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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 137566 (ALL)

SARVESH KUMAR GAUTAM @ SHERU KUMAR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. HOME CIVIL SECTT. LKO

BAIL/3867/2025 · 2025-05-08

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:26893 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3867 of 2025 Applicant :- Sarvesh Kumar Gautam @ Sheru Kumar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Home Civil Sectt. Lko Counsel for Applicant :- Sant Vijay Singh Counsel for Opposite Party :- G.A Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससंत वविजय धससंह, वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री रप्राजश्रीवि कमप्रार विमप्रार तरप्रा वशकप्रायतकतर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अवमतकेष पतप्राप धससंह कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससंवहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 0137 सनन् 2025, अन्तगरत धिप्रारप्रा 69, 351(3) बश्री०एन०एस, रप्रानप्रा-वचिनहट, धजलप्रा-लखनऊ मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रासंक 28.03.2025 कको धलखप्राई गई परम ससूचिनप्रा ररपकोटर मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक पप्रारर्थी उसकके पडकोस मम रहतप्रा रप्रा तरप्रा विह विषर 2020 सके विश्रीवडियको ककॉल, विकॉइस चिहैट वि चिहैट वकयप्रा करतप्रा रप्रा। शप्रादश्री कप्रा झप्रासंसप्रा दकेकर पप्रारर्थी नके कई बप्रार वशकप्रायतकतर्थी कके सप्रार शप्रारश्रीररक ससंबसंधि बनप्राए, कभश्री पप्रारर्थी वशकप्रायतकतर्थी कके घर जप्रातप्रा रप्रा कभश्री वशकप्रायतकतर्थी पप्रारर्थी कके घर जप्रातश्री रश्री। इसकके उपरप्रासंत पप्रारर्थी नके वशकप्रायतकतर्थी सके शप्रादश्री करनके सके मनप्रा कर वदयप्रा एविसं उसकके वनजश्री फकोटको सप्राविरजवनक करनके ककी धिमककी दश्री। 4. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 5. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम तरप्रा वशकप्रायतकतर्थी कके अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरकोधि वकयप्रा। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम नके कके स डिप्रायरश्री कके ससंगत असंश न्यप्रायप्रालय कके अविलकोकन कके धलए पस्तसुत वकए। 6. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगरत असंवकत अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतर्थी नके विषर 2020 सके पप्रारर्थी कके सप्रार ससंबसंधि हकोनप्रा तरप्रा विषर 2023 मम वशकप्रायतकतर्थी कके घर मम पहलश्री बप्रार शप्रारश्रीररक ससंबसंधि बनप्रानके कप्रा करन वकयप्रा हहै और उसनके यह भश्री कहप्रा वक पप्रारर्थी नके कहप्रा रप्रा वक विह वशकप्रायतकतर्थी सके शप्रादश्री करकेगप्रा। बप्राद मम पप्रारर्थी नके वशकप्रायतकतर्थी सके शप्रादश्री करनके सके इसंकप्रार कर वदयप्रा। 7. पश्रीवडतप्रा कके वचिवकत्सककीय परश्रीकण मम चिकोट अरविप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई वचिन्ह नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा हहै। 8. शहैवकक पमप्राण पत कके अनसुसप्रार पश्रीवडतप्रा ककी जन्म वतधर वदनप्रासंक 08.02.2025 हहै। 9. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगरत असंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवडतप्रा नके अपनके पसूविर करन कको हश्री दकोहरप्रायप्रा हहै। 10. वशकप्रायतकतर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके न्यप्रायप्रालय कको कसु छ फकोटकोगप्राफ्स वदखप्राए, धजसमम वशकप्रायतकतर्थी पप्रारर्थी कके सप्रार पगप्राढ़ ससंबसंधिधों मम वदख रहश्री हहै। 11. उपरकोक तथ्यधों कके दृवष्टिगत , जबवक वशकप्रायतकतर्थी वपछलके चिप्रार विषर सके पप्रारर्थी कके सप्रार पकेम ससंबसंधि मम रश्री तरप्रा उसनके विषर 2023 सके पप्रारर्थी दप्रारप्रा शप्रारश्रीररक ससंबसंधि बनप्रानप्रा कहप्रा हहै, जबवक वशकप्रायतकतर्थी वियस्क हको चिसुककी रश्री; यद्यवप वशकप्रायतकतर्थी कप्रा करन हहै वक पप्रारर्थी उसकके असंतरसंग फकोटको सप्राविरजवनक करनके ककी धिमककी दके रहप्रा हहै, वकसं तसु विह फकोटको स्वियसं वशकप्रायतकतर्थी कके अधधिविकप्रा नके न्यप्रायप्रालय कको वदखप्राए हह; पप्रारर्थी तरप्रा वशकप्रायतकतर्थी दकोनधों हश्री यसुविप्राविय कके व्यवक हह एविसं दकोनधों हश्री वियस्क हह, उनमम ससंबसंधि आपसश्री सहमवत सके बनके हह तरप्रा इस स्तर पर यह नहहीं कहप्रा जप्रा सकतप्रा हहै वक पप्रारर्थी कप्रा आशय पप्रारसंभ सके हश्री वशकप्रायतकतर्थी कको धिकोखप्रा दकेनके कप्रा रप्रा ; पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै, विह वदनप्रासंक 29.03.2025 सके जकेल मम वनरुद्ध हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 12. तदनसुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 13. आविकेदक सविरश कसु मप्रार गगौतम उफर शकेरू कसु मप्रार कको वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेडछप्राड नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके सप्रावकयधों पर दबप्रावि नहहीं डिप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचिप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हकोगप्रा। Order Date :- 8.5.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench