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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 137316 (ALL)

RAHUL YADAV v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 3 OTHERS

BAIL/3634/2025 · 2025-04-30

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:24669 Court No. - 15 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3634 of 2025 Applicant :- Rahul Yadav Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Krishna Mohan Srivastava,Satyam Pandey Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री कक ष्ण ममोहन शश्रीविप्रास्तवि तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अशमोक शश्रीविप्रास्तवि कमो ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलमोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससंवहतप्रा (B.N.S.S.) मम पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 0608 सन 2024, अन्तगरत धिप्रारप्रा 137(2), 64(2)(m), 87 बश्री०एन०एस एविसं 5/6 पपॉक्समो एक्ट, 3(2)(V) एस.सश्री./एस.टश्री एक्ट, रप्रानप्रा- गसुरुबक्स गसंज, धजलप्रा-रप्रायबरकेलश्री मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रासंक 17.12.2024 कमो धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपमोटर मम वशकप्रायतकतप्रार नके कहप्रा वक उसककी 17 विरर्थीय पसुतश्री वदनप्रासंक 16.12.2024 कमो वदन मम 12 बजके रप्रायबरकेलश्री कम्प्यसूटर सश्रीखनके जप्रानकेके कमो कहकर वनकलश्री, वकन्तसु विप्रापस नहहीं आई। परम ससूचनप्रा ररपमोटर मम यह भश्री कहप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार ककी पसुतश्री चमोरश्री-वछिपके अजप्रात लड़कके सके फमोन पर बप्रातचश्रीत करतश्री रश्री तरप्रा विहश्री लड़कप्रा उसके भगप्रा लके गयप्रा हमोगप्रा। विह अपनके सप्रार कसु छि जकेविर वि रु० 5000/- एविसं ज़रूरश्री कप्रागजप्रात भश्री लकेकर गई। 4. धिप्रारप्रा 180 बश्री०एन०एस०एस० कके अन्तगरत असंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके अपनश्री आयसु 171/2 विरर बतप्राई तरप्रा कहप्रा वक विह बश्री०ए० परम विरर मम पढ़ रहश्री हहै। विह पप्रारर्थी सके फमोन पर बप्रात वकयप्रा करतश्री रश्री तरप्रा विह अपनश्री मजर्थी सके पप्रारर्थी कके सप्रार गई और उसकके सप्रार पत्नश्री ककी तरह रहश्री। पश्रीवड़तप्रा नके यह भश्री कहप्रा वक विह पप्रारर्थी सके प्यप्रार करतश्री हहै और उसश्री सके शप्रादश्री करनप्रा चप्राहतश्री हहै। पश्रीवड़तप्रा नके अपनप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके इसंकप्रार कर वदयप्रा हहै। 5. धिप्रारप्रा 183 बश्री०एन०एस०एस कके अन्तगरत असंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके अपनके पसूविर करन कमो हश्री दमोहरप्रायप्रा हहै। 6. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तसुत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी एक 20 विरर्थीय वनदर्दोर नवि-यसुविक हहै तरप्रा उसकप्रा कमोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 7. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरमोधि करतके हहए कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरमोपपों ककी पसुवष्टि हहई हहै और वदनप्रासंक 14.01.2025 कमो आरमोप पत पस्तसुत वकयप्रा जप्रा चसुकप्रा हहै। 8. उपरमोक तथ्यपों कके दृवष्टिगत, जबवक पश्रीवड़तप्रा एविसं पप्रारर्थी दमोनपों हश्री यसुविप्राविय कके व्यवक हह तरप्रा पश्रीवड़तप्रा घटनप्रा कके समय वियस्क हमोनके सके मप्रात कसु छि हश्री कम आयसु ककी रश्री; पश्रीवड़तप्रा नके अपन करनपों मम पप्रारर्थी कके वविरुद्ध कमोई भश्री आरमोप नहहीं लगप्रायप्रा हहै तरप्रा उसनके वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके इसंकप्रार कर वदयप्रा हहै; पप्रारर्थी एक नवि-यसुविक हहै और उसकप्रा कमोई आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै एविसं विह वदनप्रासंक 09.01.2025 सके जकेल मम वनरुद्ध हहै तरप्रा वविविकेचनप्रा पसूणर हमो चसुककी हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 9. तदनसुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 10. आविकेदक रप्राहहल यप्रादवि कमो वनम्नधलधखत शतर्दोसं कके अधिश्रीन ससंबसंधधित मधजस्टटकेट/न्यप्रायप्रालय ककी ससंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दमो जमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरमोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयमोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छिकेड़छिप्राड़ नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयमोजन पक कके सप्रावकयपों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनयत ककी गई पत्यकेक वतधर पर उपसस्रत हमोगप्रा। Order Date :- 30.4.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench