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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 137769 (ALL)

AMRESH KUMAR BAJPAI @ BHAIYALAL AND ANOTHER v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

BAIL/3691/2025 · 2025-05-05

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:25802 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3691 of 2025 Applicant :- Amresh Kumar Bajpai @ Bhaiyalal And Another Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Amar Nath Singh,Rama Kant Jayswal Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री रमप्राकप्रान्त जप्रायसविप्राल तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री रववि शश्रीविप्रास्तवि कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 439 ददं०प०सदं०/483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा सदंवहितप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि सदंख्यप्रा 278 सन 2016, अन्तगरत धिप्रारप्रा 302,147 भप्रा०द०ववि०, रप्रानप्रा-ककोतविप्रालश्री शहिर, धजलप्रा हिरदकोई मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हिहै। 3. वदनप्रानाँक 25.05.2016 कको पप्रारर्थीगण सवहित पप्रानाँच व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक अवभयसुकगण वशकप्रायतकतप्रार कके पसुत कको अपनके सप्रार कदं पनश्री गप्राररन मम नहिप्रानके कके धलए लकेकर गयके रके। अवभयसुकगण कके सप्रार वशकप्रायतकतप्रार कके पसुत कको जप्रातके हिहए वशकप्रायतकतप्रार एविदं उसककी पसुतश्री नके दकेखप्रा। जब कप्राफकी दकेर तक वशकप्रायतकतप्रार कप्रा पसुत विप्रापस नहिहीं आयप्रा तको तलप्राश करनके पर सप्रायदं 7 बजके उसकके पसुत कके धजलप्रा अस्पतप्राल कके आकसस्मक वचवकत्सप्रा विप्रारर मम भतर्थी हिकोनके ककी ससूचनप्रा वकसश्री अजप्रात व्यवक नके वशकप्रायतकतप्रार कके घर पर दश्री तरप्रा उसकप्रा पसुत अस्पतप्राल मम ममृत अविस्रप्रा मम वमलप्रा। वशकप्रायतकतप्रार नके यहि शक व्यक वकयप्रा वक पप्रारर्थी कको वशकप्रायतकतप्रार कके पसुत पर शक रप्रा वक पप्रारर्थी ककी पत्नश्री कके अविहैधि सदंबदंधि वशकप्रायतकतप्रार ककी पत्नश्री सके हिह तरप्रा इस कप्रारण अवभयसुकगण नके उसककी हित्यप्रा कर दश्री। 4. शवि वविच्छकेदन आख्यप्रा मम ममृतक कके धसर कके दप्रावहिनश्री तरफ ससूजन तरप्रा दप्रावहिनश्री ककोहिनश्री पर ससूजन पप्राई गई। ममृत्यसु कप्रा कप्रारण धसर ककी चकोर कके कप्रारण ककोमप्रा बतप्रायप्रा गयप्रा हिहै। 5. वविविकेचनप्रा कके पश्चप्रात वविविकेचक नके अदंवतम आख्यप्रा न्यप्रायप्रालय मम पस्तसुत कर दश्री गई रश्री , वकन्तसु वशकप्रायकतप्रार कके वविरकोधि पर अदंवतम आख्यप्रा अस्विश्रीकप्रार करकके सभश्री अवभयसुकगण कको वविचप्रारण हिकेतसु तलब वकयप्रा गयप्रा। 6. तलबश्री आदकेश वदनप्रादंक 18.12.2020 मम वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके यहि अदंवकत वकयप्रा हिहै वक वविविकेचक कको वशकप्रायतकतप्रार नके अपनके वविरकोधि पप्राररनप्रा पत मम करन वकयप्रा वक उसकके पसुत कको अवभयसुकगण दप्रारप्रा कदं पनश्री गप्राररन मम मप्रारके-पश्रीरके जप्रानके कके कई सप्राक्ष्य ममौजसूद हिह, वकन्तसु ऐसप्रा ककोई भश्री सप्राक्ष्य इस स्तर पर वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक पस्तसुत नहिहीं वकयप्रा गयप्रा हिहै। वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके मप्रात यहि पप्रायप्रा वक पकरण कके तथ्य अवभयसुकगण ककी भसूवमकप्रा पर पश्नवचन्हि लगप्रातके हिह और वविविकेचनप्रा ककी वनष्पकतप्रा पर भश्री पश्नवचन्हि लगप्रातके हिह तरप्रा इस कप्रारण सके वविविकेचक दप्रारप्रा पस्तसुत अदंवतम आख्यप्रा वनरस्त कर दश्री गई एविदं अवभयसुकगण कको तलब कर धलयप्रा गयप्रा। 7. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थीगण वनदर्दोष हिह तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहिप्रास नहिहीं हिहै। 8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके दको अन्य पकरणयों मम पप्रारर्थी ककी सदंधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री। 9. एक पसूरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके यहि कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी कको अन्य दकोनयों पकरणयों मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयके जप्रानके कप्रा आदकेश न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा हिको चसुकप्रा हिहै। 10. एक सहि-अवभयसुक अदंशसू शसुक्लप्रा कको जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत सदंख्यप्रा 1490 सन 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रादंक 03.03.2025 दप्रारप्रा तरप्रा सहि-अवभयसुक रप्राहिहल धसदंहि कको जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत सदंख्यप्रा 2547 सन 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रादंक 02.04.2025 दप्रारप्रा वनयवमत जमप्रानत पदप्रान ककी जप्रा चसुककी हिहै। 11. उपरकोक तथ्ययों कके दृवष्टिगत , जबवक घरनप्रा वदनप्रादंक 15.05.2016 एविदं परम ससूचनप्रा ररपकोरर, दस वदन बप्राद वदनप्रादंक 25.05.2016 कको धलखप्राई गई; परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम मप्रात पप्रारर्थीगण कके वविरुद्ध सदंदकेहि व्यक वकयप्रा गयप्रा , वविविकेचनप्रा कके दमौरप्रान वविविकेचक नके आरकोपयों कको पसुष्टि हिकोनप्रा नहिहीं पप्रायप्रा; यद्यवप अदंवतम आख्यप्रा कके वविरुद्ध पस्तसुत आपधत्ति मम वशकप्रायतकतप्रार नके कहिप्रा वक अवभयसुकगण दप्रारप्रा ममृतक कको मप्रारके -पश्रीरके जप्रानके कके कई सप्राक्ष्य ममौजसूद हिह , ऐसप्रा ककोई सप्राक्ष्य न्यप्रायप्रालय कके समक इस स्तर पर उपलब्धि नहिहीं हिहै , पप्रारर्थीगण कको मप्रात पररसस्रवतययों कके आधिप्रार पर सदंदकेहि कके कप्रारण वविचप्रारण हिकेतसु आहिहत वकयप्रा गयप्रा हिहै तरप्रा दको सहि-अवभयसुकयों कको जमप्रानत वमल चसुककी हिहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पप्रारर्थीगण भश्री जमप्रानत पर ररहिप्रा वकए जप्रानके कके अधधिकप्रारश्री हिह। 12. तदनसुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। 13. आविकेदकगण अमरकेश कसु मप्रार बप्राजपकेयश्री तरप्रा सदंजय कसु मप्रार वमशप्रा कको वनम्नधलधखत शतयों कके अधिश्रीन सदंबदंधधित मधजस्रटकेर न्यप्रायप्रालय ककी सदंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बदंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राए: - (1) आविकेदकगण अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहिहीं करमगके; (ii) आविकेदकगण अवभयकोजन पक कके सप्रावकययों पर दबप्रावि नहिहीं रप्रालमगके; (iii) आविकेदकगण वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हियोंगके। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 5.5.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench