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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 138677 (ALL)

MANISH RAWAT v. STATE OF U.P. THRU. PRINCIPAL SECY. HOME LKO AND 3 OTHERS

BAIL/3917/2025 · 2025-05-07

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:26776 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3917 of 2025 Applicant :- Manish Rawat Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Principal Secy. Home Lko And 3 Others Counsel for Applicant :- Irfan Alam Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी ककी वविदप्रान अधधिविकप्रा कक मप्राररी सप्रावनयप्रा अंसप्राररी तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शरी अनअंत पतप्राप धसअंह कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलरी कप्रा पररशरीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतरीय नप्रागररक सकरकप्रा सअंवहतप्रा कके अंतगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि सअंख्यप्रा 607 सन 2024 अन्तगरत धिप्रारप्रा 87, 137(2), 64 बरी०एन०एस० वि धिप्रारप्रा 3/4 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा सअंरकण अधधिवनयम रप्रानप्रा ककोतविप्रालरी दकेहप्रात धजिलप्रा बलरप्रामपकर मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्राअंक 30.12.2024 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक उसककी 17 विरर्थीयप्रा पकतरी कको शप्रादरी कप्रा झप्राअंसप्रा दकेकर पप्रारर्थी लगभग एक महरीनके पसूविर घर सके भगप्रा लके गयप्रा। 4. धिप्रारप्रा 180 बरी०एन०एस०एस० कके अंतगरत अंवकत अपनके बयप्रान मम परीवड़ितप्रा नके कहप्रा वक पप्रारर्थी उसकप्रा ररश्तकेदप्रार हहै , विह उससके प्यप्रार करतरी हहै और शप्रादरी करनप्रा चप्राहतरी हहै। वदनप्राअंक 16.10.2024 कको विह अपनके घर सके अकके लरी हरी वनकलकर लखनऊ गयरी एविअं विहप्राहाँ पप्रारर्थी कको फकोन सके बकलप्राकर दकोनधों एक सप्रार गकजिरप्रात गयके एविअं 4 महरीनके पवत-पत्नरी ककी तरह सप्रार रहके। एक पश्न कके उत्तर मम परीवड़ितप्रा नके कहप्रा वक उन्हधोंनके गकजिरप्रात कके एक मअंवदर मम शप्रादरी कर लरी। 5. परीवड़ितप्रा नके अपनप्रा आअंतररक वि बप्राह्य वचवकत्सककीय पररीकण करप्रानके सके इअंकप्रार कर वदयप्रा। 6. धिप्रारप्रा 183 बरी०एन०एस०एस० कके अंतगरत अंवकत अपनके बयप्रान मम परीवड़ितप्रा नके अपनके पसूविर करन कप्रा हरी समररन वकयप्रा। 7. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 20 विरर्थीय वनदर्दोर नवियकविक हहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम आरकोपधों ककी पकवष्टि हहई तरप्रा आरकोप -पत वदनप्राअंक 25.03.2025 कको पस्तकत वकयप्रा जिप्रा चककप्रा हहै। 9. उपरकोक तथ्यधों कको दृवष्टिगत रखतके हहए, जिबवक परीवड़ितप्रा नके अपनके दकोनधों बयप्रानधों मम पप्रारर्थी कके वविरुद्ध ककोई भरी आरकोप नहहीं लगप्रायप्रा हहै; पप्रारर्थी एक 20 विरर्थीय वनदर्दोर नवियकविक हहै और पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै विह वदनप्राअंक 08.02.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम हहै; वविविकेचनप्रा पसूणर हको चकककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जिप्रानके कप्रा अधधिकप्राररी हहै। 10. तद्नकसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विरीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 11. आविकेदक मनरीर रप्रावित कको वनम्नधलधखत शतर्दोअं कके अधिरीन सअंबअंधधित मधजिस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी सअंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बअंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक कके गविप्राहधों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्राररीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 7.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench