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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 138927 (ALL)

RAM KUMAR @ RAM KARAN v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. HOME LKO. AND 3 OTHERS

BAIL/3914/2025 · 2025-05-07

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:26713 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3914 of 2025 Applicant :- Ram Kumar @ Ram Karan Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Yogesh Kumar Mishra,Dharmendra Kumar Yadav,Shraddha Chaturvedi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ययोगकेश कक मप्रार वमशप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री रववि शश्रीविप्रास्तवि कयो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके असंतगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 0038 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 64, 137(2), 87, 115(2) बश्री०एन०एस० वि धिप्रारप्रा 5 M/6 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससंरकण अधधिवनयम रप्रानप्रा सयोहिरप्रामऊ धजिलप्रा उनप्रावि मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्रासंक 07.03.2025 कयो धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपयोरर "नप्राबप्राधलक लड़ककी कयो जिबरन 9 विरर्थीय लड़ककी कप्रा अपहिरण कर दकष्कमर करनके वि जिप्रान सके मप्रार दकेनके कके ससंबसंधि मम" वशकप्रायतकतर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपयोरर मम कहिप्रा वक वदनप्रासंक 06.03.2025 ककी शप्राम कयो जिब उसककी 9 विरर्थीयप्रा पकतश्री गप्रासंवि मम एक व्यवक मनयोजि कके घर शप्रादश्री मम गई रश्री, मनयोजि कप्रा सप्रालप्रा रप्रामकक मप्रार (पप्रारर्थी) उसके बहिलप्रा फक सलप्राकर जिबरन अपनश्री मयोरर सप्राइवकल सके लकेकर कहिहीं चलप्रा गयप्रा एविसं उसकके सप्रार बलप्रात्कप्रार वकयप्रा। ढसूसंढनके पर कक छ दसूर पर उसककी बकेरश्री बकरके हिप्रालत मम वमलश्री तरप्रा उसनके बतप्रायप्रा वक पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार गसंदप्रा कप्राम वकयप्रा और ऊपर बहैठकर अपनके धलसंग कयो पकड़प्रा रहिप्रा रप्रा। वशकप्रायतकतर्थी नके यहि भश्री कहिप्रा वक उसककी बकेरश्री कयो मप्रारप्रा-पश्रीरप्रा धजिससके शरश्रीर मम वविवभन जिगहिधों पर चयोरम आयहीं। 4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगरत असंवकत अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपयोरर कके करनधों कयो हिश्री दयोहिरप्रायप्रा। 5. पश्रीवड़तप्रा नके धिप्रारप्रा 180 कके असंतगरत असंवकत अपनके बयप्रान मम पप्रारर्थी दप्रारप्रा उसके घकमप्रानके कके धलए अपनके सप्रार लके जिप्रानप्रा एविसं उसकके कपड़के उतप्रारकर उसकके ऊपर बदतमश्रीजिश्री करनके कप्रा करन वकयप्रा। 6. वशकप्रायतकतर्थी नके पश्रीवड़तप्रा कप्रा आसंतररक वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके इसंकप्रार कर वदयप्रा तरप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण मम कयोई बप्राह्य चयोर सप्रामनके नहिहीं आयश्री। 7. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगरत असंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके पप्रारर्थी दप्रारप्रा उसकयो अपनश्री मयोरर सप्राइवकल सके एक बप्राग मम लके जिप्रानके इसकके पश्चप्रात खकलके खकेत मम धलरप्राकर ययौन अपरप्राधि करनके कप्रा आरयोप लगप्रायप्रा। 8. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर-पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हिहै और उसकप्रा कयोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। 9. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरयोधि करतके हिहए कहिप्रा वक पस्तकत पकरण मम पश्रीवड़तप्रा एक 9 विरर्थीयप्रा बप्राधलकप्रा हिहै धजिसनके धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगरत असंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा दप्रारप्रा दकष्कमर करनके कप्रा करन वकयप्रा गयप्रा हिहै। वविविकेचनप्रा मम आरयोपधों ककी पकवष्टि हिहई हिहै और आरयोप -पत वदनप्रासंक 30.03.2025 कयो पस्तकत वकयप्रा जिप्रा चककप्रा हिहै। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके यहि भश्री कहिप्रा वक पप्राररनप्रा-पत ककी ससूचनप्रा पकधलस कके मप्राध्यम सके वशकप्रायतकतर्थी कयो दश्री जिप्रा चकककी हिहै। 10. उपरयोक तथ्यधों कयो दृवष्टिगत रखतके हिहए, जिबवक वशकप्रायतकतर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपयोरर कप्रा पप्रारसंभ उसककी पकतश्री कप्रा "अपहिरण कर दकष्कमर करनके वि जिप्रान सके मप्रार दकेनके कके ससंबसंधि मम" धलखप्रायप्रा हिहै जिबवक उसककी पकतश्री जिश्रीववित हिहै , यहि पतश्रीत हियोतप्रा हिहै वक पप्रारसंभ सके हिश्री वशकप्रायतकतर्थी कप्रा आशय अपरप्राधि कयो बढप्रा -चढप्राकर पस्तकत करनके कप्रा रप्रा ; वशकप्रायतकतर्थी नके पप्रारर्थी दप्रारप्रा उसककी 9 विरर्थीयप्रा पकतश्री कके सप्रार बलप्रात्कप्रार करनके , मप्रारनके- पश्रीरनके एविसं शरश्रीर मम वविवभन जिगहिधों पर चयोरम आनके कप्रा करन वकयप्रा; वचवकत्सककीय परश्रीकण मम पश्रीवड़तप्रा कके शरश्रीर पर कयोई भश्री चयोर नहिहीं पप्रायश्री गयश्री एविसं पश्रीवड़तप्रा कप्रा आसंतररक वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके वशकप्रायतकतर्थी नके स्वियसं हिश्री मनप्रा कर वदयप्रा ; पप्रारर्थी कप्रा कयोई आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै विहि वदनप्रासंक 11.03.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम हिहै; वविविकेचनप्रा पसूणर हियो चकककी हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकयके जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हिहै। 11. तद्नकसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हिहै। 12. आविकेदक रप्राम कक मप्रार उफर रप्राम करन कयो वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजिस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दयो जिमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरयोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभययोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभययोजिन पक कके गविप्राहिधों पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल कयोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हियोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 7.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench