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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 137672 (ALL)
CHHOTU v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. HOME GOVT. OF U.P. LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/3727/2025 · 2025-05-02
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 137672 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:25317 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3727 of 2025 Applicant :- Chhotu Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Home Govt. Of U.P. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Vimal Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वविमल कक मप्रार तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री जययंत धसयंह ततोमर कतो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलतोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा सयंवहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि सयंख्यप्रा 299 सन 2024, अन्तगरत धिप्रारप्रा 137(2), 87, 64 बश्री०एन०एस एवियं 3/4 पपॉक्सतो एक्ट, रप्रानप्रा- जप्रामतो, धजलप्रा-अमकेठश्री मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रानाँक 09.12.2024 कतो पप्रारर्थी तरप्रा उसकके पररविप्रार विप्राललों कके वविरुद धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपतोटर मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक पप्रारर्थी उसककी 15 विरर्थीय पकतश्री कतो वदनप्रायंक 03.12.2024 ककी शप्राम कतो बहलप्रा -फक सलप्रा कर भगप्रा लके गयप्रा।
4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगरत अयंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके कहप्रा वक उसककी आयक 16 विरर हहै। विह पप्रारर्थी कके सप्रार लखनऊ गई रश्री और उससके शप्रादश्री कर लश्री हहै। पश्रीवड़ितप्रा नके कहप्रा हहै वक पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार कतोई गलत कप्राम नहहीं वकयप्रा हहै।
5. वचवकत्सककीय परश्रीकण मम पश्रीवड़ितप्रा कके शरश्रीर पर चतोट अरविप्रा बल पयतोग कप्रा कतोई वचन्ह नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा हहै। रकेवडियतोलपॉधजकल परश्रीकण मम उसककी आयक लगभग 16 विरर बतप्राई गई हहै।
6. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगरत अयंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा
नके कहप्रा वक उसकके पप्राप नके उसके पप्रारर्थी सके बप्रात करतके हहए दकेख धलयप्रा रप्रा और इस कप्रारण सके उसके मप्रारतके रके एवियं उसकके मप्रानाँ बतोलतश्री रश्री वक धजससके बप्रात करतश्री हतो उसकके सप्रार भप्राग जप्राओ और इसधलए विह पप्रारर्थी कके सप्रार अपनश्री मजर्थी सके चलश्री गई और उसनके शप्रादश्री कर लश्री। पश्रीवड़ितप्रा नके कहप्रा वक पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार कक छ गलत नहहीं वकयप्रा हहै।
7. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 20 विरर्थीय वनदर्दोर नवि-यकविक हहै तरप्रा उसकप्रा कतोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
8. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरतोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम पप्रारर्थी कके वविरुद आरतोपलों ककी पकवष्टि हहई हहै और वदनप्रायंक 21.01.2025 कतो आरतोप पत पस्तकत वकयप्रा जप्रा चककप्रा हहै।
9.
उपरतोक तथ्यलों कके दृवष्टिगत, जबवक पश्रीवड़ितप्रा नके अपनके वकसश्री भश्री बयप्रान मम पप्रारर्थी कके वविरुद कतोई करन नहहीं वकयप्रा हहै , पप्रारर्थी एक 20 विरर्थीय नवि-यकविक हहै, धजसकप्रा कतोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। विह वदनप्रायंक 13.12.2024 सके जकेल मम वनरुद हहै तरप्रा वविविकेचनप्रा पसूणर हतो चकककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
10. तदनकसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
11. आविकेदक छतोटसू कतो वनम्नधलधखत शतर्दोयं कके अधिश्रीन सयंबयंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी सयंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बयंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दतो जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरतोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयतोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयतोजन पक कके सप्रावकयलों पर दबप्रावि नहहीं डिप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हतोगप्रा। Order Date :- 2.5.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench