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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 138988 (ALL)
SAURABH VERMA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. U.P.
BAIL/3916/2025 · 2025-05-07
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 138988 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:26760 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3916 of 2025 Applicant :- Saurabh Verma Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. U.P. Counsel for Applicant :- Anuj Dayal,Mukesh Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A.,Niraj Singh Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अननुज दयप्राल , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री रववि शश्रीविप्रास्तवि तरप्रा वशकप्रायतकतर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री नश्रीरज धससिंह कको सनुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सनुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तनुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मनुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 90 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 69, 351(3) बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा रप्रामपनुर कलप्रासिं धजलप्रा सश्रीतप्रापनुर मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रासिंक 08.04.2025 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक उसककी आयनु लगभग 22 विरर हहै। पप्रारर्थी उसकके गप्रासिंवि कप्रा हश्री रहनके विप्रालप्रा हहै तरप्रा उनकके बश्रीच लगभग 2 विररसिं सके पकेम ससिंबसिंधि हहै। पप्रारर्थी नके शप्रादश्री कप्रा विप्रादप्रा करकके उसकके सप्रार कई बप्रार शप्रारश्रीररक ससिंबसिंधि बनप्रायप्रा वकन्तनु शप्रादश्री करनके सके हमकेशप्रा रप्राल वदयप्रा।
4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके असिंतगरत असिंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके करननों कप्रा समररन वकयप्रा।
5. वचकत्सककीय परश्रीकण ररपकोरर मम पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर पर ककोई चकोर अरविप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई वचह्न नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा।
6. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असिंतगरत असिंवकत अपनके बयप्रान मम भश्री पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके पसूविर करननों कको हश्री दकोहरप्रायप्रा।
7. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तनुत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 24 विरर्थीय वनदरर व्यवक हहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा अभश्री पचधलत हहै।
9. उपरकोक तथ्यनों कको दृवष्टिगत रखतके हहए , जबवक पश्रीवड़ितप्रा नके अपनश्री आयनु 22 विरर हकोनप्रा
कहश्री हहै तरप्रा 2 विररसिं सके पप्रारर्थी कके सप्रार ससिंबसिंधि हकोनके कप्रा करन वकयप्रा हहै; यद्यवप पश्रीवड़ितप्रा कप्रा करन हहै वक पप्रारसिंभ मम पप्रारर्थी नके शप्रादश्री करनके कप्रा विप्रादप्रा वकयप्रा रप्रा एविसिं बप्राद मम शप्रादश्री करनप्रा रप्राल वदयप्रा; ऐसश्री ककोई सप्रामगश्री इस स्तर पर उपलब्धि नहहीं हहै धजससके यह परम दृष्टियप्रा पतश्रीत हको वक पप्रारर्थी कप्रा आशय पप्रारसिंभ सके हश्री पश्रीवड़ितप्रा कको धिकोखप्रा दकेनप्रा रप्रा ; पप्रारर्थी एक 24 विरर्थीय नवियनुविक हहै धजसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै विह वदनप्रासिंक 11.04.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
10.
तद्ननुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
11. आविकेदक ससौरभ विमप्रार कको वनम्नधलधखत शतरसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतनुवष्टि कके अननुसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तनुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहनों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 7.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench