Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 138368 (ALL)
VIVEK KUMAR GUPTA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO AND 3 OTHERS
BAIL/3831/2025 · 2025-05-06
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 138368 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 138368 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:26083 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3831 of 2025 Applicant :- Vivek Kumar Gupta Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko And 3 Others Counsel for Applicant :- Ramakar Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री रमप्राकर शशुक्लप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री आललोक कशु मप्रार वतविप्रारश्री कलो सशुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविललोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 439 ददं०प०सदं० मम पस्तशुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मशुकदमप्रा अपरप्राधि सदंख्यप्रा 74 सन 2025, अन्तररत धिप्रारप्रा 363, 366, 376, 506, 509 भप्रा०द०ववि० एविदं 5/6 पपॉक्सलो एक्ट, रप्रानप्रा-रगौरश्रीरदंज, धजलप्रा-अमकेठश्री मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रादंक 11.03.2025 कलो धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपलोटर मम कहप्रा रयप्रा हहै वक पप्रारर्थी ककी 19 विरर्थीय पशुतश्री, धजसककी जन्मवतधर वदनप्रादंक 20.10.2006 हहै, कलो वशकप्रायतकतप्रार नके शप्रादश्री कप्रा झप्रादंसप्रा दकेकर अपनके पकेम -जप्राल मम फदं सप्रा धलयप्रा तरप्रा तश्रीन विररदं तक अविहैधि रूप सके शप्रारश्रीररक सदंबदंधि बनप्रातप्रा रहप्रा। जब वशकप्रायतकतप्रार ककी पशुतश्री कलो मलोबप्राइल पर बप्रार-बप्रार बप्रातचश्रीत करतके हहए पकडप्रा रयप्रा तलो उसनके बतप्रायप्रा वक विह पसूविर मम एक बप्रार पप्रारर्थी कके सप्रार घर सके भप्रारश्री रश्री एविदं पप्रारर्थी नके स्वियदं हश्री फलोन करकके वशकप्रायतकतप्रार ककी पत्नश्री कलो बतप्रायप्रा रप्रा वक उसककी बकेटश्री रगौरश्रीरदंज मम हश्री , धजसपर वशकप्रायतकतप्रार कप्रा भतश्रीजप्रा उसकलो घर लकेकर आयप्रा रप्रा। वशकप्रायतकतप्रार ककी पशुतश्री नके कलोटर महैररज करनके कप्रा पयप्रास वकयप्रा, वकक तशु अवियस्क हलोनके कके कप्रारण उसककी कलोटर महैररज नहहीं हलो सककी। पकक्षों कके बश्रीच वदनप्रादंक 21.04.2022 कलो यह सशुलह हहई रश्री ककी लडककी कके 18 विरर हलोनके कके पश्चप्रात पप्रारर्थी उससके वविविप्राह कर लकेरप्रा , वकन्तशु इसकके बप्राद पप्रारर्थी नके वशकप्रायतकतप्रार ककी पशुतश्री सके शप्रादश्री करनके सके इदंकप्रार कर वदयप्रा।
4. पश्रीवडतप्रा नके अपनके बयप्रान मम कहप्रा वक वितरमप्रान मम उसककी आयशु 19 विरर हहै। विह वपछलके चप्रार विरर सके पप्रारर्थी सके बप्रातचश्रीत करतश्री आ रहश्री हहै तरप्रा वपछलके 2- 21/2 विरर सके पप्रारर्थी उसकके सप्रार शप्रारश्रीररक सदंबदंधि बनप्रातप्रा रहप्रा हहै। पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार शप्रादश्री करनके कप्रा विप्रायदप्रा वकयप्रा रप्रा , वकन्तशु बप्राद मम उसनके शप्रादश्री करनके सके मनप्रा कर वदयप्रा।
5. पश्रीवडतप्रा नके अपनप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके अस्विश्रीकप्रार कर वदयप्रा।
6. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तररत अदंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवडतप्रा नके अपनके पसूविर करन कप्रा हश्री समररन वकयप्रा।
7.
पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तशुत शपर पत मम कहप्रा रयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 21 विरर्थीय वनदरर नवि-यशुविक हहै तरप्रा उसकप्रा कलोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
8. पकक्षों कके मध्य वदनप्रादंक 21.04.2022 कलो हहए एक सशुलहनप्रामके ककी पवत पप्राररनप्रा पत कके सप्रार सदंलग्न ककी रई हहै , धजसमम यह कहप्रा रयप्रा हहै वक पश्रीवडतप्रा कके बप्राधलर हलोनके कके पश्चप्रात उसककी पप्रारर्थी सके शप्रादश्री ककी जप्राएरश्री , वकन्तशु यवद विह वकसश्री और कलो पसन्द करकके वविविप्राह करनप्रा चप्राहकेरश्री तलो विह स्वितदंत हलोरश्री।
9. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरलोधि करतके हहए कहप्रा वक पश्रीवडतप्रा अवियस्क हहै , पप्राररनप्रा पत ककी नलोवटस वशकप्रायतकतप्रार कलो पशुधलस कके मप्राध्यम सके दश्री जप्रा चशुककी हहै तरप्रा वविविकेचनप्रा मम पप्रारर्थी कके वविरुद आरलोपक्षों ककी पशुवष्टि हहई हहै और वदनप्रादंक 15.04.2025 कलो आरलोप पत पस्तशुत वकयप्रा जप्रा चशुकप्रा हहै।
10. उपरलोक तथ्यक्षों कके दृवष्टिरत, जबवक पश्रीवडतप्रा तरप्रा पप्रारर्थी कके बश्रीच वपछलके चप्रार विररदं सके पकेम सदंबदंधि रके, जबवक पश्रीवडतप्रा तरप्रा पप्रारर्थी दलोनलो हश्री अवियस्क रके;वदनप्रादंक 21.04.2022 कलो पकक्षों कके मध्य भवविष्य मम शप्रादश्री करनके कके धलए समझगौतप्रा हलोनके कके समय भश्री पप्रारर्थी ककी वविविप्राह यलोग्य आयशु नहहीं हहई रश्री ; उपरलोक सशुलहनप्रामके मम पश्रीवडतप्रा कलो यह छसू ट दश्री रई रश्री वक विह यवद भवविष्य मम चप्राहके तलो वकसश्री अन्य व्यवक सके भश्री शप्रादश्री कर सकतश्री हहै ; ऐसश्री कलोई सप्रामगश्री इस स्तर पर उपलब्धि नहहीं हहै, धजससके परम दृष्टियप्रा यह पतश्रीत हलो वक पप्रारर्थी कप्रा आशय पप्रारदंभ सके हश्री पश्रीवडतप्रा कलो धिलोखप्रा दकेनके कप्रा रप्रा एविदं पप्रारर्थी एक 21
विरर्थीय नवि-यशुविक हहै और उसकप्रा कलोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै , विह वदनप्रादंक 13.03.2025 सके जकेल मम वनरुद हहै तरप्रा वविविकेचनप्रा पसूणर हलो चशुककी हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
11. तदनशुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
12.
आविकेदक वविविकेक कशु मप्रार रशुपप्रा कलो वनम्नधलधखत शतरदं कके अधिश्रीन सदंबदंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी सदंतशुवष्टि कके अनशुसप्रार एक व्यवकरत बदंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दलो जमप्रानतम पस्तशुत करनके पर उपरलोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयलोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेडछप्राड नहहीं करकेरप्रा; (ii) आविकेदक अवभयलोजन पक कके सप्रावकयक्षों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी रई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हलोरप्रा। Order Date :- 6.5.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench