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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 138222 (ALL)

HAQIQ v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

/3809/2025 · 2025-05-05

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:25972 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3809 of 2025 Applicant :- Haqiq Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Wasim Ahmad Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री विसश्रीम अहमद तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा कक मप्रारश्री वनवकतप्रा वमशप्रा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहतप्रा कके असंतगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 399 सन 2024 अन्तगरत धिप्रारप्रा 103(1) बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा सदरपकर धजिलप्रा सश्रीतप्रापकर मम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रासंक 15.12.2024 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम यह कहप्रा गयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार कप्रा भप्राई रप्रावत मम खप्रानप्रा खप्रानके कके बप्राद चचौरप्राहके पर बनके नयके मकप्रान पर सकोनके चलप्रा गयप्रा रप्रा। सकबह विह ममृत अविस्रप्रा मम तख्त कके नश्रीचके पडप्रा वमलप्रा और धसर कके पश्रीछके गदरन कके पप्रास बप्रासंकके ककी चकोर रश्री। 4. वशकप्रायतकतप्रार नके धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके असंतगरत असंवकत अपनके बयप्रान मम परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके करननों कप्रा समररन वकयप्रा। 5. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम धसर कके पश्रीछके ककी तरफ धिप्रारदप्रार हधरयप्रार सके कप्राररत दको चकोरम पप्रायश्री गयश्री तरप्रा ममृत्यक कप्रा कप्रारण ममृत्यक पसूविर आयश्री चकोरनों ककी विजिह सके ककोमप्रा बतप्रायप्रा गयप्रा। 6. घरनप्रा कके 22 वदन बप्राद वशकप्रायतकतप्रार नके अपनके अवतररक करन मम कहप्रा वक कप्राफकी जिप्रानकप्रारश्री करनके, सकरप्राग लगप्रानके और पप्रारर्थी पर नजिर रखनके सके उसके यककीन हको गयप्रा वक ममृतक कके वनजिश्री ससंबसंधि पप्रारर्थी ककी पत्नश्री कके सप्रार रके धजिस कप्रारण पप्रारर्थी उससके दकश्मनश्री रखतप्रा रप्रा। वदनप्रासंक 14.12.2024 ककी दकोपहर मम जिमश्रीन ककी जिकतप्राई कको लकेकर वविविप्राद वि कहप्रासकनश्री भश्री हहई रश्री। धजिस कप्रारण सके पप्रारर्थी नके उसकके भप्राई ककी हत्यप्रा कर दश्री। 7. ममृतक ककी पत्नश्री और वपतप्रा नके भश्री ऐसप्रा हश्री बयप्रान वदयप्रा। 8. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तकत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 9. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम आरकोपनों ककी पकवष्टि हहई तरप्रा आरकोप -पत वदनप्रासंक 03.02.2025 कको पस्तकत वकयप्रा जिप्रा चककप्रा हहै। 10. उपरकोक तथ्यनों कको दृवष्टिगत रखतके हहए, जिबवक वदनप्रासंक 15.12.2024 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम पप्रारर्थी कको अवभयकक नहहीं बनप्रायप्रा गयप्रा हहै एविसं वदनप्रासंक 14.12.2024 कको कधरत रूप सके जिकतप्राई कको लकेकर हहए झगडके कप्रा ककोई धजिक्र नहहीं वकयप्रा गयप्रा हहै तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार कके बयप्रान मम भश्री ऐसप्रा ककोई करन नहहीं हहै ; घरनप्रा कके 22 वदन बप्राद वदयके गयके अवतररक करन मम वशकप्रायतकतप्रार नके यह कहप्रा वक जिप्रानकप्रारश्री करनके पर उसके ममृतक तरप्रा पप्रारर्थी ककी पत्नश्री कके बश्रीच ससंबसंधिनों कके बप्रारके मम लकोगनों सके पतप्रा लगप्रा वकन्तक उन कधरत लकोगनों कप्रा नप्राम बयप्रान मम असंवकत नहहीं वकयप्रा गयप्रा हहै ; यद्यवप पप्रारर्थी ककी वनशप्रानदकेहश्री पर एक बप्रासंकप्रा बरप्रामद हकोनप्रा कहप्रा गयप्रा वकन्तक बप्रासंकके ककी बरप्रामदगश्री एक खकलके स्रप्रान सके झप्रावडयनों कके नश्रीचके सके ककी गयश्री एविसं बरप्रामदगश्री वनष्पक सप्रावकयनों ककी उपसस्रवत मम नहहीं ककी गयश्री; पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै विह वदनप्रासंक 07.01.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम हहै ; वविविकेचनप्रा पसूणर हको चकककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 11. तद्नकसप्रार, जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 12. आविकेदक कको वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजिस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी ससंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेडछप्राड नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक कके गविप्राहनों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 5.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench