Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 138957 (ALL)

RABBAN v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS

BAIL/3919/2025 · 2025-05-07

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:26813 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3919 of 2025 Applicant :- Rabban Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Chandra Bhushan Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री चन्द्र भभूषण तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अननंत पतप्राप धसनंह कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा सनंवहतप्रा कके अनंतगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके विप्राद सनंख्यप्रा 19 सन 2022 अन्तगरत धिप्रारप्रा 363, 376 D भप्रा०दनं०सनं० वि धिप्रारप्रा 3/4 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा सनंरकण अधधिवनयम रप्रानप्रा वबसविप्रानं धजिलप्रा सश्रीतप्रापसुर मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रानंक 17.08.2022 कको धिप्रारप्रा 156(3) दनं०प०सनं० कके अनंतगरत पप्रारर्थी तरप्रा एक अन्य व्यवक अख्तर कके वविरुद्ध पस्तसुत पप्राररनप्रा -पत कके आधिप्रार पर सनंसस्रत पररविप्राद मम कहप्रा गयप्रा वक वदनप्रानंक 25.07.2022 कको ससुबह 10 बजिके वशकप्रायतकतप्रार ककी 16 विषर्थीयप्रा पसुतश्री, जिको एक कनं पनश्री मम बततौर सहप्रावयकप्रा कप्राम करतश्री हहै उसके वविपकश्रीगण अपनश्री मकोटर सप्राइवकल पर जिबरन बहैठप्राकर लखनऊ लकेकर भप्राग गयके जिहप्राहाँ उसके एक कमरके मम 15 वदन तक रखप्रा एविनं दकोनधों अवभयसुकधों नके उसककी इच्छप्रा कके वविरुद्ध बलप्रात्कप्रार वकयप्रा। वदनप्रानंक 08.08.2022 कको पररविप्रादश्री ककी पसुतश्री तप्रालप्रा खसुलप्रा पप्राकर विहप्राहाँ सके ससुबह 8 बजिके भप्राग वनकलश्री। 4. पररविप्रादश्री नके धिप्रारप्रा 200 दनं०प०सनं० कके अनंतगरत अनंवकत अपनके बयप्रान तरप्रा पश्रीवड़ितप्रा नके धिप्रारप्रा 202 दनं०प०सनं० कके अनंतगरत अनंवकत अपनके बयप्रान मम पररविप्राद कके करनधों कप्रा समररन वकयप्रा। वदनप्रानंक 08.08.2023 कको वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके पप्रारर्थी तरप्रा सह -अवभयसुक अख्तर कको धिप्रारप्रा 363, 376 D भप्रा०दनं०सनं० एविनं धिप्रारप्रा 3/4 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा सनंरकण अधधिवनयम कके अनंतगरत वविचप्रारण हकेतसु तलब वकयप्रा तरप्रा वदनप्रानंक 11.03.2025 सके पप्रारर्थी न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम हहै। 5. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक पररविप्रादश्री तरप्रा पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके बयप्रानधों मम आरकोपधों कप्रा समररन वकयप्रा हहै , लगप्रायके गयके आरकोप गनंभश्रीर पकक वत कके हल तरप्रा उन्हधोंनके कहप्रा वक वशकप्रायतकतप्रार कको इस पप्राररनप्रा-पत ककी सभूचनप्रा पसुधलस कके मप्राध्यम सके दश्री जिप्रा चसुककी हहै। 6. उपरकोक तथ्यधों कको दृवष्टिगत रखतके हहए , जिबवक कधरत घटनप्रा कके समररन मम पररविप्रादश्री तरप्रा पश्रीवड़ितप्रा कके सप्राक्ष्य कके अवतररक ककोई अन्य सप्रामगश्री इस स्तर पर उपलब्धि नहहीं हहै तरप्रा पश्रीवड़ितप्रा कप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण भश्री नहहीं हहआ हहै ; पप्रारर्थी एक 23 विषर्थीय वनदर्दोष नवियसुविक हहै धजिसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै विह वदनप्रानंक 11.03.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 7. तद्नसुसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 8. आविकेदक रब्बप्रान कको वनम्नधलधखत शतर्दोनं कके अधिश्रीन सनंबनंधधित मधजिस्टटकेट / न्यप्रायप्रालय ककी सनंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बनंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक कके गविप्राहधों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक टटप्रायल ककोटर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 7.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench