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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 138991 (ALL)
NANKE GAUTAM @ ANANTRAM v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. /ADDL. CHIEF SECY. HOME U.P. LKO.
BAIL/3909/2025 · 2025-05-09
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 138991 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:27262 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3909 of 2025 Applicant :- Nanke Gautam @ Anantram Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. /Addl. Chief Secy. Home U.P. Lko. Counsel for Applicant :- Ram Krishna Pratap Singh Counsel for Opposite Party :- G.A.,Vivek Kumar Pandey Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री रप्राम कक ष्ण पतप्राप धससिंह , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री असिंशशुमप्रान विमप्रार्मा तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार्मा कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वविविकेक कशु मप्रार पप्राण्डकेय कको सशुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सशुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगर्मात पस्तशुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मशुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 0306 सन 2024 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 103(1) बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा कटरप्रा बप्राजप्रार धजलप्रा गकोण्डप्रा मम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रासिंक 03.08.2024 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम कहप्रा गयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार्मा कप्रा लड़कप्रा स्कसू ल कके बप्राद शप्राम 4 बजके भशुसहैलप्रा चचौरप्राहप्रा ककी तरफ जप्रा रहप्रा रप्रा वक रप्रास्तके मम पप्रारर्थी नके पशुरप्रानश्री रसिंधजश कके कप्रारण वशकप्रायतकतप्रार्मा कके बच्चके कको सशुनसप्रान दकेखकर रप्रास्तके सके उठप्रा धलयप्रा और अपनके तप्रालप्राब मम फम क वदयप्रा धजससके बच्चके ककी तप्रालप्राब मम डसूबनके सके मचौत हको गयश्री। कशु छ समय बप्राद बच्चके ककी मप्रामाँ वि दप्रादश्री बच्चके ककी खकोज मम उधिर आययीं तको दकेखप्रा वक तप्रालप्राब पर कशु छ लकोगगों ककी भश्रीड़ जमप्रा हहै और उसकप्रा बकेटप्रा मकत अविस्रप्रा मम तप्रालप्राब मम तहैर रहप्रा हहै।
4. पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार पस्तशुत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहयीं हहै।
5.
यह कहप्रा गयप्रा वक धजस तप्रालप्राब मम दशुरर्माटनप्रा हहई उसकको पप्रारर्थी नके एक अन्य व्यवक छहैल वबहप्रारश्री कको वदनप्रासिंक 02 अपहैल 2024 कको 10 विषर्मा ककी अविधधि कके धलए वकरप्रायके पर एक वनबसिंधधित वकरप्रायकेनप्रामके कके मप्राध्यम सके दके चशुकप्रा हहै, धजस वकरप्रायकेनप्रामके कप्रा वनबसिंधिन उपवनबसिंधिक करनहैलगसिंज, गकोण्डप्रा कके कप्रायप्रार्मालय मम वदनप्रासिंक 02.04.2024 कको हको चशुकप्रा रप्रा एविसिं वनबसिंधधित वकरप्रायकेनप्रामके ककी पवत जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत कके सप्रार ससिंलग्न हहै। कई गप्रामविप्राधसयगों नके इस आशय कप्रा शपर -पत वदयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी पशुत ककी मकत्यशु तप्रालप्राब मम नहप्रातके समय दशुरर्माटनप्राविश हहई। एक व्यवक रप्रामस्विरूप नके लड़कके कको तप्रालप्राब सके वनकप्रालप्रा एविसिं गप्रासिंवि कके एक व्यवक गकोलसू कके फकोन सके 108 नसिंबर पर फकोन कर एसिंबशुलकेन्स बशुलप्राई गई
वकन्तशु एसिंबशुलकेन्स कप्राफकी दकेर तक नहयीं आयश्री। गप्रासिंवि कके हश्री असिंबर वतविप्रारश्री वि वतविकेनश्री यप्रादवि नके लड़कके कप्रा पकेट दबप्राकर पकेट सके पप्रानश्री वनकप्रालनके कप्रा पयप्रास वकयप्रा वि डप्राक्टर आशश्रीष वतविप्रारश्री कको बशुलप्रायप्रा तब तक लड़कके ककी सप्रासिंस चल रहश्री रश्री। डडॉक्टर नके भश्री आकर लड़कके कप्रा पकेट दबप्राकर पप्रानश्री वनकप्रालप्रा लकेवकन तक तक लड़कके ककी मकत्यशु हको चशुककी रश्री। इस रटनप्रा कके समय पप्रारर्थी मचौकके पर मचौजसूद नहयीं रप्रा और विह हहकशु म गशुपप्रा कके रर पर मजदसूरश्री कर रहप्रा रप्रा।
6. एक पसूरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके वविविकेचक दप्रारप्रा असिंवकत बयप्रानगों ककी पवतयप्रासिं पस्तशुत ककी गयश्री। वशकप्रायतकतप्रार्मा नके अपनके बयप्रान मम परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा कके करनगों कको हश्री दकोहरप्रायप्रा हहै।
7. वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी पत्नश्री नके अपनके बयप्रान मम कहप्रा वक उसकप्रा बकेटप्रा स्कसू ल सके रर विप्रापस आकर कब तप्रालप्राब ककी ओर चलप्रा गयप्रा, उसके ककोई दकेख नहयीं पप्रायप्रा। खकोजनके पर पतप्रा चलप्रा वक विह पप्रारर्थी कके तप्रालप्राब मम डसूब गयप्रा हहै। बकेटके कके तप्रालप्राब मम डसूबनके ककी बप्रात सशुनकर सभश्री लकोग तप्रालप्राब ककी ओर गयके जहप्रामाँ कप्राफकी भश्रीड़भप्राड़ रश्री। वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी पत्नश्री नके कहप्रा वक उसकके चवचयप्रा ससशुर रप्राजकेश्विरश्री वतविप्रारश्री वि पटश्रीदप्रार अशकोक कशु मप्रार वतविप्रारश्री रटनप्रा कके चश्मदश्रीद गविप्राह हह। पप्रारर्थी नके मछलश्री पप्रालन करनके कके बहप्रानके असशुरवकत तप्रालप्राब बनविप्रायप्रा हहआ रप्रा धजसमम गप्रासिंवि कके बच्चके और बप्राहरश्री बच्चके नहप्रानके आयप्रा करतके रके और वबनप्रा वकसश्री सशुरकप्रा पबसिंधि कके तरप्रा वबनप्रा वकसश्री टटकेनर कके बश्रीस रुपयके पवतरण्टप्रा लकेकर पप्रारर्थी बच्चगों कको तप्रालप्राब मम तहैरनके कके धलए जप्रानके दकेतप्रा रप्रा।
8. वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी मप्रामाँ नके भश्री ऐसप्रा हश्री बयप्रान वदयप्रा हहै।
9.
कधरत चश्मदश्रीद गविप्राह रप्राजकेश्विरश्री वतविप्रारश्री नके अपनके बयप्रान मम कहप्रा वक उसनके दकेखप्रा वक पप्रारर्थी नके एक बच्चके कको जबरदस्तश्री उठप्राकर अपनके तप्रालप्राब मम फम क वदयप्रा हहै। मचौकके पर अशकोक वतविप्रारश्री भश्री पहहसिंचके रके धजन्हगोंनके तप्रालप्राब मम कसू दकर बच्चके कको वनकप्रालप्रा तब इस गविप्राह नके दकेखप्रा वक विह बच्चप्रा उसकप्रा नप्रातश्री रप्रा। बच्चप्रा फम कनके कके बप्राद पप्रारर्थी उसके दकेखकर गनके मम कसू दकर भप्राग गयप्रा रप्रा। मचौकके पर बच्चके ककी मप्रासिं दप्रादश्री , वपतप्रा एविसिं गप्रासिंवि कके बहहत सके लकोग इकटप्रा हको गयके रके।
10. अशकोक वतविप्रारश्री नके रटनप्रा कको स्वियसिं दकेखनप्रा नहयीं कहप्रा तरप्रा उसनके कहप्रा वक जब विह पहहसिंचप्रा तको तप्रालप्राब मम बच्चप्रा डसूबप्रा हहआ रप्रा।
11. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार्मा कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा-पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम आरकोपगों ककी पशुवष्टि हहई तरप्रा
आरकोप-पत वदनप्रासिंक 01.04.2025 कको पस्तशुत वकयप्रा जप्रा चशुकप्रा हहै।
12. उपरकोक तथ्यगों कको दृवष्टिगत रखतके हहए, जबवक परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मकतक कके वपतप्रा नके धलखप्राई हहै जको रटनप्रा कके चश्मदश्रीद गविप्राह नहयीं हहै तरप्रा उन्हगोंनके पशुरप्रानश्री दशुश्मनश्री कके कप्रारण पप्रारर्थी दप्रारप्रा बच्चके कको तप्रालप्राब मम फम कनके कप्रा करन वकयप्रा ; परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा अरविप्रा वशकप्रायतकतप्रार्मा दप्रारप्रा धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके असिंतगर्मात असिंवकत बयप्रानगों मम रटनप्रा कके वकसश्री चकशुदशर्थी सप्राकश्री कप्रा नप्राम नहयीं कहप्रा गयप्रा हहै ; इसकके बप्राद वशकप्रायतकतप्रार्मा ककी पत्नश्री कके बयप्रान मम रप्राजकेश्विरश्री वतविप्रारश्री एविसिं अशकोक वतविप्रारश्री कको रटनप्रा कप्रा चकशुदशर्थी गविप्राह हकोनप्रा कहप्रा गयप्रा वकन्तशु अशकोक वतविप्रारश्री नके स्वियसिं दप्रारप्रा रटनप्रा दकेखके जप्रानके सके इसिंकप्रार वकयप्रा ; रप्राजकेश्विरश्री वतविप्रारश्री नके अपनके दप्रारप्रा रटनप्रा दकेखनप्रा कहप्रा तरप्रा मचौकके पर हश्री वशकप्रायतकतप्रार्मा , उसककी पत्नश्री तरप्रा मप्रासिं कके आ जप्रानके कप्रा करन वकयप्रा वकन्तशु वशकप्रायतकतप्रार्मा नके परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा अरविप्रा अपनके बयप्रान मम इसकप्रा करन नहयीं वकयप्रा ; पप्रारर्थी पश्नगत तप्रालप्राब कको वदनप्रासिंक 02.04.2024 कको वनबसिंधधित पटके सके 10 विषर्मा कके धलए एक अन्य व्यवक कको दके चशुकप्रा हहै; पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहयीं हहै विह वदनप्रासिंक 26.03.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम हहै ; वविविकेचनप्रा पसूणर्मा हको चशुककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
13. तद्नशुसप्रार, जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
14.
आविकेदक ननकके गचौतम उफर्मा अनसिंतरप्राम कको वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्टटकेट / न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतशुवष्टि कके अनशुसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तशुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहयीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहगों पर दबप्रावि नहयीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक टटप्रायल ककोटर्मा दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 9.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench