप्रारररननी कके वविरुद्ध ककोई वविशकेष करन नहहीं वकयप्रा गयप्रा हहै। पप्रारररननी एक मवहलप्रा हहै रजिसकप्रा ककोई आपरप्रारधिक इवतहप्रास नहहीं हहै , विह वदनप्रासंक 23.02.2025 सके जिकेल मम वनरुद्ध हहै तरप्रा वविविकेचनप्रा पपूणर हको चतुककी हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारररननी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकए जिप्रानके ककी अरधिकप्राररणनी हहै।
10. तदनतुसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत्र स्विनीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
11. आविकेवदकप्रा रनीतप्रा कको वनम्नरलरखत शतरसं कके अधिनीन ससंबसंरधित मरजिस्रटकेर/न्यप्रायप्रालय ककी ससंततुवष्टि कके अनतुसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत्र और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्ततुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेवदकप्रा अवभियकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़ि़छप्राड़ि़ नहहीं करकेगनी; (ii) आविकेवदकप्रा अवभियकोजिन पक कके सप्रावकयरों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगनी; (iii) आविकेवदकप्रा वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतरर पर उपसस्रत हकोगनी। Order Date :- 8.5.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench