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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 137523 (ALL)
ANAND KUMAR @ ANAND DEV v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 3 OTHERS
BAIL/3842/2025 · 2025-05-06
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 137523 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:26092 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3842 of 2025 Applicant :- Anand Kumar @ Anand Dev Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Suresh Kumar Yadav Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससुरकेश कसु मप्रार यप्रादवि तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री अनसुरप्राग विमप्रार्मा कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 439 ददं०प०सदं० मम पस्तसुत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि सदंख्यप्रा 109 सन 2025, अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 376(3), 313, 504, 506 भप्रा०द०ववि० एविदं 5(j)(ii)/6 पपॉक्सको एक्ट, रप्रानप्रा-घसुदंघटकेर, धजिलप्रा-बप्रारप्राबदंककी मम जिमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रादंक 25.03.2025 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक उसककी आयसु 17 विरर्मा हहै, शप्रादश्री कप्रा झप्रादंसप्रा दकेकर पप्रारर्थी लगभग 4 विरर्मा सके उसकप्रा शप्रारश्रीररक शकोरण करतप्रा चलप्रा आ रहप्रा हहै तरप्रा इस बश्रीच विह तश्रीन बप्रार गभर्मावितश्री भश्री हको चसुककी हहै , पत्यकेक बप्रार पप्रारर्थी नके दविप्रा धखलप्रा कर उसकप्रा गभर्मापप्रात करप्रा वदयप्रा। अब पप्रारर्थी कको जिप्रानकप्रारश्री हहई वक पप्रारर्थी वकसश्री अन्य व्यवक सके शप्रादश्री करनप्रा चप्राहतप्रा हहै। वशकप्रायतकतर्थी नके यह भश्री कहप्रा वक पप्रारर्थी नके उसके अश्लश्रील फकोटको विप्रायरल करनके ककी धिमककी भश्री दश्री।
4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगर्मात अदंवकत अपनके बयप्रान मम वशकप्रायतकतर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपकोटर्मा कके करननों कप्रा समरर्मान वकयप्रा।
5. वचवकत्सककीय परश्रीक्षण मम पश्रीवड़ितप्रा ककी आयसु लगभग 18 विरर्मा बतप्राई गई तरप्रा पश्रीवडडि़तप्रा कके शरश्रीर पर चकोट अरविप्रा बल पयकोग कप्रा ककोई वचन्ह नहह वमलप्रा। पहैरकोलपॉजिश्री जिप्राजाँच मम विश्रीयर्मा ककी उपसस्रवत नहह पप्राई गई।
6. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगर्मात अदंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा नके अपनश्री आयसु 17 विरर्मा बतप्राई तरप्रा यह कहप्रा वक पप्रारर्थी उसकप्रा ररस्तकेदप्रार हहै धजिसके विह लगभग पप्राजाँच विररदं सके जिप्रानतश्री हहै और प्यप्रार करतश्री हहै , लगभग तश्रीन विरर्मा छछः मप्राह सके उनकके बश्रीच मम शप्रारश्रीररक सदंबदंधि हह। विरर्मा 2023 मम वशकप्रायतकतर्थी गभर्मावितश्री हको गई रश्री , तब पप्रारर्थी नके उसकको दविप्रा दश्री धजिससके उसकप्रा गभर्मापप्रात हको गयप्रा। घर विप्रालनों दप्रारप्रा शप्रादश्री करनके पर पप्रारर्थी रप्राजिश्रीड हको गयप्रा रप्रा तरप्रा दको बप्रार और उसनके वशकप्रायतकतर्थी कप्रा गभर्मापप्रात करविप्रायप्रा रप्रा , अब पप्रारर्थी पश्रीवड़ितप्रा सके शप्रादश्री करनके सके मनप्रा कर रहप्रा हहै।
7. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदरर हहै तरप्रा उसकप्रा ककोई पसूविर्मा आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहह हहै।
8.
वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरकोपनों ककी पसुवष्टि हहई हहै और वदनप्रादंक 22.04.2025 कको आरकोप पत पस्तसुत वकयप्रा जिप्रा चसुकप्रा हहै। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम नके यह भश्री कहप्रा वक पश्रीवड़ितप्रा घटनप्रा कके समय अवियस्क रश्री तरप्रा पप्रारर्थी कके वविरुद्ध लगप्राए गए आरकोप गदंभश्रीर पकक वत कके हह , धजिनककी पसुवष्टि वविविकेचनप्रा मम हहई हहै।
9. उपरकोक तथ्यनों कके दृवष्टिगत, जिबवक पश्रीवड़ितप्रा कके करननों कके अनसुसप्रार पप्रारर्थी उसकप्रा ररस्तकेदप्रार हहै, उनकके मध्य छछः विररदं सके जिप्रान-पहचप्रान एविदं पकेम सदंबदंधि हहै तरप्रा 31/2 विररदं सके शप्रारश्रीररक सदंबदंधि हहै ; पश्रीवडडि़तप्रा तश्रीन बप्रार गभर्मावितश्री हहई एविदं उसकप्रा गभर्मापप्रात हहआ, वकन्तसु इस सदंबदंधि मम उसनके ककोई वशकप्रायत नहह ककी।
10. इस स्तर पर परम दृष्टियप्रा यह सदंतकोर नहह व्यक वकयप्रा जिप्रा सकतप्रा वक पप्रारर्थी कप्रा आशय पप्रारदंभ सके हश्री पश्रीवड़ितप्रा कको धिकोखप्रा दकेनके कप्रा हहै। पप्रारर्थी कप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहह हहै, विह वदनप्रादंक 26.03.2025 सके जिकेल मम वनरुद्ध हहै तरप्रा वविविकेचनप्रा पसूणर्मा हको चसुककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जिमप्रानत पर ररहप्रा वकए जिप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
11. तदनसुसप्रार, जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
12. आविकेदक आनदंद कसु मप्रार @ आनदंद दकेवि कको वनम्नधलधखत शतरदं कके अधिश्रीन सदंबदंधधित मधजिस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी सदंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बदंधिपत
और समप्रान रप्रावश ककी दको जिमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजिन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़िछप्राड़ि नहह करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजिन पक्ष कके सप्रावक्षयनों पर दबप्रावि नहह डि़प्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हकोगप्रा। Order Date :- 6.5.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench