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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 138310 (ALL)
RAM BABU @ CHHOTU v. STATE OF U.P. THRU. SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/3806/2025 · 2025-05-05
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 138310 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:25932 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3806 of 2025 Applicant :- Ram Babu @ Chhotu Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Secy. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Diwakar Nath Tiwari Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वदिविप्राकर नप्रार वतिविप्रारश्री तिरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अननंति पतिप्राप धसनंह कको ससुनप्रा तिरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतिश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा सनंवहतिप्रा कके अनंतिगरति पस्तिसुति इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदिमप्रा अपरप्राधि सनंख्यप्रा 325 सन 2024 अन्तिगरति धिप्रारप्रा 64, 351(3) बश्री०एन०एस० वि धिप्रारप्रा 3/4 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा सनंरकण अधधिवनयम रप्रानप्रा औरप्रास धजिलप्रा उनप्रावि मम जिमप्रानति ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदिनप्रानंक 24.12.2024 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर कहप्रा गयप्रा वक जिब वशकप्रायतिकतिर्थी ककी 17 विरर्थीयप्रा पसुतश्री वदिनप्रानंक 16.12.2024 कको दिकोपहर 01:30 बजिके गप्रानंवि कके बप्रागधों मम बकररयप्रानं चरप्रानके गयश्री रश्री , पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार बलपसूविरक दिसुष्कमर वकयप्रा। पश्रीवड़ितिप्रा नके घर आकर वशकप्रायतिकतिर्थी सके घरनप्रा कके बप्रारके मम बतिप्रायप्रा तिब वशकप्रायकतिर्थी नके रप्रानके मम एक धलधखति पप्राररनप्रा-पत वदियप्रा वकन्तिसु पसुधलस नके पश्रीवड़ितिप्रा कप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण नहहीं करप्रायप्रा और मनमप्रावफिक कप्रायरविप्राहश्री करकके दिकोवरयधों कको बचप्रानके कप्रा पयप्रास वकयप्रा।
4. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार वदिनप्रानंक 16.12.2024 कको वशकप्रायतिकतिर्थी दप्रारप्रा पसुधलस कको वदियके गयके 3 पप्राररनप्रा-पतधों ककी पवतियप्रानं सनंलग्न ककी गयश्री हल। एक पप्राररनप्रा -पत मम वशकप्रायतिकतिर्थी नके खकेति मम बकरश्री चलश्री जिप्रानके पर पप्रारर्थी दप्रारप्रा गप्रालश्री वदियके जिप्रानके कप्रा करन वकयप्रा गयप्रा, दिसूसरके पप्राररनप्रा-पत मम पकड़िकर छकेड़िछप्राड़ि करनके कप्रा आरकोप लगप्रायप्रा तिरप्रा तिश्रीसरके पप्राररनप्रा-पत मम जिबरदिस्तिश्री वगरप्राकर दिसुष्कमर करनके एविनं धिमककी दिकेनके कप्रा आरकोप लगप्रायप्रा।
5. पप्रारनंभ मम पसुधलस नके धिप्रारप्रा 170, 126, 135 बश्री०एन०एस० कके अनंतिगरति शप्रानंवति भनंग ककी आशनंकप्रा मम पकधों कप्रा चप्रालप्रान वकयप्रा रप्रा।
6. पश्रीवड़ितिप्रा नके अपनके बयप्रानधों मम परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके करनधों कप्रा समररन वकयप्रा वकन्तिसु वचवकत्सककीय परश्रीकण मम पश्रीवड़ितिप्रा कके शरश्रीर पर बल पयकोग अरविप्रा चकोर कप्रा ककोई वचह्न नहहीं
पप्रायप्रा गयप्रा।
7. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तिसुति शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 23 विरर्थीय वनदिर्दोर नवियसुविक हहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतिहप्रास नहहीं हहै। पप्रारर्थी वदिनप्रानंक 28.01.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम हहै।
8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरकोधि करतिके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम आरकोपधों ककी पसुवष्टि हहई तिरप्रा आरकोप -पत वदिनप्रानंक 30.01.2025 कको पस्तिसुति वकयप्रा जिप्रा चसुकप्रा हहै।
9.
उपरकोक तिथ्यधों कको दृवष्टिगति रखतिके हहए , जिबवक वशकप्रायतिकतिर्थी नके घरनप्रा कके वदिनप्रानंक 16.12.2024 कको 3 अलग-अलग पप्राररनप्रा-पत वदियके धजिनमम तिश्रीन अलग-अलग करन वकयके गयके; परम ससूचनप्रा ररपकोरर वदिनप्रानंक 24.12.2024 कको धलखप्राई गई; लगप्रायके गयके आरकोपधों ककी पसुवष्टि वचवकत्सककीय परश्रीकण आख्यप्रा सके नहहीं हहई हहै ; पप्रारर्थी एक 23 विरर्थीय नवियसुविक हहै; पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतिहप्रास नहहीं हहै विह वदिनप्रानंक 28.01.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम हहै ; वविविकेचनप्रा पसूणर हको चसुककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मति हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानति पर ररहप्रा वकयके जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
10. तिद्नसुसप्रार, जिमप्रानति पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातिप्रा हहै।
11. आविकेदिक रप्रामप्राबप्राबसू उफिर छकोरसू कको वनम्नधलधखति शतिर्दोनं कके अधिश्रीन सनंबनंधधिति मधजिस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी सनंतिसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगति बनंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दिको जिमप्रानतिम पस्तिसुति करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानति पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदिक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदिक अवभयकोजिन पक कके गविप्राहधों पर दिबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदिक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तिय ककी गई पत्यकेक तिप्रारश्रीख पर उपसस्रति हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 5.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench