Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 137747 (ALL)

OPENDRA @ JITENDRA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO AND 3 OTHERS

BAIL/3722/2025 · 2025-05-02

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:25313 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3722 of 2025 Applicant :- Opendra @ Jitendra Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko And 3 Others Counsel for Applicant :- Sudhaker Prakash Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससुधिप्राकर पकप्राश तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री जययंत धसयंह ततोमर कतो ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलतोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा सयंवहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि सयंख्यप्रा 0147 सन 2025, अन्तगरत धिप्रारप्रा 137(2), 87, 64 बश्री०एन०एस एवियं 3/4 पपॉक्सतो एक्ट, रप्रानप्रा- लहरपसुर, धजलप्रा-सश्रीतप्रापसुर मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रायंक 18.03.2025 कतो पप्रारर्थी तरप्रा उसकके वपतप्रा सवहत कसु ल 8 व्यवकयय कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपतोटर मम वशकप्रायतकतप्रार नके कहप्रा वक वदनप्रायंक 15.03.2025 कतो जब उसककी 16 विरर्थीय बहन मसुदप्राशन जप्रा रहश्री रश्री, रप्रास्तके मम विह ऑटतो सके उतर गई तरप्रा विहहीं सके पप्रारर्थी उसके बहलप्रा -फसु सलप्रा कर अपनके सप्रार भगप्रा लके गयप्रा, धजसमम अन्य सभश्री अवभयसुकगण भश्री शप्रावमल हह। 4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगरत अयंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके अपनश्री आयसु 19 विरर बतप्राई तरप्रा उसनके कहप्रा वक उसनके स्विययं पप्रारर्थी कतो फतोन करकके बसुलप्रायप्रा एवियं उसकके सप्रार नतोयडप्रा चलश्री गई। विह दतोनय लतोग अलग-अलग कमरके मम रहके तरप्रा उसकके सप्रार वकसश्री नके जतोर जबरदस्तश्री नहहीं ककी। विह अपनके घर विप्रालय सके नप्रारप्राज हतोकर गई रश्री। 5. पश्रीवड़ितप्रा नके वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके इयंकप्रार कर वदयप्रा हहै। शहैवकक पमप्राण पत कके अनसुसप्रार उसककी जन्म वतधर 08.10.2008 अयंवकत हहै। 6. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगरत अयंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके यह कहप्रा वक विह पप्रारर्थी कतो लगभग 2-3 विरर सके जप्रानतश्री हहै, उसनके लगभग 6 मप्राह पसूविर पप्रारर्थी सके एक मयंवदर मम शप्रादश्री कर लश्री रश्री और उसकके घर मम खसुशश्री सके रह रहश्री रश्री। पश्रीवड़ितप्रा नके स्पष्ट रूप सके कहप्रा वक विह अपनश्री मजर्थी सके पप्रारर्थी कके सप्रार गई रश्री और पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार कतोई जबरदस्तश्री नहहीं ककी। विह पप्रारर्थी सके प्यप्रार करतश्री हहै और हमकेशप्रा उसश्री कके सप्रार रहनप्रा चप्राहतश्री हहै। 7. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 21 विरर्थीय वनदर्दोर नवि-यविक हहै तरप्रा उसकप्रा कतोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरतोधि करतके हहए कहप्रा वक पकरण मम वविविकेचनप्रा अभश्री पचधलत हहै। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके यह भश्री कहप्रा वक पप्राररनप्रा पत ककी ससूचनप्रा वशकप्रायतकतर्थी /पश्रीवड़ितप्रा कतो पसुधलस कके मप्राध्यम सके दश्री जप्रा चसुककी हहै। 9. उपरतोक तथ्यय कके दृवष्टगत, जबवक पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके बयप्रान मम अपनके स्विययं कतो बप्राधलग हतोनप्रा कहप्रा हहै एवियं उसनके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध कतोई भश्री आरतोप नहहीं लगप्रायप्रा; पप्रारर्थी एक 21 विरर्थीय नवि-यविक हहै, धजसकप्रा कतोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै एवियं विह वदनप्रायंक 26.03.2025 सके जकेल मम वनरुद्ध हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 10. तदनसुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 11. आविकेदक ओपकेन्द @धजतकेन्द कतो वनम्नधलधखत शतर्दोयं कके अधिश्रीन सयंबयंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी सयंतसुवष्ट कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बयंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दतो जमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरतोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयतोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयतोजन पक कके सप्रावकयय पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हतोगप्रा। Order Date :- 2.5.2025/Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench