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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 137593 (ALL)

PINTU v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS

BAIL/3724/2025 · 2025-05-02

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:25316 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3724 of 2025 Applicant :- Pintu Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Sukh Deo Singh,Paritosh Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री पप्राररिततोष शशुक्लप्रा तरप्रा वविदप्रान अपरि शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री जययंत धसयंह ततोमरि कतो सशुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलतोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारिप्रा 483 भप्रारितश्रीय नप्रागररिक सशुरिकप्रा सयंवहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तशुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारिप्रा पप्रारर्थी नके मशुकदमप्रा अपरिप्राधि सयंख्यप्रा 44 सन 2025, अन्तगरत धिप्रारिप्रा 70 (2), 74, 351(2)बश्री०एन०एस एवियं 5/6,7/8 पपॉक्सतो एक्ट, 3(1) (w), 3(2)(va), 3(2)(v) एस०सश्री०/एस०टश्री० एक्ट, रप्रानप्रा-बप्राजप्रारिशशुक्ल, धजलप्रा-अमकेठश्री मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रानाँक 27.02.2025 कतो धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररिपतोटर मम पप्रारर्थी सवहत तश्रीन व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररिपतोटर मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक जब उसककी 16 विषर्थीय पशुतश्री वदनप्रायंक 23.02.2025 ककी रिप्रात मम गप्रानाँवि ककी लड़वकययों कके सप्रार ननौटयंककी दकेखनके गई रश्री , उसकके बप्राहरि जप्रानके परि पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार छकेड़खप्रानश्री ककी। अन्य दतोनयों अवभयशुकयों नके उसके दकेख धलयप्रा इस परि पप्रारर्थी मनौकके सके भप्राग गयप्रा एवियं इस बप्रात कतो गप्रानाँवि मम बतप्रा दकेनके कप्रा डरि वदखप्राकरि दतोनयों सह -अवभयशुकयों नके वशकप्रायतकतर्थी ककी पशुतश्री कतो मतोटरिसप्राइवकल परि बहैठप्राकरि बशुरिश्री वनयत सके छकेड़ड़़खप्रानश्री ककी। पश्रीवड़तप्रा कके वचलप्रानके परि जब कशु छ लतोग दनौड़के ततो दतोनयों अवभयशुकगण भप्राग गए। 4. धिप्रारिप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगरत अयंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके नप्राच दकेखकरि विप्रापस आतके समय पप्रारर्थी दप्रारिप्रा सरिसयों कके खकेत मम गलत कप्राम करिनके कप्रा करन वकयप्रा हहै तरप्रा उसनके यह भश्री कहप्रा वक अन्य सह-अवभयशुकयों कतो दकेख करि पप्रारर्थी विहप्रानाँ सके भप्राग गयप्रा औरि अन्य दतोनयों सह - अवभयशुकयों नके उसकके सप्रार जबरिदस्तश्री गलत कप्राम वकयप्रा हहै। 5. वचवकत्सककीय परिश्रीकण मम पश्रीवड़तप्रा कके शरिश्रीरि परि चतोट अरविप्रा बल पयतोग कप्रा कतोई वचन्ह नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा हहै। पश्रीवड़तप्रा ककी आयशु लगभग 17 विषर बतप्राई गई हहै। वचवकत्सक कके समक वदए गए अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके कहप्रा वक पप्रारर्थी सके लगभग एक विषर सके उसकप्रा पकेम -पसयंग चल रिहप्रा हहै। पश्रीवड़तप्रा नके स्विययं हश्री पप्रारर्थी कतो वमलनके कके धलए बशुलप्रायप्रा रप्रा, वकन्तशु विहप्रानाँ दतोनयों सह-अवभयशुक आ गए एवियं पप्रारर्थी भप्राग गयप्रा। पश्रीवड़तप्रा नके दतोनयों सह -अवभयशुकयों दप्रारिप्रा उसकके सप्रार जबरिन शप्रारिश्रीररिक सयंबयंधि बनप्रानके एवियं धिमकप्रा करि उसके खशुद हश्री मतोटरिसप्राइवकल सके सड़क तक छतोड़नके कप्रा करन वकयप्रा हहै। 6. धिप्रारिप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगरत अयंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध कतोई भश्री करन नहहीं वकयप्रा हहै तरप्रा उसनके सह -अवभयशुक सतोनसू दप्रारिप्रा बलप्रात्कप्रारि करिनके कप्रा आरितोप लगप्रायप्रा हहै। 7. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तशुत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 20 विषर्थीय वनदर्दोष नवि-यशुविक हहै। शपर पत कके पस्तरि 23 मम धिप्रारिप्रा 427, 506, 504, 352 भप्रा०दयं०सयं० कके एक अन्य पकरिण मम पप्रारर्थी कके सयंधलप्ततप्रा दशप्रारई गई हहै, धजसमम उसके जमप्रानत वमल चशुककी हहै। 8. वविदप्रान अपरि शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरितोधि करितके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरितोपयों ककी पशुवष्टि हहई हहै औरि वदनप्रायंक 19.03.2025 कतो आरितोप पत पस्तशुत वकयप्रा जप्रा चशुकप्रा हहै। उन्हयोंनके यह भश्री कहप्रा वक इस पप्राररनप्रा पत ककी ससूचनप्रा वशकप्रायतकतर्थी/पश्रीवड़तप्रा कतो पशुधलस दप्रारिप्रा दश्री जप्रा चशुककी हहै। 9. उपरितोक तथ्ययों कके दृवष्टिगत, जबवक वचवकत्सक कके समक वदए गए बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके लगभग एक विषर सके पप्रारर्थी कके सप्रार पकेम -पकेसयंग हतोनप्रा कहप्रा हहै एवियं मधजस्टटकेट कके समक वदए गए बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध कतोई करन नहहीं वकयप्रा हहै; पप्रारर्थी एक 20 विषर्थीय नवि-यशुविक हहै, जतो वदनप्रायंक 23.01.2025 सके जकेल मम वनरुद्ध हहै तरप्रा वविविकेचनप्रा पसूणर हतो चशुककी हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत परि ररिहप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारिश्री हहै। 10. तदनशुसप्रारि, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रारि वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 11. आविकेदक वपयंटसू कतो वनम्नधलधखत शतर्दोयं कके अधिश्रीन सयंबयंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी सयंतशुवष्टि कके अनशुसप्रारि एक व्यवकगत बयंधिपत औरि समप्रान रिप्रावश ककी दतो जमप्रानतम पस्तशुत करिनके परि उपरितोक मप्रामलके मम जमप्रानत परि ररिहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयतोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करिकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयतोजन पक कके सप्रावकययों परि दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारिण न्यप्रायप्रालय दप्रारिप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर परि उपसस्रत हतोगप्रा। Order Date :- 2.5.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench